दिल्ली के ज्योति नगर थाने की कार्रवाई: साइकोट्रॉपिक पदार्थों के साथ दो गिरफ्तार, मेडिकल स्टोर से भारी बरामदगी
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली पुलिस की ज्योति नगर थाना टीम ने 20 जून 2026 को नशीले और प्रतिबंधित दवाओं के अवैध कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एनडीपीएस एक्ट के तहत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। अशोक नगर स्थित एक मेडिकल स्टोर पर की गई इस संयुक्त छापेमारी में पुलिस को भारी मात्रा में साइकोट्रॉपिक पदार्थ और नियंत्रित दवाएं बरामद हुईं।
मुख्य घटनाक्रम
18 जून 2026 को ज्योति नगर थाना पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि अशोक नगर के शुक्र बाजार रोड स्थित एम/एस गर्ग मेडिकोज (प्लॉट नंबर बी-354, टायगी डेयरी के निकट) के संचालक प्रतिबंधित दवाओं की अवैध खरीद-फरोख्त में संलिप्त हैं। इस सूचना के आधार पर पुलिस ने जीएनसीटीडी ड्रग कंट्रोल विभाग के जिला औषधि निरीक्षकों के साथ संयुक्त कार्रवाई की।
संयुक्त निरीक्षण के दौरान मेडिकल स्टोर से साइकोट्रॉपिक पदार्थ और नियंत्रित दवाएं बरामद हुईं। इसके अतिरिक्त, दुकान के कथित संचालक के आवास पर भी तलाशी ली गई, जहाँ से 264 ग्राम ट्रामाडोल कैप्सूल की अतिरिक्त बरामदगी की गई।
बरामद सामग्री का विवरण
पुलिस के अनुसार, दोनों स्थानों से बरामद सामग्री में निम्नलिखित शामिल है:
607.50 ग्राम ट्रामाडोल कैप्सूल, 45 ग्राम अल्प्राजोलम टैबलेट, 1.197 किलोग्राम कोडीन सिरप और 45 मिलीलीटर ट्रामाडोल इंजेक्शन। इसके अलावा घर से बरामद 264 ग्राम ट्रामाडोल कैप्सूल को मिलाकर कुल बरामदगी की मात्रा काफी अधिक है। पुलिस का कहना है कि यह बरामदगी मामले की गंभीरता को और बढ़ाती है।
गिरफ्तार आरोपी
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शिवम गर्ग (आयु 26 वर्ष) और वीरपाल गर्ग (आयु 50 वर्ष) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक सत्यापन में दोनों के खिलाफ पहले कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं मिला और उनका कोई पूर्व आपराधिक इतिहास नहीं पाया गया। इस मामले में एफआईआर संख्या 279/2026 के तहत एनडीपीएस एक्ट की धारा 22, 25 और 29 के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया गया है।
जांच की स्थिति
गौरतलब है कि यह कार्रवाई नशीले और प्रतिबंधित दवाओं के अवैध कारोबार के खिलाफ दिल्ली पुलिस के चल रहे अभियान का हिस्सा है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों और आपूर्ति श्रृंखला का पता लगाने के लिए जांच जारी है। यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली में नियंत्रित दवाओं की अवैध बिक्री को लेकर प्रवर्तन एजेंसियाँ सतर्क हैं।