25 जुलाई 2026
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अवैध साइकोट्रोपिक दवा नेटवर्क का भंडाफोड़: 19.70 लाख टैबलेट बरामद, पिता-पुत्र समेत 5 गिरफ्तार

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अवैध साइकोट्रोपिक दवा नेटवर्क का भंडाफोड़: 19.70 लाख टैबलेट बरामद, पिता-पुत्र समेत 5 गिरफ्तार

सारांश

दिल्ली पुलिस की नॉर्थ-ईस्ट डिस्ट्रिक्ट टीम ने एक बड़े साइकोट्रोपिक दवा नेटवर्क को ध्वस्त किया — 19.70 लाख से अधिक टैबलेट और कैप्सूल बरामद, दिल्ली से नोएडा-गाजियाबाद तक फैले इस गिरोह में पिता-पुत्र समेत 5 गिरफ्तार। मुख्य आरोपी NCB का पूर्व-घोषित अपराधी निकला।

मुख्य बातें

नॉर्थ-ईस्ट डिस्ट्रिक्ट पुलिस ने 25 जुलाई को अंतर-राज्यीय साइकोट्रोपिक दवा गिरोह का भंडाफोड़ किया।
आरोपियों के पास से 19.70 लाख से अधिक ट्रामाडोल और अल्प्राजोलम टैबलेट-कैप्सूल ( 470.686 किलोग्राम ) बरामद।
गिरफ्तार 5 आरोपियों में नदीम (30), नवनीत (35), आशीष सिन्हा (46), शिव नारायण झा (45) और अमन शर्मा (34) शामिल।
मुख्य आरोपी शिव नारायण झा NCB के एक मामले में पहले से घोषित अपराधी है।
नोएडा के अंबेडकर सिटी गोदाम से 29 कार्टन दवाएँ बरामद; गोदाम किराएदार अभी भी फरार ।
गिरोह चांदनी चौक के भागीरथ पैलेस को आपूर्ति केंद्र के रूप में इस्तेमाल करता था।

नई दिल्ली की नॉर्थ-ईस्ट डिस्ट्रिक्ट पुलिस ने 25 जुलाई को एक बड़े अंतर-राज्यीय साइकोट्रोपिक दवा तस्करी गिरोह का पर्दाफाश किया, जिसके सदस्य दिल्ली, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में अवैध रूप से प्रतिबंधित दवाओं की खरीद, भंडारण और आपूर्ति कर रहे थे। पुलिस ने इस कार्रवाई में 19.70 लाख से अधिक ट्रामाडोल और अल्प्राजोलम टैबलेट व कैप्सूल (470.686 किलोग्राम) के साथ एक टाटा सफारी और एक मारुति बलेनो बरामद की।

मुख्य घटनाक्रम

जाँच की शुरुआत पहले से गिरफ्तार आरोपियों शिवम गुप्ता और वीरपाल गुप्ता से हुई लगातार पूछताछ से हुई। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने नदीम (उम्र 30 वर्ष), पुत्र मोहम्मद नईम, निवासी राजीव नगर, को पकड़ा, जो चांदनी चौक स्थित भागीरथ पैलेस से अपना कारोबार चला रहा था। उसके पास से ट्रामाडोल के 24 कैप्सूल (5 ग्राम), ट्रामाडोल की 16 गोलियाँ (10 ग्राम) और अल्प्राजोलम की 30 गोलियाँ (3 ग्राम) बरामद की गईं।

नदीम द्वारा अपने सप्लायर की पहचान बताने के बाद पुलिस की एक विशेष टीम ने उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में छापा मारकर नवनीत (उम्र 35 वर्ष) को गिरफ्तार किया।

नोएडा गोदाम में भारी बरामदगी

पुलिस कस्टडी रिमांड के दौरान नवनीत ने बताया कि नोएडा के अंबेडकर सिटी में एक बंद गोदाम में दवाएँ छिपाई गई थीं। तलाशी में वहाँ से 29 कार्टन और 270 ट्रामाडोल कैप्सूल (लगभग 86 ग्राम) बरामद हुए। गोदाम के किराएदार फरार पाए गए और उनके मोबाइल फोन बंद थे।

जाँच में एक और आरोपी आशीष सिन्हा (उम्र 46 वर्ष), निवासी गणेश टॉवर, कृष्णा गार्डन, गाजियाबाद का नाम सामने आया, जो कथित तौर पर उसी गोदाम से ट्रामाडोल और अल्प्राजोलम ले रहा था। तकनीकी सबूतों और डिजिटल विश्लेषण के आधार पर उसे गिरफ्तार किया गया।

