10 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

नेशनल गेम्स और खेलो इंडिया एथलीटों के लिए एंटी-डोपिंग शिक्षा अनिवार्य: मांडविया का बड़ा फैसला

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
नेशनल गेम्स और खेलो इंडिया एथलीटों के लिए एंटी-डोपिंग शिक्षा अनिवार्य: मांडविया का बड़ा फैसला

सारांश

खेल मंत्री मांडविया ने नेशनल गेम्स और खेलो इंडिया एथलीटों के लिए एंटी-डोपिंग जागरूकता सत्र अनिवार्य किए, 'नो योर मेडिसिन' ऐप क्षेत्रीय भाषाओं में लाने का ऐलान किया और NDTL की वैश्विक भूमिका बढ़ाने पर जोर दिया — यह भारत में स्वच्छ खेल संस्कृति की नींव रखने का प्रयास है।

मुख्य बातें

खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने 25 जून 2026 को नई दिल्ली में NDTL समीक्षा बैठक में एंटी-डोपिंग ढाँचे को मजबूत करने की घोषणाएँ कीं।
नेशनल गेम्स और खेलो इंडिया प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले एथलीटों के लिए एंटी-डोपिंग जागरूकता सत्र अनिवार्य किए जाएँगे।
'नो योर मेडिसिन' मोबाइल ऐप को क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध कराया जाएगा।
NDTL में अंतरराष्ट्रीय एथलीटों के नमूनों की जाँच बढ़ाने और वैश्विक एंटी-डोपिंग कार्यक्रम से अधिक जुड़ाव का लक्ष्य।
मांडविया ने गाँवों, स्कूलों, कॉलेजों और खेल संस्थानों तक जमीनी स्तर पर एंटी-डोपिंग अभियान चलाने की जरूरत पर बल दिया।

केंद्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने 25 जून 2026 को नई दिल्ली में नेशनल डोप टेस्टिंग लेबोरेटरी (NDTL) की समीक्षा बैठक के दौरान भारत के एंटी-डोपिंग ढाँचे को मजबूत करने की दिशा में कई अहम पहलों की घोषणा की। इनमें सबसे महत्त्वपूर्ण निर्णय यह है कि नेशनल गेम्स और खेलो इंडिया प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने वाले सभी एथलीटों के लिए एंटी-डोपिंग जागरूकता सत्र में भागीदारी अनिवार्य की जाएगी।

क्या है नई घोषणा

मांडविया ने स्पष्ट किया कि एथलीटों को उनके करियर की शुरुआत में ही डोपिंग-रोधी नियमों से परिचित कराया जाएगा। उन्होंने कहा, 'नेशनल गेम्स और खेलो इंडिया प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले एथलीटों के लिए जरूरी एंटी-डोपिंग जागरूकता सत्र होंगे। एथलीटों को उनके करियर की शुरुआत में ही शिक्षित किया जाएगा, ताकि साफ खेल को बढ़ावा दिया जा सके और उन्हें एंटी-डोपिंग नियमों के उल्लंघन से बचने में मदद मिल सके।' इसके अलावा, 'नो योर मेडिसिन' मोबाइल एप्लिकेशन को क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे देशभर के एथलीट, कोच और सपोर्ट स्टाफ प्रतिबंधित पदार्थों की जानकारी अपनी मातृभाषा में प्राप्त कर सकें।

NDTL की अंतरराष्ट्रीय भूमिका बढ़ाने पर जोर

खेल मंत्री ने NDTL की वैश्विक उपस्थिति बढ़ाने की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि लेबोरेटरी में अंतरराष्ट्रीय एथलीटों के नमूनों की जाँच बढ़ाई जानी चाहिए और वैश्विक एंटी-डोपिंग कार्यक्रम के साथ अधिक सक्रिय जुड़ाव स्थापित किया जाए। गौरतलब है कि NDTL भारत की एकमात्र विश्व एंटी-डोपिंग एजेंसी (WADA) से मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला है, जो देश के एंटी-डोपिंग कार्यक्रम की रीढ़ मानी जाती है। पिछले कुछ वर्षों में इसने अपने बुनियादी ढाँचे, वैज्ञानिक विशेषज्ञता और परीक्षण क्षमताओं में उल्लेखनीय सुधार किया है।

जमीनी स्तर तक अभियान की जरूरत

मांडविया ने भारतीय खेलों के समक्ष मौजूद चुनौतियों को रेखांकित करते हुए कहा कि डोपिंग एक गंभीर समस्या बनी हुई है और इसके समाधान के लिए गाँवों, स्कूलों, कॉलेजों और खेल संस्थानों तक एंटी-डोपिंग अभियान पहुँचाना अनिवार्य है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि केवल दंडात्मक कार्रवाई से यह समस्या हल नहीं होगी — असली बदलाव स्वच्छ खेल की संस्कृति विकसित करने से आएगा। यह ऐसे समय में आया है जब अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारतीय एथलीटों के डोपिंग मामलों की संख्या को लेकर चिंताएँ जताई जाती रही हैं।

