सरकार प्रतिबंधित पदार्थों की तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाएगी: मनसुख मांडविया

Click to start listening
सरकार प्रतिबंधित पदार्थों की तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाएगी: मनसुख मांडविया

सारांश

केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने डोपिंग के खिलाफ भारत की प्रतिबद्धता को उजागर किया और वैश्विक सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ ठोस कदम उठाने की योजना बना रही है।

Key Takeaways

  • भारत डोपिंग के खिलाफ एक ठोस नीति लागू कर रहा है।
  • सरकार प्रतिबंधित पदार्थों की तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाएगी।
  • अंतरराष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया गया है।
  • नेशनल एंटी-डोपिंग एक्ट, 2022 लागू है।
  • जागरूकता कार्यक्रम और तकनीकी उपायों पर ध्यान दिया जा रहा है।

नई दिल्ली, 16 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय युवा मामलों और खेल मंत्री, डॉ. मनसुख मांडविया ने वर्ल्ड एंटी-डोपिंग एजेंसी (वाडा) के वैश्विक एंटी-डोपिंग इंटेलिजेंस एवं इन्वेस्टिगेशन नेटवर्क के फाइनल कॉन्फ्रेंस के उद्घाटन कार्यक्रम में भाग लिया। उन्होंने भारत के स्पष्ट इरादे और डोपिंग के खिलाफ वैश्विक सहयोग के महत्व पर प्रकाश डाला।

अंतरराष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता को रेखांकित करते हुए, उन्होंने कहा, "एक वैश्विक एंटी-डोपिंग इंटेलिजेंस और इन्वेस्टिगेशन नेटवर्क इस आवश्यक क्षेत्र में साझेदारी को मजबूती देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।"

डॉ. मांडविया ने बताया कि भारत ने केवल कानूनी अनुपालन के लिए नहीं, बल्कि खेल की एकता के लिए दृढ़ निश्चय के साथ सुधार किए हैं।

उन्होंने राष्ट्रीय एंटी-डोपिंग एक्ट, 2022 को एक मजबूत कानूनी ढांचा बताते हुए कहा कि राष्ट्रीय एंटी-डोपिंग सुधार कानून, 2025 भारत के नियमों को वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाता है।

डॉ. मांडविया ने स्पष्ट कहा कि सरकार उन लोगों के खिलाफ कानून बनाने की प्रक्रिया में है, जो प्रतिबंधित पदार्थों की तस्करी में शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि पहले की प्रयास केवल प्रयोगशाला परीक्षणों और एथलीट अनुपालन तक सीमित थे, जबकि आज डोपिंग एक व्यवस्थित बहुराष्ट्रीय उद्योग बन चुकी है, जिसे समाप्त करने के लिए वैश्विक स्तर पर एकजुट होकर कार्य करने की आवश्यकता है।

भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका पर डॉ. मांडविया ने कहा, "वाडा वर्कशॉप और वर्तमान कॉन्फ्रेंस जैसे अंतरराष्ट्रीय आयोजन हमारी जांच क्षमताओं को बढ़ाते हैं और हमारे एंटी-डोपिंग इकोसिस्टम को मजबूत करते हैं। भारत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एक वैश्विक खेल शक्ति के रूप में उभर रहा है।"

उन्होंने खेल विकास में भारत के निवेश पर जोर दिया, जिसमें बुनियादी ढांचा, प्रतिभा पहचान और वैज्ञानिक प्रशिक्षण शामिल हैं। खेलो इंडिया और फिट इंडिया जैसे कार्यक्रम खेल को राष्ट्रीय पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा बना रहे हैं।

नैतिकता के महत्व को स्वीकार करते हुए उन्होंने कहा, "एथलीटों के मूल्यों को खेलों में उत्कृष्टता के केंद्र में रहना चाहिए। खेल अनुशासन, ईमानदारी और चरित्र को प्रोत्साहित करने की शक्ति रखता है, लेकिन प्रतियोगिता के बढ़ते दबाव कभी-कभी गलत निर्णयों की ओर ले जा सकते हैं। खेल के प्रत्येक स्तर पर निष्पक्षता और सम्मान को बढ़ावा देना आवश्यक है।"

डॉ. मांडविया ने कहा, "रोकथाम सबसे प्रभावी तरीका है। सही समय पर सही जानकारी से एथलीट सोच-समझकर निर्णय ले सकते हैं और जानबूझकर या गलती से होने वाले उल्लंघनों से बच सकते हैं।"

उन्होंने कहा कि नेशनल एंटी-डोपिंग एजेंसी (नाडा) इंडिया ने जागरूकता के लिए एक व्यापक दृष्टिकोण अपनाया है, जिसमें वर्कशॉप, सेमिनार, डिजिटल अभियान और इवेंट-आधारित प्रशिक्षण शामिल हैं। विशेष रूप से दिव्यांग एथलीटों के लिए शिक्षा मॉड्यूल भी बनाए गए हैं।

