नेशनल गेम्स और खेलो इंडिया एथलीटों के लिए एंटी-डोपिंग शिक्षा अनिवार्य: मांडविया का बड़ा फैसला
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने 25 जून 2026 को नई दिल्ली में नेशनल डोप टेस्टिंग लेबोरेटरी (NDTL) की समीक्षा बैठक के दौरान भारत के एंटी-डोपिंग ढाँचे को मजबूत करने की दिशा में कई अहम पहलों की घोषणा की। इनमें सबसे महत्त्वपूर्ण निर्णय यह है कि नेशनल गेम्स और खेलो इंडिया प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने वाले सभी एथलीटों के लिए एंटी-डोपिंग जागरूकता सत्र में भागीदारी अनिवार्य की जाएगी।
क्या है नई घोषणा
मांडविया ने स्पष्ट किया कि एथलीटों को उनके करियर की शुरुआत में ही डोपिंग-रोधी नियमों से परिचित कराया जाएगा। उन्होंने कहा, 'नेशनल गेम्स और खेलो इंडिया प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले एथलीटों के लिए जरूरी एंटी-डोपिंग जागरूकता सत्र होंगे। एथलीटों को उनके करियर की शुरुआत में ही शिक्षित किया जाएगा, ताकि साफ खेल को बढ़ावा दिया जा सके और उन्हें एंटी-डोपिंग नियमों के उल्लंघन से बचने में मदद मिल सके।' इसके अलावा, 'नो योर मेडिसिन' मोबाइल एप्लिकेशन को क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे देशभर के एथलीट, कोच और सपोर्ट स्टाफ प्रतिबंधित पदार्थों की जानकारी अपनी मातृभाषा में प्राप्त कर सकें।
NDTL की अंतरराष्ट्रीय भूमिका बढ़ाने पर जोर
खेल मंत्री ने NDTL की वैश्विक उपस्थिति बढ़ाने की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि लेबोरेटरी में अंतरराष्ट्रीय एथलीटों के नमूनों की जाँच बढ़ाई जानी चाहिए और वैश्विक एंटी-डोपिंग कार्यक्रम के साथ अधिक सक्रिय जुड़ाव स्थापित किया जाए। गौरतलब है कि NDTL भारत की एकमात्र विश्व एंटी-डोपिंग एजेंसी (WADA) से मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला है, जो देश के एंटी-डोपिंग कार्यक्रम की रीढ़ मानी जाती है। पिछले कुछ वर्षों में इसने अपने बुनियादी ढाँचे, वैज्ञानिक विशेषज्ञता और परीक्षण क्षमताओं में उल्लेखनीय सुधार किया है।
जमीनी स्तर तक अभियान की जरूरत
मांडविया ने भारतीय खेलों के समक्ष मौजूद चुनौतियों को रेखांकित करते हुए कहा कि डोपिंग एक गंभीर समस्या बनी हुई है और इसके समाधान के लिए गाँवों, स्कूलों, कॉलेजों और खेल संस्थानों तक एंटी-डोपिंग अभियान पहुँचाना अनिवार्य है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि केवल दंडात्मक कार्रवाई से यह समस्या हल नहीं होगी — असली बदलाव स्वच्छ खेल की संस्कृति विकसित करने से आएगा। यह ऐसे समय में आया है जब अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारतीय एथलीटों के डोपिंग मामलों की संख्या को लेकर चिंताएँ जताई जाती रही हैं।
आगे क्या होगा
इन घोषणाओं के क्रियान्वयन की समयसीमा और विस्तृत दिशानिर्देश आने वाले समय में जारी किए जाने की संभावना है। 'नो योर मेडिसिन' ऐप का क्षेत्रीय भाषाओं में विस्तार और NDTL की अंतरराष्ट्रीय नमूना जाँच क्षमता में बढ़ोतरी भारत के खेल पारिस्थितिकी तंत्र को वैश्विक मानकों के अनुरूप लाने की दिशा में महत्त्वपूर्ण कदम साबित हो सकते हैं।