हिमाचल में सरकारी नौकरी से पहले डोप टेस्ट अनिवार्य: CM सुक्खू का बड़ा फैसला
सारांश
मुख्य बातें
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शुक्रवार, 30 मई 2025 को शिमला में प्रशासनिक सचिवों के साथ आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में निर्देश दिया कि हिमाचल प्रदेश में सरकारी सेवा में नियुक्ति से पहले सभी अभ्यर्थियों का डोप टेस्ट अनिवार्य किया जाएगा। इसके लिए सभी विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने को कहा गया है। यह निर्णय राज्य सरकार की नशा-विरोधी मुहिम का हिस्सा है।
डोप टेस्ट नीति और नशा-विरोधी अभियान
मुख्यमंत्री सुक्खू ने स्पष्ट किया कि प्रदेश सरकार ने चिट्टा के विरुद्ध जन आंदोलन शुरू किया है और नशा माफिया के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी है। उन्होंने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए कि चिट्टा तस्करी में संलिप्त पाए गए सरकारी कर्मचारियों के विरुद्ध की गई कार्रवाई का पूरा विवरण उपलब्ध करवाया जाए। युवाओं को नशे की बुराई से बचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल बताया गया।
गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश में चिट्टा (हेरोइन) की तस्करी और उपभोग एक गंभीर सामाजिक समस्या बन चुकी है, और यह पहला मौका है जब राज्य सरकार ने भर्ती प्रक्रिया को सीधे नशा-मुक्ति से जोड़ने का कदम उठाया है।
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की लंबित देनदारियाँ
बैठक में मुख्यमंत्री ने बजट घोषणा के अनुरूप चतुर्थ श्रेणी के सेवानिवृत्त कर्मचारियों की लंबित ग्रेच्युटी एवं अवकाश नकदीकरण का भुगतान शीघ्र सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही विभागाध्यक्षों को कहा गया कि करुणामूलक आधार पर नौकरी के लिए आवेदन करने वाले आवेदकों का पूरा विवरण सरकार को उपलब्ध करवाएँ, ताकि इन मामलों में उचित निर्णय लिया जा सके।
रिक्त पदों को भरने की कार्ययोजना
मुख्यमंत्री ने सभी विभागों से रिक्त पदों की जानकारी माँगी ताकि उन्हें शीघ्र भरा जा सके। उन्होंने घोषणा की कि राज्य सरकार ने जूनियर ऑफिस असिस्टेंट के 500 पद भरने का निर्णय लिया है। यह कदम ऐसे समय में आया है जब प्रदेश में बेरोज़गारी और सरकारी भर्तियों में देरी को लेकर युवाओं में असंतोष बढ़ रहा है।
तूफान से गिरे पेड़ों के निस्तारण का अभियान
हाल ही में आए तूफान के कारण वन भूमि पर गिरे और उखड़े पेड़ों की जानकारी एकत्रित करने के भी निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि 1 जून से इन पेड़ों को हटाने के लिए विशेष अभियान शुरू किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि गिरे पेड़ों को हटाने में देरी से राज्य को संसाधनों की हानि होती है, इसलिए वन विभाग प्राथमिकता के आधार पर इनका शीघ्र निष्पादन और निस्तारण सुनिश्चित करे।
बैठक में उपस्थित अधिकारी
इस बैठक में मुख्य सचिव संजय गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव के.के. पंत एवं ओंकार चंद शर्मा, प्रधान सचिव देवेश कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर और आशीष सिंहमार सहित अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक सचिव उपस्थित रहे। डोप टेस्ट नीति के दिशा-निर्देश जारी होने के बाद यह स्पष्ट होगा कि इसे किस चरण से और किन पदों पर लागू किया जाएगा।