NDTL और SGT यूनिवर्सिटी में MoU: स्पोर्ट्स साइंस, एंटी-डोपिंग रिसर्च को मिलेगी नई रफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
नेशनल डोप टेस्टिंग लेबोरेटरी (NDTL) ने 3 जून को हरियाणा के गुरुग्राम स्थित श्री गुरु गोविंद सिंह ट्राइसेंटेनरी (SGT) विश्वविद्यालय के साथ एक रणनीतिक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए, जिसका उद्देश्य देश में खेल विज्ञान, एंटी-डोपिंग अनुसंधान और एथलीट कल्याण को आगे बढ़ाना है। यह साझेदारी भारत में ‘ड्रग-फ्री स्पोर्ट्स’ के व्यापक मिशन को अकादमिक स्तर तक विस्तार देने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।
मुख्य घटनाक्रम
भारत सरकार के अधीन स्वायत्त संस्था NDTL और निजी संस्थान SGT विश्वविद्यालय के बीच यह MoU दोनों संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में हस्ताक्षरित हुआ। समझौते के तहत विद्यार्थियों और संकाय सदस्यों को उच्च-स्तरीय प्रशिक्षण, इंटर्नशिप, संयुक्त शोध परियोजनाओं, विशेषज्ञ व्याख्यानों और अत्याधुनिक प्रयोगशाला अभ्यास के अवसर मिलेंगे।
सहयोग का दायरा
यह साझेदारी विश्लेषणात्मक जाँच, एंटी-डोपिंग विज्ञान, फोरेंसिक विश्लेषण और हेल्थकेयर डायग्नोस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में संयुक्त अनुसंधान पहल, नॉलेज एक्सचेंज कार्यक्रम और क्षमता निर्माण की प्रक्रिया को सरल बनाएगी। दोनों संस्थानों ने इसे वैज्ञानिक उत्कृष्टता और नैतिक खेल भावना के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया।
नेतृत्व का दृष्टिकोण
NDTL के निदेशक डॉ. पी. एल. साहू ने कहा कि कुशल पेशेवर तैयार करने और वैज्ञानिक अनुसंधान को आगे बढ़ाने में अकादमिक-इंडस्ट्री साझेदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने जोड़ा कि यह MoU देश में वैज्ञानिक शिक्षा और प्रयोगशाला उत्कृष्टता के इकोसिस्टम को मज़बूत करेगा।
आधिकारिक बयान के अनुसार, ‘NDTL का मिशन हमेशा से भारत में खेल की सत्यनिष्ठा बनाए रखना रहा है। SGT विश्वविद्यालय जैसे संस्थान के साथ साझेदारी से हम इस मिशन को शिक्षा जगत तक भी ले जा सकेंगे — वैज्ञानिकों, शोधार्थियों और स्वास्थ्य पेशेवरों की अगली पीढ़ी तैयार करना जो स्वच्छ खेल का समर्थन करेंगे।’
विश्वविद्यालय की प्रतिक्रिया
SGT विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. हेमंत वर्मा ने कहा, ‘नेशनल डोप टेस्टिंग लैबोरेटरी के साथ यह MoU SGT विश्वविद्यालय के लिए गर्व का कदम है। यह साझेदारी हमारे नवाचार और शोध-परक शिक्षा को बढ़ावा देने के विज़न से मेल खाती है। इससे पेशेवर क्षमता और रोज़गार की संभावनाएँ बढ़ेंगी।’
आगे की राह
NDTL के गवर्निंग मेंबर और जनरल बॉडी मेंबर प्रो. वाई. के. गुप्ता ने कहा कि यह साझेदारी वैज्ञानिक ज्ञान बढ़ाने, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को प्रोत्साहन देने और कुशल हेल्थकेयर एवं अनुसंधान कार्यबल के विकास में योगदान देने की दोनों संस्थानों की प्रतिबद्धता को दोहराती है। गौरतलब है कि यह पहल ऐसे समय में आई है जब भारत वैश्विक डोपिंग आँकड़ों में लगातार ऊपरी पायदान पर बना हुआ है, और जमीनी स्तर पर जागरूकता एवं वैज्ञानिक क्षमता का विस्तार एक प्राथमिकता बन गया है।