मनसुख मांडविया ने NDTL की 'एक्स्ट्रा-म्यूरल रिसर्च ग्रांट पॉलिसी' लॉन्च की, डोपिंग पर जीरो टॉलरेंस का संदेश
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने 4 नवंबर 2026 को नई दिल्ली में नेशनल डोप टेस्टिंग लेबोरेटरी (NDTL) की 'एक्स्ट्रा-म्यूरल रिसर्च ग्रांट पॉलिसी' का औपचारिक शुभारंभ किया। यह लॉन्च वर्ल्ड एसोसिएशन ऑफ एंटी-डोपिंग साइंटिस्ट्स (WAADS) की 10वीं 'क्वालिटी एश्योरेंस मैनेजर मीटिंग 2026' के दौरान हुआ, जिसमें खेल और वैज्ञानिक जगत के अंतरराष्ट्रीय हितधारक शामिल थे। इस नई नीति का उद्देश्य डोपिंग का पता लगाने और उसकी रोकथाम के उन्नत क्षेत्रों में शोध एवं विकास को बढ़ावा देना है।
बैठक का आयोजन और मुख्य कार्यक्रम
NDTL द्वारा आयोजित यह दो दिवसीय बैठक 2 नवंबर 2026 से शुरू हुई थी। मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित डॉ. मांडविया ने एक्स्ट्रा-म्यूरल रिसर्च ग्रांट पॉलिसी के साथ-साथ NDTL न्यूजलेटर का भी शुभारंभ किया। बैठक में अंतरराष्ट्रीय एंटी-डोपिंग वैज्ञानिकों, खेल संगठनों के प्रतिनिधियों और नीति-निर्माताओं ने सहभागिता की।
डोपिंग पर भारत की नीति
डॉ. मांडविया ने इस अवसर पर भारत की 'जीरो टॉलरेंस' नीति को दोहराते हुए कहा, 'डोपिंग के मामले में भारत की नीति जीरो टॉलरेंस की है। हमारी जिम्मेदारी यह सुनिश्चित करना है कि हर जीत प्रतिभा, अनुशासन और कड़ी मेहनत के दम पर हासिल की जाए।' उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले दो वर्षों में खेलों को राष्ट्र-निर्माण के एक अहम स्तंभ के रूप में मान्यता दी गई है।
मंत्री ने कहा कि एंटी-डोपिंग की यह नई पहल भारत के वैज्ञानिक आधार को और सुदृढ़ करेगी। उनके अनुसार, 'हमारा दृष्टिकोण मजबूत परीक्षण अवसंरचना के साथ शिक्षा, जागरूकता और रोकथाम को जोड़ने का है।'
2030 और 2036 की मेजबानी को देखते हुए प्राथमिकताएँ
डॉ. मांडविया ने इस संदर्भ में आगामी बड़े आयोजनों का उल्लेख करते हुए कहा कि जैसे-जैसे भारत राष्ट्रमंडल खेल 2030 की मेजबानी की तैयारी कर रहा है और 2036 ओलंपिक की मेजबानी का सपना देख रहा है, वैसे-वैसे एंटी-डोपिंग परीक्षण, खिलाड़ी शिक्षा और अंतरराष्ट्रीय सहयोग सर्वोच्च प्राथमिकता बन चुके हैं। उन्होंने खिलाड़ियों, कोचों और चिकित्सा पेशेवरों से आह्वान किया कि वे निषिद्ध पदार्थों के प्रभाव, सप्लीमेंट्स से जुड़े जोखिमों और एंटी-डोपिंग नियमों के तहत अपनी जिम्मेदारियों को भलीभाँति समझें।
एशियन गेम्स 2026 में भारत का प्रदर्शन
केंद्रीय खेल मंत्री ने बताया कि हाल ही में संपन्न एशियन गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों ने अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शनों में से एक दिया और अंतिम पदक तालिका में भारत चौथे स्थान पर रहा। इसके अतिरिक्त, एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारत ने 114 पदक जीते, जो इन खेलों में भारत की अब तक की सर्वोच्च उपलब्धि है।
उन्होंने खेलो इंडिया, फिट इंडिया और टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (TOPS) जैसी पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन योजनाओं के माध्यम से खेल पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत किया गया है और युवाओं को उत्कृष्टता प्राप्त करने के अधिक अवसर सृजित किए गए हैं।
आगे की राह
एक्स्ट्रा-म्यूरल रिसर्च ग्रांट पॉलिसी के लागू होने से भारत में एंटी-डोपिंग अनुसंधान को संस्थागत वित्त पोषण मिलेगा, जो अब तक सीमित था। यह नीति NDTL को अंतरराष्ट्रीय एंटी-डोपिंग प्रयोगशालाओं की बराबरी में खड़ा करने की दिशा में एक ठोस कदम मानी जा रही है। राष्ट्रमंडल खेल 2030 और 2036 ओलंपिक की संभावित मेजबानी को देखते हुए यह नीति भारत की खेल साख को वैश्विक मंच पर और पुख्ता करेगी।