मुख्य वांछित आरोपी की गिरफ्तारी

इसके बाद पुलिस टीम ने मुख्य वांछित आरोपी शिव नारायण झा (उम्र 45 वर्ष), निवासी ग्रेटर नोएडा एक्सटेंशन सेक्टर-2, को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने अपने साथी अमन शर्मा (उम्र 34 वर्ष) की भूमिका का खुलासा किया, जिसे बाद में गिरफ्तार कर लिया गया। उल्लेखनीय है कि शिव नारायण झा नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) द्वारा दर्ज एक मामले में पहले से घोषित अपराधी है।

शिव नारायण झा की निशानदेही पर नोएडा सेक्टर-122, अंबेडकर सिटी, पर्थला गोल चक्कर स्थित एक मकान की तलाशी ली गई, जहाँ से साइकोट्रोपिक पदार्थों की अब तक की सबसे बड़ी बरामदगियों में से एक को अंजाम दिया गया।

नेटवर्क की कार्यप्रणाली

यह गिरोह दिल्ली के भागीरथ पैलेस जैसे थोक दवा बाज़ारों का उपयोग करके प्रतिबंधित साइकोट्रोपिक दवाएँ अवैध रूप से खरीदता था और नोएडा व गाजियाबाद के गोदामों में भंडारण के बाद कई राज्यों में सप्लाई करता था। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में नशीली दवाओं के दुरुपयोग को लेकर चिंताएँ बढ़ रही हैं और NCB तथा राज्य पुलिस बलों के बीच समन्वित अभियान तेज़ हो रहे हैं।

क्या होगा आगे

पुलिस के अनुसार, फरार गोदाम किराएदारों की तलाश जारी है। गिरफ्तार सभी आरोपियों के विरुद्ध नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्स्टेंसेज़ (NDPS) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। जाँच में नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान की जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

आपूर्ति श्रृंखला की जवाबदेही पर सवाल उठाता है। यह भी उल्लेखनीय है कि मुख्य आरोपी पहले से NCB की निगरानी में था, फिर भी गिरोह सक्रिय रहा — जो अंतर-एजेंसी समन्वय की कमज़ोरी को उजागर करता है।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नॉर्थ-ईस्ट डिस्ट्रिक्ट पुलिस ने किस गिरोह का भंडाफोड़ किया?
पुलिस ने एक अंतर-राज्यीय साइकोट्रोपिक दवा तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया, जो ट्रामाडोल और अल्प्राजोलम की अवैध खरीद, भंडारण और आपूर्ति में संलिप्त था। यह गिरोह दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और आजमगढ़ तक फैला हुआ था।
इस कार्रवाई में कितनी और क्या दवाएँ बरामद हुईं?
पुलिस ने कुल 19.70 लाख से अधिक ट्रामाडोल और अल्प्राजोलम टैबलेट व कैप्सूल , जिनका कुल वज़न 470.686 किलोग्राम है, बरामद किए। साथ ही एक टाटा सफारी और एक मारुति बलेनो कार भी ज़ब्त की गई।
गिरफ्तार किए गए 5 आरोपी कौन हैं?
गिरफ्तार आरोपी हैं — नदीम (30 वर्ष, राजीव नगर), नवनीत (35 वर्ष, आजमगढ़), आशीष सिन्हा (46 वर्ष, गाजियाबाद), शिव नारायण झा (45 वर्ष, ग्रेटर नोएडा) और अमन शर्मा (34 वर्ष)। इनमें नदीम और उसके पिता मोहम्मद नईम का पारिवारिक संबंध भी जाँच के दायरे में है।
क्या किसी आरोपी का पहले से आपराधिक रिकॉर्ड था?
हाँ, मुख्य आरोपी शिव नारायण झा नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) द्वारा दर्ज एक पूर्व मामले में घोषित अपराधी है। इसके बावजूद वह इस गिरोह का केंद्रीय सदस्य बना रहा।
गिरोह का नेटवर्क कैसे काम करता था?
गिरोह दिल्ली के चांदनी चौक स्थित भागीरथ पैलेस जैसे थोक दवा बाज़ारों से प्रतिबंधित दवाएँ खरीदता था और नोएडा के गोदामों में भंडारण करके विभिन्न राज्यों में सप्लाई करता था। डिजिटल माध्यमों से समन्वय का खुलासा तकनीकी जाँच में हुआ।
राष्ट्र प्रेस
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