अवैध साइकोट्रोपिक दवा नेटवर्क का भंडाफोड़: 19.70 लाख टैबलेट बरामद, पिता-पुत्र समेत 5 गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली की नॉर्थ-ईस्ट डिस्ट्रिक्ट पुलिस ने 25 जुलाई को एक बड़े अंतर-राज्यीय साइकोट्रोपिक दवा तस्करी गिरोह का पर्दाफाश किया, जिसके सदस्य दिल्ली, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में अवैध रूप से प्रतिबंधित दवाओं की खरीद, भंडारण और आपूर्ति कर रहे थे। पुलिस ने इस कार्रवाई में 19.70 लाख से अधिक ट्रामाडोल और अल्प्राजोलम टैबलेट व कैप्सूल (470.686 किलोग्राम) के साथ एक टाटा सफारी और एक मारुति बलेनो बरामद की।
मुख्य घटनाक्रम
जाँच की शुरुआत पहले से गिरफ्तार आरोपियों शिवम गुप्ता और वीरपाल गुप्ता से हुई लगातार पूछताछ से हुई। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने नदीम (उम्र 30 वर्ष), पुत्र मोहम्मद नईम, निवासी राजीव नगर, को पकड़ा, जो चांदनी चौक स्थित भागीरथ पैलेस से अपना कारोबार चला रहा था। उसके पास से ट्रामाडोल के 24 कैप्सूल (5 ग्राम), ट्रामाडोल की 16 गोलियाँ (10 ग्राम) और अल्प्राजोलम की 30 गोलियाँ (3 ग्राम) बरामद की गईं।
नदीम द्वारा अपने सप्लायर की पहचान बताने के बाद पुलिस की एक विशेष टीम ने उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में छापा मारकर नवनीत (उम्र 35 वर्ष) को गिरफ्तार किया।
नोएडा गोदाम में भारी बरामदगी
पुलिस कस्टडी रिमांड के दौरान नवनीत ने बताया कि नोएडा के अंबेडकर सिटी में एक बंद गोदाम में दवाएँ छिपाई गई थीं। तलाशी में वहाँ से 29 कार्टन और 270 ट्रामाडोल कैप्सूल (लगभग 86 ग्राम) बरामद हुए। गोदाम के किराएदार फरार पाए गए और उनके मोबाइल फोन बंद थे।
जाँच में एक और आरोपी आशीष सिन्हा (उम्र 46 वर्ष), निवासी गणेश टॉवर, कृष्णा गार्डन, गाजियाबाद का नाम सामने आया, जो कथित तौर पर उसी गोदाम से ट्रामाडोल और अल्प्राजोलम ले रहा था। तकनीकी सबूतों और डिजिटल विश्लेषण के आधार पर उसे गिरफ्तार किया गया।
मुख्य वांछित आरोपी की गिरफ्तारी
इसके बाद पुलिस टीम ने मुख्य वांछित आरोपी शिव नारायण झा (उम्र 45 वर्ष), निवासी ग्रेटर नोएडा एक्सटेंशन सेक्टर-2, को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने अपने साथी अमन शर्मा (उम्र 34 वर्ष) की भूमिका का खुलासा किया, जिसे बाद में गिरफ्तार कर लिया गया। उल्लेखनीय है कि शिव नारायण झा नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) द्वारा दर्ज एक मामले में पहले से घोषित अपराधी है।
शिव नारायण झा की निशानदेही पर नोएडा सेक्टर-122, अंबेडकर सिटी, पर्थला गोल चक्कर स्थित एक मकान की तलाशी ली गई, जहाँ से साइकोट्रोपिक पदार्थों की अब तक की सबसे बड़ी बरामदगियों में से एक को अंजाम दिया गया।
नेटवर्क की कार्यप्रणाली
यह गिरोह दिल्ली के भागीरथ पैलेस जैसे थोक दवा बाज़ारों का उपयोग करके प्रतिबंधित साइकोट्रोपिक दवाएँ अवैध रूप से खरीदता था और नोएडा व गाजियाबाद के गोदामों में भंडारण के बाद कई राज्यों में सप्लाई करता था। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में नशीली दवाओं के दुरुपयोग को लेकर चिंताएँ बढ़ रही हैं और NCB तथा राज्य पुलिस बलों के बीच समन्वित अभियान तेज़ हो रहे हैं।
क्या होगा आगे
पुलिस के अनुसार, फरार गोदाम किराएदारों की तलाश जारी है। गिरफ्तार सभी आरोपियों के विरुद्ध नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्स्टेंसेज़ (NDPS) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। जाँच में नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान की जा रही है।