मंत्री ने 'नो योर मेडिसिन' मोबाइल एप्लिकेशन जैसे तकनीकी उपायों पर भी ध्यान केंद्रित किया, जो एथलीटों को दवाओं में प्रतिबंधित सामग्री को जांचने में सहायता करता है। एथलीटों की सुरक्षा के लिए प्रमुख संस्थानों में उन्नत परीक्षण सुविधाओं की स्थापना भी आवश्यक है।

डॉ. मांडविया ने परीक्षण और प्रवर्तन में हुई प्रगति पर कहा कि भारत ने एंटी-डोपिंग परीक्षणों की संख्या को 2019 में लगभग 4,000 से बढ़ाकर पिछले वर्ष लगभग 8,000 कर दिया है। यह निरंतर जागरूकता और रोकथाम के प्रयासों का परिणाम है।

वैश्विक साझेदारी की आवश्यकता को समझते हुए, "वाडा के अध्यक्ष विटोल्ड बैंका ने कहा, "वाडा का इंटेलिजेंस और इन्वेस्टिगेशन मॉडल राष्ट्रीय एंटी-डोपिंग संस्थानों और कानून लागू करने वाली एजेंसियों के बीच सहयोग को मजबूत करने के लिए बनाया गया है। यह मॉडल साझेदारी पर आधारित है।"

उन्होंने कहा, "यह यूरोपोल और इंटरपोल जैसे अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के सहयोग से कानून लागू करने वाली एजेंसियों की क्षमताओं को एंटी-डोपिंग पेशेवरों की विशेषज्ञता के साथ जोड़ता है।"

केंद्रीय मंत्री ने आगे बताया कि भारत बढ़ती मांग को पूरा करने और राष्ट्रीय एंटी-डोपिंग ढांचे को मजबूत करने के लिए नई वाडा-कम्प्लायंट ड्रग टेस्टिंग लैब बनाने की दिशा में कार्यरत है।

उन्होंने कहा, "कोई भी अकेली संस्था डोपिंग की चुनौती का सामना नहीं कर सकती। सरकारों, नियामकों और खेल संस्थानों के बीच मजबूत साझेदारी आवश्यक है। भारत न केवल खेल में उत्कृष्टता के लिए, बल्कि ईमानदारी के उच्चतम स्तर को बनाए रखने के लिए भी प्रतिबद्ध है।"

केंद्रीय खेल मंत्रालय के सचिव हरि रंजन राव ने कहा, "खेल मंत्रालय ने राष्ट्रीय एंटी-डोपिंग एजेंसी की संस्थागत और जांच करने की क्षमता को मजबूत करने की दिशा में कार्य किया है, जिसमें प्रवर्तन एजेंसियों के साथ बेहतर तालमेल और जानकारी साझा करना शामिल है। फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया और सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल संस्थान जैसे संगठनों के साथ साझेदारी, खराब या बिना रेगुलेटेड पदार्थों से उत्पन्न खतरों का समाधान करने के लिए आवश्यक है, जो वैश्विक स्तर पर एक बड़ी चिंता बनी हुई है।"

नाडा इंडिया के निदेशक अनंत कुमार ने कहा, "हाल के वर्षों में हमारे परीक्षण कार्यक्रम में काफी वृद्धि हुई है, जिसे जोखिम-आधारित और रणनीतिक बदलाव से सहयोग प्राप्त हुआ है। हालांकि, जैसा कि हम मानते हैं, केवल परीक्षण अब पर्याप्त नहीं है, और इंटीग्रेशन, इंटेलिजेंस और शिक्षा को हमारे एंटी-डोपिंग ढांचे का मूल बनाना होगा।"

Point of View

यह कदम खेलों में ईमानदारी और नैतिकता की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
NationPress
16/04/2026

Frequently Asked Questions

डॉ. मनसुख मांडविया ने किस विषय पर बात की?
डॉ. मनसुख मांडविया ने डोपिंग के खिलाफ भारत की प्रतिबद्धता और वैश्विक सहयोग की आवश्यकता पर बात की।
सरकार प्रतिबंधित पदार्थों की तस्करी से निपटने के लिए क्या कदम उठाएगी?
सरकार प्रतिबंधित पदार्थों की तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानून लाने की दिशा में कार्य कर रही है।
डोपिंग के खिलाफ भारत की नीति क्या है?
भारत ने राष्ट्रीय एंटी-डोपिंग एक्ट, 2022 को लागू किया है, जो वैश्विक मानकों के अनुसार है।
डोपिंग के मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय सहयोग का क्या महत्व है?
अंतरराष्ट्रीय सहयोग से डोपिंग के खिलाफ लड़ाई को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।
भारत में डोपिंग की रोकथाम के लिए क्या उपाय किए जा रहे हैं?
भारत ने जागरूकता कार्यक्रम, वर्कशॉप और तकनीकी उपायों को लागू किया है।
Nation Press