कुलदीप यादव को न्यूज़ीलैंड T20 सीरीज में मौका न मिलना हैरान करने वाला: वेंकटपति राजू
सारांश
मुख्य बातें
भारत के पूर्व राष्ट्रीय चयनकर्ता और बाएं हाथ के स्पिनर वेंकटपति राजू ने 3 नवंबर 2026 को लेग स्पिनर कुलदीप यादव को न्यूज़ीलैंड के खिलाफ पाँच मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज में एक भी मैच न खिलाए जाने पर गहरी हैरानी जताई। यह सीरीज न्यूज़ीलैंड ने 3-2 से जीती। राजू ने टीम मैनेजमेंट से अनुरोध किया है कि वनडे वर्ल्ड कप 2027 से पहले कुलदीप को नियमित अवसर दिए जाएं।
कुलदीप की उपेक्षा: आँकड़े क्या कहते हैं
राजू ने एक वर्चुअल बातचीत में बताया कि मौजूदा टीम मैनेजमेंट के तहत पिछले 24 महीनों में भारत ने साउथ अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूज़ीलैंड और ऑस्ट्रेलिया में कुल 35 मैच खेले, जिनमें कुलदीप यादव सिर्फ 3 मुकाबलों में ही खेले। राजू ने कहा, 'जब आप कुलदीप को टीम में शामिल करते हैं तो फिर उसे खिलाते क्यों नहीं? हम सभी जानते हैं कि व्हाइट-बॉल क्रिकेट में रिस्ट-स्पिनर कितने अहम होते हैं।'
उन्होंने यह भी तर्क दिया कि यदि कुलदीप को खेलने का मौका नहीं मिलना है तो उन्हें घरेलू क्रिकेट में खेलने दिया जाए, ताकि उनकी गेंदबाज़ी की धार बनी रहे। उनके अनुसार, 'चाहे वह रिस्ट-स्पिनर हो या बाएं हाथ का स्पिनर — वह जितने ज़्यादा मैच खेलेगा, उसका अपनी गेंदबाज़ी पर उतना ही बेहतर कंट्रोल होगा।'
गेंदबाज़ी विविधता की कमी पर चिंता
राजू ने भारतीय गेंदबाज़ी आक्रमण में वेरिएशन की कमी को भी एक बड़ी समस्या बताया। उनका मानना है कि इसी वजह से विरोधी बल्लेबाज़ खुलकर आक्रमण करते हैं। उन्होंने कहा, 'हम अलग-अलग मीडियम-फास्ट गेंदबाज़ों को आज़मा रहे हैं, लेकिन उनमें अनुभव की कमी है।'
राजू ने हेड कोच गौतम गंभीर के उस बयान पर भी प्रतिक्रिया दी जिसमें उन्होंने कहा था कि वे सबको खुश करने के लिए नहीं हैं। राजू का कहना था कि टीम मैनेजमेंट से खुश करने की नहीं, बल्कि मैच जिताने वाले खिलाड़ियों का पूरा इस्तेमाल करने की उम्मीद की जाती है।
अक्षर पटेल और स्पिन जोड़ी का अभाव
टी20 सीरीज में महंगे साबित हुए अक्षर पटेल के बारे में राजू ने कहा कि इस ऑलराउंडर की गेंदबाज़ी से हाल के दिनों में वेरिएशन गायब हो रही है। उन्होंने कहा, 'अभी हमारे पास चहल या कुलदीप जैसी स्पिन जोड़ी नहीं है। जब वे टीम में होते थे तो वे अकेले दम पर मैच जिताने की क्षमता रखते थे, लेकिन अभी अक्षर को वैसा सपोर्ट नहीं मिल रहा।'
उन्होंने रवींद्र जडेजा की वनडे टीम से लंबे समय से अनुपस्थिति का भी उल्लेख किया और वाशिंगटन सुंदर सहित कई ऑलराउंडरों की चोटों को भारतीय गेंदबाज़ी संयोजन के लिए चिंताजनक बताया। राजू के अनुसार, 'जडेजा और अश्विन की जोड़ी जैसी साझेदारी का अभाव अक्षर के प्रदर्शन पर भी असर डाल रहा है।'
वर्ल्ड कप 2027 से पहले रोहित-कोहली की अहमियत
राजू ने स्पष्ट किया कि रोहित शर्मा और विराट कोहली के अनुभव को लेकर कोई चिंता नहीं है। साउथ अफ्रीका, ज़िम्बाब्वे और नामीबिया में 2 अक्टूबर से 21 नवंबर 2027 तक होने वाले वनडे वर्ल्ड कप से पहले इन दोनों को अधिक से अधिक मैच खेलने चाहिए। उन्होंने 2011 वर्ल्ड कप का उदाहरण देते हुए कहा कि उस समय अनुभवी और युवा खिलाड़ियों का सही संतुलन ही टीम की सफलता का आधार बना था।
तेज़ गेंदबाज़ों की चोटें और आगे की राह
राजू ने यह भी कहा कि विरोधी टीमें — विशेषकर ऑस्ट्रेलिया, साउथ अफ्रीका और न्यूज़ीलैंड — लंबे और पिच पर ज़ोर से गेंद पटकने वाले तेज़ गेंदबाज़ों के साथ उतर रही हैं, जबकि भारत के ऐसे गेंदबाज़ चोटों के कारण टीम से बाहर हैं। उनके अनुसार, 'गेंदबाज़ी हमारी मुख्य चिंता का विषय होगी। वर्ल्ड कप से पहले चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट को एक सही संयोजन खोजना होगा और इन खिलाड़ियों का अच्छे से ध्यान रखा जाए।' भारत की न्यूज़ीलैंड वनडे सीरीज बुधवार से शुरू होने वाली है, और यही वह मंच होगा जहाँ नए संयोजन की परीक्षा होगी।