कुलदीप यादव को मौका न मिलना 'रहस्य' — मनिंदर सिंह का टीम मैनेजमेंट पर सवाल
सारांश
मुख्य बातें
पूर्व भारतीय बाएं हाथ के स्पिनर मनिंदर सिंह ने सोमवार को कहा कि कुलदीप यादव को लगातार खेलने का मौका न मिलना उनके लिए 'रहस्य' बन चुका है, और उनका मानना है कि भारतीय टीम मैनेजमेंट इस बाएं हाथ के रिस्ट-स्पिनर की काबिलियत पर पूरी तरह भरोसा नहीं करता। सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क की ओर से आयोजित एक वर्चुअल बातचीत के दौरान मनिंदर ने यह विचार व्यक्त किए, जो न्यूजीलैंड के विरुद्ध बुधवार, 4 नवंबर 2026 से ऑकलैंड के ईडन पार्क में शुरू होने वाली 5 वनडे मैचों की सीरीज के ठीक पहले आए हैं।
आँकड़े और अनदेखी — कुलदीप की स्थिति
कुलदीप यादव ने 124 वनडे मैचों में 201 विकेट लिए हैं, जो भारत की मौजूदा टीम के किसी भी गेंदबाज से अधिक हैं। इसके बावजूद न्यूजीलैंड के खिलाफ हाल की टी20 सीरीज — जिसे भारत ने 3-2 से जीता — में उन्हें एक भी मैच में शामिल नहीं किया गया। उपमहाद्वीप के बाहर उनकी गैरमौजूदगी के पीछे 'टीम बैलेंस' का तर्क अक्सर सामने आता है। आँकड़े बताते हैं कि पिछले दो वर्षों में सेना देशों — दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया — में खेले गए 35 मुकाबलों में से कुलदीप केवल 3 मैच ही खेल पाए हैं।
मनिंदर ने कहा, 'देखिए, मेरे लिए भी यह एक रहस्य बन गया है कि कुलदीप यादव को लगातार खेलने का मौका क्यों नहीं दिया जा रहा है। वह एक रिस्ट-स्पिनर हैं, जो वनडे और टी20 क्रिकेट में बहुत असरदार साबित होते हैं, लेकिन मुझे लगता है कि अगर उन्हें सही भरोसा दिया जाए तो कुलदीप यादव टेस्ट क्रिकेट में भी बहुत कारगर साबित हो सकते हैं।'
मुरली कार्तिक से तुलना — इतिहास खुद को दोहरा रहा है?
मनिंदर ने कुलदीप की स्थिति की तुलना पूर्व बाएं हाथ के स्पिनर मुरली कार्तिक से की। उन्होंने कहा कि कार्तिक के समय में कप्तान सौरव गांगुली और राहुल द्रविड़ — जो खुद बाएं हाथ के स्पिन को अच्छी तरह खेलते थे — उनकी क्षमता को लेकर आश्वस्त नहीं थे, जिसके चलते उन्हें भी पर्याप्त मौके नहीं मिले।
मनिंदर के अनुसार, 'शायद कुछ खिलाड़ी और कप्तान ऐसे हैं जिन्हें लगता है कि वे कुलदीप के खिलाफ बहुत आसानी से खेल सकते हैं; इसलिए उन्हें लगता होगा कि बाकी दुनिया भी उनके खिलाफ आसानी से खेल लेती होगी।' उन्होंने यह भी याद दिलाया कि इंग्लैंड में डेढ़ साल पहले हुई 5 टेस्ट मैचों की सीरीज, जो 2-2 से बराबर रही, में अगर कुलदीप को लगातार खिलाया जाता तो भारत वह सीरीज 3-1 से जीत सकता था।
डेरिल मिशेल चुनौती और स्पिन संयोजन
