शीआन में संयुक्त राष्ट्र का 15वाँ ऊर्जा सतत विकास फोरम शुरू, पहली बार चीन में आयोजन
सारांश
मुख्य बातें
संयुक्त राष्ट्र का 15वाँ अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा सतत विकास फोरम मंगलवार, 3 नवंबर 2026 को पश्चिमोत्तर चीन के शैनशी प्रांत की राजधानी शीआन में औपचारिक रूप से शुरू हुआ। यह इस फोरम का पहला चीन-आयोजन है — 2010 में इसकी स्थापना के बाद से यह पहली बार है जब यह एशियाई धरती पर, और विशेष रूप से चीन में, संपन्न हो रहा है।
फोरम का विषय और एजेंडा
इस वर्ष के फोरम की केंद्रीय थीम है — 'अनिश्चित विश्व में ऊर्जा परिवर्तन: सुरक्षा, वृद्धि और लचीलेपन को बढ़ावा देना'। यह विषय वैश्विक भू-राजनीतिक तनावों और ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखलाओं में बढ़ती अनिश्चितता की पृष्ठभूमि में विशेष प्रासंगिकता रखता है।
फोरम में संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों, अंतर्राष्ट्रीय संगठनों, विभिन्न देशों के सरकारी विभागों के प्रमुखों, ऊर्जा उद्यमों के प्रतिनिधियों तथा अन्य हितधारकों की सहभागिता है। ये प्रतिनिधि विभिन्न देशों और क्षेत्रों की वास्तविक परिस्थितियों के आधार पर ऊर्जा परिवर्तन को तेज़ करने के कार्यान्वयन मार्गों पर विमर्श करेंगे।
मुख्य घटनाक्रम और कार्यक्रम संरचना
यह फोरम मंगलवार से शुक्रवार तक चार दिन चलेगा। कार्यक्रम में तीन औपचारिक सत्र, 26 उप-मंच एवं विशेष गतिविधियाँ, तथा एक स्थल भ्रमण शामिल है।
फोरम वैश्विक ऊर्जा शासन के व्यापक मुद्दों के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय एजेंडा और स्थानीय अभ्यास के गहन एकीकरण पर विशेष ज़ोर दे रहा है — जो पिछले संस्करणों की तुलना में एक उल्लेखनीय बदलाव है।
शीआन की भूमिका और तकनीकी प्राथमिकताएँ
मेज़बान शहर शीआन ने अपने औद्योगिक अनुभव और क्षेत्रीय उदाहरणों के आधार पर 'ऊर्जा परिवर्तन तथा सतत विकास: अभ्यास एवं खोज' उप-मंच तथा चार विशेष गतिविधियों की मेज़बानी की है।
इन गतिविधियों में हाइड्रोजन एवं नई ऊर्जा भंडारण, वितरित संयुक्त ताप एवं विद्युत, वाहन-ग्रिड अंतर्क्रिया एवं डिजिटल ऊर्जा, युवा कौशल प्रशिक्षण तथा शून्य-कार्बन भवन जैसे विषयों को प्रमुख स्थान दिया गया है। उद्देश्य यह है कि फोरम के परिणाम अनुकरणीय तकनीकी मार्गों, व्यावसायिक मॉडलों और शहरी अभ्यासों में परिवर्तित हों।
फोरम की पृष्ठभूमि और वैश्विक महत्त्व
यह फोरम मूलतः संयुक्त राष्ट्र यूरोपीय आर्थिक आयोग और संयुक्त राष्ट्र एशिया एवं प्रशांत आर्थिक एवं सामाजिक आयोग द्वारा 2010 में शुरू किया गया था। कालांतर में यह संयुक्त राष्ट्र के पाँच क्षेत्रीय आयोगों द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित ऊर्जा क्षेत्र का महत्त्वपूर्ण वैश्विक वार्षिक आयोजन बन गया।
यह फोरम संयुक्त राष्ट्र के 2030 सतत विकास एजेंडा को लागू करने का एक प्रमुख बहुपक्षीय सहयोग मंच माना जाता है। गौरतलब है कि यह आयोजन ऐसे समय में हो रहा है जब वैश्विक स्तर पर नवीकरणीय ऊर्जा में निवेश और ऊर्जा सुरक्षा को लेकर देशों के बीच प्रतिस्पर्धा तेज़ हो रही है।
आगे की राह
फोरम के समापन पर उप-मंचों और विशेष सत्रों से निकले निष्कर्ष एक साझा दस्तावेज़ के रूप में प्रस्तुत किए जाने की संभावना है, जो वैश्विक ऊर्जा नीति विमर्श को दिशा दे सकता है। शीआन में इस आयोजन की सफलता भविष्य में एशियाई देशों की ऊर्जा परिवर्तन प्रक्रिया में बहुपक्षीय सहयोग को नई गति दे सकती है।