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क्या 'राष्ट्रीय खेल प्रशासन विधेयक' और 'डोपिंग रोधी संशोधन विधेयक' लोकसभा में पारित हुए?

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क्या 'राष्ट्रीय खेल प्रशासन विधेयक' और 'डोपिंग रोधी संशोधन विधेयक' लोकसभा में पारित हुए?

सारांश

केंद्र सरकार द्वारा पारित 'राष्ट्रीय खेल प्रशासन विधेयक' और 'डोपिंग रोधी संशोधन विधेयक' खेलों में सुधार लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने इस पर बात की। जानें इन विधेयकों के पीछे की सोच और उनके लाभ।

मुख्य बातें

राष्ट्रीय खेल प्रशासन विधेयक का गठन खेल प्रशासकों को विनियमित करने के लिए किया गया है।
डोपिंग रोधी संशोधन विधेयक खिलाड़ियों के लिए एक सुरक्षित खेल वातावरण प्रदान करेगा।
मनसुख मांडविया ने इसे आजादी के बाद का सबसे बड़ा सुधार बताया।
खेलो भारत नीति के अंतर्गत खिलाड़ियों को बेहतरीन सुविधाएं दी जा रही हैं।
युवाओं को खेलों में बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

नई दिल्ली, 11 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। केंद्र सरकार ने सोमवार को लोकसभा में 'राष्ट्रीय खेल प्रशासन विधेयक' और 'राष्ट्रीय डोपिंग रोधी संशोधन विधेयक' को पारित कर दिया। इन दोनों विधेयकों को खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने मानसून सत्र में प्रस्तुत किया।

'राष्ट्रीय खेल प्रशासन विधेयक' का मुख्य उद्देश्य भारत में विभिन्न खेल प्रशासकों को नियंत्रित करना है। इसके अंतर्गत एक नेशनल स्पोर्ट्स बोर्ड (एनएसबी) का गठन किया जाएगा, जो सभी खेल महासंघों की देखरेख करेगा, जिसमें भारत का सबसे समृद्ध खेल संगठन भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) भी शामिल होगा।

दूसरे विधेयक, 'राष्ट्रीय डोपिंग-रोधी संशोधन विधेयक 2025' का उद्देश्य देश की नेशनल एंटी-डोपिंग एजेंसी (नाडा) को वर्ल्ड एंटी-डोपिंग एजेंसी (वाडा) के निर्देशों के अनुसार अधिक ऑपरेशनल इंडिपेंडेंस देना है।

विधेयक के उद्देश्यों में कहा गया है, "यह संशोधन राष्ट्रीय डोपिंग-रोधी अपील पैनल और नेशनल एंटी-डोपिंग एजेंसी की संस्थागत और संचालन संबंधी स्वतंत्रता को बढ़ाने का प्रयास करता है, ताकि संचालन, जांच और प्रवर्तन गतिविधियों से संबंधित निर्णयों में उनकी पूर्ण स्वायत्तता सुनिश्चित की जा सके।"

लोकसभा में स्पोर्ट्स गवर्नेंस बिल पर बोलते हुए केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा, "खेल हमारे देश के लिए कोई नया विषय नहीं है। खेल इस देश में सदियों से प्रचलित है। इस देश का युवा हमारी ताकत है। हम चाहते हैं कि युवा खेलों में बेहतरीन प्रदर्शन करें, देश और विदेश में मेडल जीतें और तिरंगे का गौरव बढ़ाएं। यह विधेयक आजादी के बाद से खेलों में सबसे बड़ा सुधार होगा। इस बिल के जरिए हम 'ग्राउंड टू ग्लोरी' के सपने को साकार करने की उम्मीद करते हैं।"

इसके साथ ही मनसुख मांडविया ने 'खेलो भारत' नीति पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने देशभर में मौजूद खेलो इंडिया सेंटर्स का उल्लेख किया, जहां खिलाड़ियों को उत्कृष्ट ट्रेनिंग मिल रही है। मनसुख मांडविया ने बताया कि जो खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं, उनके लिए सभी सुविधाओं और कोचिंग की व्यवस्था की गई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि खिलाड़ियों को भी बेहतर अवसर प्रदान करेगा। यह भारत के खेल संस्कृति को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसे सभी स्तरों पर समर्थन मिलना चाहिए।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राष्ट्रीय खेल प्रशासन विधेयक का उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य भारत में विभिन्न खेल प्रशासकों को विनियमित करना और एक नेशनल स्पोर्ट्स बोर्ड का गठन करना है।
डोपिंग रोधी संशोधन विधेयक का महत्व क्या है?
यह विधेयक नाडा को वाडा के निर्देशानुसार अधिक स्वतंत्रता प्रदान करता है, जिससे यह डोपिंग के खिलाफ प्रभावी ढंग से कार्य कर सके।
मनसुख मांडविया ने इस विधेयक के बारे में क्या कहा?
उन्होंने कहा कि यह विधेयक आजादी के बाद से खेलों में सबसे बड़ा सुधार होगा और युवा खिलाड़ियों को 'ग्राउंड टू ग्लोरी' के सपने को साकार करने में मदद करेगा।
राष्ट्र प्रेस
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