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क्या दिल्ली में एनडीपीएस मामले की वांछित महिला अपराधी गिरफ्तार हो गई?

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क्या दिल्ली में एनडीपीएस मामले की वांछित महिला अपराधी गिरफ्तार हो गई?

सारांश

दिल्ली पुलिस ने एनडीपीएस मामले में एक वांछित महिला अपराधी को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी जहांगीरपुरी क्षेत्र में हुई, जहां टीम ने लगातार सूचना एकत्रित कर उसे पकड़ा। यह घटना पुलिस की ड्रग्स के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के अंतर्गत हुई है।

मुख्य बातें

दिल्ली पुलिस ने एनडीपीएस मामले की एक वांछित महिला को गिरफ्तार किया।
यह गिरफ्तारी तकनीकी निगरानी और मुखबिर की सूचना पर हुई।
महिला चार बच्चों की मां है और गरीबी के कारण अपराध में शामिल हुई।
पुलिस की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत अन्य ड्रग तस्करों को भी पकड़ा गया।
गिरफ्तारी से समाज में सुरक्षा की भावना बढ़ी है।

नई दिल्ली, 28 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा, उत्तरी रेंज-I को जहांगीरपुरी क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण सफलता मिली है। टीम ने एनडीपीएस (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस) अधिनियम के तहत एक न्यायालय द्वारा वांछित महिला अपराधी को गिरफ्तार किया है।

रोहिणी कोर्ट के न्यायाधीश धीरेंद्र राणा ने 30 सितंबर 2024 को उसे अपराधी घोषित किया था, जिसके बाद से पुलिस की टीम उसकी लगातार तलाश कर रही थी। मुखबिर की सूचना पर उसे गिरफ्तार किया गया।

इस विशेष टीम का नेतृत्व इंस्पेक्टर पुखराज सिंह कर रहे थे, जिसमें महिला उपनिरीक्षक खुशबू, एएसआई पवन, एचसी विक्रांत, एचसी सचिन और कांस्टेबल मनोज शामिल थे।

गिरफ्तार आरोपी जहांगीरपुरी की निवासी है और वह एफआईआर संख्या 210/24, धारा 21 एनडीपीएस अधिनियम के तहत वांछित थी।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि टीम ने लगातार जानकारी एकत्रित की और तकनीकी निगरानी के माध्यम से आरोपी का पता लगाया। 27 अक्टूबर को एएसआई पवन और एचसी विक्रांत को जानकारी मिली कि आरोपी अपने घर सीडी पार्क, जहांगीरपुरी में मौजूद है। त्वरित कार्रवाई करते हुए टीम ने आरोपी को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया।

इसी क्रम में, 13 अप्रैल 2024 को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने सहाना बेवा उर्फ भूरी को गिरफ्तार किया था, जिसके पास से मध्यम मात्रा में स्मैक बरामद हुई थी। जांच के दौरान महिला की संलिप्तता सामने आई, लेकिन वह फरार हो गई थी। अदालत ने कई बार तलब करने का आदेश दिया था, जब वह तलब नहीं हुई तो उसे घोषित अपराधी कर दिया गया था।

महिला मूल रूप से पश्चिम बंगाल की है और चार बच्चों की मां है। उनके पति कबाड़ का काम करते हैं। बताया जा रहा है कि गरीबी के कारण वह इस अपराध में शामिल हुई।

दिल्ली पुलिस ने ड्रग्स के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत एक अन्य बड़ी सफलता हासिल की। पूर्वी जिले की एंटी-नारकोटिक्स स्क्वॉड ने सात ड्रग तस्करों को पकड़ा और उनके पास से लगभग एक करोड़ साठ लाख रुपए मूल्य की भारी मात्रा में नशीली दवाएं बरामद कीं। साथ ही, ड्रग्स ढोने में इस्तेमाल की गई दो कारें भी जब्त की गईं।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि दिल्ली पुलिस ने ड्रग्स के खिलाफ अपनी जीरो टॉलरेंस नीति के तहत एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की है। इस प्रकार की सफलताओं से समाज में सुरक्षा की भावना बढ़ती है, और यह दर्शाता है कि कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
RashtraPress
26 जून 2026
राष्ट्र प्रेस
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