आगे क्या होगा

इन घोषणाओं के क्रियान्वयन की समयसीमा और विस्तृत दिशानिर्देश आने वाले समय में जारी किए जाने की संभावना है। 'नो योर मेडिसिन' ऐप का क्षेत्रीय भाषाओं में विस्तार और NDTL की अंतरराष्ट्रीय नमूना जाँच क्षमता में बढ़ोतरी भारत के खेल पारिस्थितिकी तंत्र को वैश्विक मानकों के अनुरूप लाने की दिशा में महत्त्वपूर्ण कदम साबित हो सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा क्रियान्वयन की होगी — भारत में एंटी-डोपिंग जागरूकता अभियान पहले भी घोषित हुए हैं, पर जमीनी स्तर पर उनकी पहुँच सीमित रही है। 'नो योर मेडिसिन' ऐप का क्षेत्रीय भाषाओं में विस्तार सराहनीय है, किंतु ग्रामीण और अर्ध-शहरी एथलीटों तक डिजिटल पहुँच एक बड़ी चुनौती बनी रहेगी। NDTL की अंतरराष्ट्रीय नमूना जाँच क्षमता बढ़ाना भारत की साख के लिए जरूरी है, खासकर तब जब वैश्विक मंचों पर भारतीय एथलीटों के डोपिंग मामले सुर्खियाँ बनते रहे हैं। केवल दंड नहीं, संस्कृति बदलने की यह सोच सही है — पर इसके लिए बजट, निगरानी तंत्र और जवाबदेही का स्पष्ट ढाँचा अभी सामने नहीं आया है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नेशनल गेम्स और खेलो इंडिया में एंटी-डोपिंग शिक्षा अनिवार्य करने का क्या मतलब है?
इसका मतलब है कि नेशनल गेम्स और खेलो इंडिया प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले सभी एथलीटों को अनिवार्य रूप से एंटी-डोपिंग जागरूकता सत्रों में शामिल होना होगा। यह कदम एथलीटों को करियर की शुरुआत में ही प्रतिबंधित पदार्थों और नियमों की जानकारी देने के लिए उठाया गया है।
'नो योर मेडिसिन' ऐप क्या है और यह एथलीटों की कैसे मदद करेगा?
'नो योर मेडिसिन' एक मोबाइल एप्लिकेशन है जो एथलीटों, कोचों और सपोर्ट स्टाफ को प्रतिबंधित पदार्थों की जानकारी देता है। खेल मंत्री मांडविया ने इसे क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध कराने की घोषणा की है, ताकि देशभर के एथलीट अपनी मातृभाषा में सूचित निर्णय ले सकें।
NDTL क्या है और भारत में इसकी भूमिका क्या है?
नेशनल डोप टेस्टिंग लेबोरेटरी (NDTL) भारत की एकमात्र विश्व एंटी-डोपिंग एजेंसी (WADA) से मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला है। यह देश के एंटी-डोपिंग कार्यक्रम में केंद्रीय भूमिका निभाती है और हाल के वर्षों में इसने अपनी तकनीकी एवं वैज्ञानिक क्षमताओं को उल्लेखनीय रूप से बढ़ाया है।
मांडविया ने डोपिंग रोकने के लिए और क्या उपाय सुझाए?
मांडविया ने गाँवों, स्कूलों, कॉलेजों और खेल संस्थानों तक जमीनी स्तर पर एंटी-डोपिंग अभियान चलाने की जरूरत बताई। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल दंडात्मक कार्रवाई पर्याप्त नहीं है — स्वच्छ खेल की संस्कृति विकसित करना असली लक्ष्य होना चाहिए।
NDTL की अंतरराष्ट्रीय भूमिका बढ़ाने की योजना क्या है?
खेल मंत्री ने NDTL में अंतरराष्ट्रीय एथलीटों के नमूनों की जाँच बढ़ाने और वैश्विक एंटी-डोपिंग कार्यक्रम के साथ अधिक सक्रिय जुड़ाव स्थापित करने का आह्वान किया। मांडविया के अनुसार, NDTL की बढ़ती तकनीकी विशेषज्ञता इसे वैश्विक एंटी-डोपिंग इकोसिस्टम में अहम योगदान देने की स्थिति में रखती है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 दिन पहले
  2. 2 दिन पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 7 महीने पहले
  6. 12 महीने पहले
  7. 12 महीने पहले
  8. 1 साल पहले