यदि कुलदीप ऑकलैंड वनडे में खेलते हैं, तो उनका सामना डेरिल मिशेल से होगा। इस वर्ष की शुरुआत में भारत में खेली गई वनडे सीरीज में मिशेल ने कुलदीप के खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया था और न्यूजीलैंड ने वह सीरीज 2-1 से जीती थी। उस सीरीज में कुलदीप ने प्रति ओवर 7.28 रन दिए — जो उनके करियर की सबसे महंगी वनडे सीरीज रही — और 3 मैचों में 60.7 की औसत से केवल 3 विकेट लिए।
गौरतलब है कि मिशेल ने 2024 की शुरुआत से स्पिनर्स के विरुद्ध 'स्वीप' शॉट से 109 गेंदों में 147 रन बनाए हैं, और इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 135 रहा है। इस शॉट को खेलते हुए वे अब तक कभी आउट नहीं हुए हैं। मनिंदर का सुझाव है कि भारतीय गेंदबाजों को मिशेल को रोकने की बजाय उनका विकेट लेने की रणनीति अपनानी चाहिए।
भारत के संभावित स्पिन संयोजन में कुलदीप, अक्षर पटेल और नमन धीर विकल्प के तौर पर हैं। मनिंदर ने नमन धीर को लेकर कहा कि उनमें 'काफी क्षमता है' और उन्हें लगातार मौके मिलने चाहिए। अक्षर पटेल के बारे में उन्होंने कहा कि मैच से पहले कोई यदि उनसे कुछ मिनट भी बात कर ले, तो वे मैदान पर अपना सर्वश्रेष्ठ दे सकते हैं।
हार्दिक पंड्या की अनुपस्थिति और सीम आक्रमण
भारत के सीम-बॉलिंग विभाग में इस समय अनुभव की कमी स्पष्ट दिखती है। जसप्रीत बुमराह को टेस्ट सीरीज की तैयारी के लिए आराम दिया गया है, जबकि प्रसिद्ध कृष्णा और हर्षित राणा चोट के कारण उपलब्ध नहीं हैं। मोहम्मद सिराज, जिन्होंने 51 वनडे मैचों में 77 विकेट लिए हैं, इस आक्रमण के सबसे अनुभवी गेंदबाज हैं।
अर्शदीप सिंह (18 वनडे) इस गेंदबाजी समूह की अगुवाई करेंगे। इनके साथ गुरनूर बराड़ (9 मैच), अंशुल कंबोज और आकिब नबी (एक-एक मैच) शामिल हैं। यश ठाकुर — जिन्होंने अभी तक कोई अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं खेला है — को केवल अंतिम दो मुकाबलों के लिए टीम में शामिल किया गया है। नीतीश कुमार रेड्डी पहले मैच के बाद टीम से अलग हो जाएंगे, ताकि वे दो टेस्ट मैचों की तैयारी कर सकें।
मनिंदर ने हार्दिक पंड्या की अनुपस्थिति पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा, 'हार्दिक पंड्या की कमी भारतीय टीम को नुकसान पहुंचा रही है। उनमें अकेले दम पर मैच जिताने की काबिलियत है।' हार्दिक आईपीएल 2026 के बाद से लगातार चोटों से जूझ रहे हैं — हाल ही में शिन की तकलीफ के चलते वे अक्टूबर में पुडुचेरी में ऑस्ट्रेलिया ए के विरुद्ध भारत ए की 50 ओवरों की सीरीज में भी नहीं खेल सके। विश्व कप में अब एक वर्ष से भी कम समय शेष है, ऐसे में उनकी फिटनेस भारत के लिए सबसे बड़ी चिंता बनती जा रही है।
मनिंदर ने यह भी कहा कि हार्दिक की अनुपस्थिति अन्य ऑलराउंडरों के लिए खुद को साबित करने का मौका हो सकती है — 'यह एक तरह से छिपा हुआ वरदान भी हो सकता है।' न्यूजीलैंड के विरुद्ध यह वनडे सीरीज भारत के लिए न सिर्फ जीत के लिहाज से, बल्कि विश्व कप से पहले अपनी एकादश तय करने के नजरिए से भी अहम होगी।