सोने में ₹52 की मामूली बढ़त, चांदी ₹3,547 उछलकर ₹1,79,972 प्रति किलो; कॉमेक्स पर दोनों धातुएँ दबाव में
सारांश
मुख्य बातें
इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आँकड़ों के अनुसार, 3 नवंबर 2026 को घरेलू बाज़ार में 24 कैरेट सोने की कीमत मामूली रूप से ₹52 बढ़कर ₹1,37,576 प्रति 10 ग्राम पर आ गई, जबकि चांदी में बड़ी उछाल देखी गई — यह ₹3,547 की तेज़ी के साथ ₹1,79,972 प्रति किलो पर पहुँच गई। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, हालाँकि, दोनों कीमती धातुओं में गिरावट दर्ज की गई।
सोने की श्रेणीवार कीमतें
IBJA के अनुसार, 24 कैरेट सोना पहले ₹1,37,524 प्रति 10 ग्राम पर था, जो अब ₹1,37,576 प्रति 10 ग्राम हो गया है। 22 कैरेट सोने की कीमत ₹1,25,990 से बढ़कर ₹1,26,020 प्रति 10 ग्राम पर आई। 18 कैरेट सोने का दाम ₹1,03,158 से बढ़कर ₹1,03,182 प्रति 10 ग्राम हो गया है।
चांदी में बड़ी तेज़ी
सोने की तुलना में चांदी की कीमतों में कहीं अधिक उछाल रही। चांदी का दाम ₹1,76,425 प्रति किलो से एक झटके में ₹3,547 बढ़कर ₹1,79,972 प्रति किलो पर पहुँच गया। यह घरेलू माँग और औद्योगिक उपयोग से जुड़ी खरीदारी के संयुक्त असर को दर्शाता है।
अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में दबाव
वैश्विक स्तर पर तस्वीर उलट रही। खबर लिखे जाने तक कॉमेक्स पर सोना 1.36% की कमज़ोरी के साथ $3,916 प्रति औंस पर था, जबकि चांदी 3.60% की गिरावट के साथ $49.05 प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी। जानकारों के अनुसार, कॉमेक्स सोने के $3,910 प्रति औंस के स्तर की ओर खिसकने और लगातार प्रॉफिट बुकिंग होने से सोने पर दबाव बना हुआ है।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
बाज़ार विशेषज्ञों ने कहा कि सोने पर जारी दबाव ने कीमतों को अत्यधिक बिकवाली वाले (ओवरसोल्ड) दायरे के करीब पहुँचा दिया है। हालाँकि, इनका कहना है कि कोई भी ठोस सुधार नई खरीदारी और वैश्विक संकेतों पर निर्भर करेगा। तकनीकी रूप से, ₹1,42,000 प्रति 10 ग्राम का स्तर एक बड़े प्रतिरोध क्षेत्र के रूप में बना हुआ है, और निकट भविष्य में सुधार के लिए कीमतों का इस स्तर से ऊपर टिके रहना ज़रूरी होगा।
आगे किन कारकों पर रहेगी नज़र
विशेषज्ञों के अनुसार, इस सप्ताह बाज़ार की नज़र अमेरिका से जुड़े अहम घटनाक्रमों पर रहेगी — खासकर अमेरिकी चुनाव परिणाम, बेरोज़गारी के आँकड़े और 'नॉन-फार्म पेरोल' डेटा पर, जिनसे अमेरिकी फेडरल रिज़र्व की भावी नीतिगत दिशा के बारे में अधिक स्पष्टता मिल सकती है। ये वैश्विक संकेत आने वाले दिनों में घरेलू सोने और चांदी की कीमतों की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएँगे।