कर्नाटक: BJP का कोलार में 'लोकतंत्र बचाओ' मार्च, कांग्रेस पर लोकतंत्र को कमज़ोर करने का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने मंगलवार, 3 नवंबर 2026 को कर्नाटक के कोलार में 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता मिटाओ' नारे के साथ एक बड़ा विरोध मार्च निकाला। पार्टी ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) और उसके नेताओं पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमज़ोर करने तथा देशभर में अशांति फैलाने की साजिश रचने का आरोप लगाया। यह अभियान राज्य में BJP के संगठनात्मक पुनर्गठन और अगले विधानसभा चुनावों की तैयारी का हिस्सा माना जा रहा है।
मुख्य घटनाक्रम
मार्च को संबोधित करते हुए BJP के कर्नाटक प्रदेश अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी और उनकी पार्टी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता को बर्दाश्त नहीं कर पा रहे। उन्होंने कहा, 'हम लोगों में ऐसी राष्ट्रविरोधी ताकतों के खिलाफ जागरूकता पैदा कर रहे हैं।'
विजयेंद्र ने यह भी कहा कि NDA सरकार लगातार तीसरी बार केंद्र में सत्ता में लौटी है, फिर भी कांग्रेस दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों के ज़रिए केंद्र सरकार को अस्थिर करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी तरह की अशांति फैलाने के प्रयास बांग्लादेश, श्रीलंका, नेपाल और फ्रांस में भी देखे गए हैं।
विजयेंद्र ने घोषणा की कि यह विरोध मार्च अभियान बुधवार को चित्रदुर्ग में भी जारी रहेगा।
येदियुरप्पा का आह्वान और चुनावी संकल्प
पूर्व मुख्यमंत्री एवं BJP संसदीय बोर्ड के सदस्य बीएस येदियुरप्पा ने सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस पर लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमज़ोर करने की साजिश का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि BJP ने इसी कथित साजिश का मुकाबला करने के लिए यह अभियान शुरू किया है।
येदियुरप्पा ने विश्वास जताया कि BJP और जनता दल (सेकुलर) — JD(S) मिलकर अगले विधानसभा चुनावों के बाद कर्नाटक में NDA सरकार बनाएंगे। उन्होंने कांग्रेस सरकार के शासनकाल में भ्रष्टाचार बढ़ने, विकास कार्य ठप होने तथा दूध व अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में बार-बार वृद्धि की आलोचना की।
विपक्ष के नेता आर. अशोक की तीखी प्रतिक्रिया
कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने पत्रकारों से बात करते हुए कांग्रेस, आम आदमी पार्टी (AAP) तथा अन्य विपक्षी दलों पर देश में राजनीतिक अस्थिरता पैदा करने के लिए गठजोड़ करने का आरोप लगाया। अशोक ने कहा कि कांग्रेस लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमज़ोर करके सत्ता हथियाने की कोशिश कर रही है, लेकिन ऐसे प्रयास सफल नहीं होंगे।
उन्होंने EVM पर उठाए जा रहे सवालों को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि 'EVM से चुनाव जीतने पर चुप रहना और हारने पर मशीनों पर सवाल उठाना कांग्रेस की पुरानी आदत है।' उन्होंने यह भी याद दिलाया कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने स्वयं इलेक्ट्रॉनिक मतदान मशीन प्रणाली की शुरुआत की थी। अशोक ने दावा किया कि अगर कर्नाटक में तत्काल चुनाव कराए जाएं, तो कांग्रेस को करारी हार का सामना करना पड़ेगा।
SIR और EVM विवाद की पृष्ठभूमि
विजयेंद्र ने कहा कि देश में कई बार विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभ्यास हो चुका है, लेकिन कांग्रेस को न SIR प्रक्रिया पर भरोसा है, न EVM पर और न ही सर्वोच्च न्यायालय पर। गौरतलब है कि EVM की विश्वसनीयता को लेकर विपक्षी दलों की आपत्तियाँ पिछले कई चुनावों से राष्ट्रीय बहस का हिस्सा रही हैं, और चुनाव आयोग (ECI) बार-बार मशीनों की सुरक्षा का दावा कर चुका है।
आगे क्या होगा
BJP का यह 'लोकतंत्र बचाओ' अभियान आने वाले दिनों में कर्नाटक के कई और ज़िलों में जारी रहने की उम्मीद है। चित्रदुर्ग में बुधवार को होने वाला मार्च इस क्रम की अगली कड़ी है। यह अभियान BJP के लिए कार्यकर्ताओं को एकजुट करने और राज्य में विपक्षी भूमिका को धार देने का एक राजनीतिक अवसर है — ऐसे समय में जब कर्नाटक में कांग्रेस सरकार के ख़िलाफ़ BJP अपनी ज़मीन मज़बूत करने में जुटी है।