3 नवंबर 2026
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उत्तर कोरिया ने रणनीतिक क्रूज मिसाइल के लिए 'डिस्पर्सल वारहेड' का परीक्षण किया, 5-6 हेक्टेयर तबाही की क्षमता

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उत्तर कोरिया ने रणनीतिक क्रूज मिसाइल के लिए 'डिस्पर्सल वारहेड' का परीक्षण किया, 5-6 हेक्टेयर तबाही की क्षमता

सारांश

उत्तर कोरिया ने क्लस्टर बम परीक्षण के बाद अब क्रूज मिसाइल के लिए 'डिस्पर्सल वारहेड' आज़माया है — एक ऐसा हथियार जो 5-6 हेक्टेयर तबाह कर सकता है और दक्षिण कोरिया की भूमिगत सैन्य सुविधाओं को सीधे निशाना बना सकता है। यह परीक्षण श्रृंखला कोरियाई प्रायद्वीप पर तनाव का नया अध्याय खोलती है।

मुख्य बातें

उत्तर कोरिया ने 3 नवंबर 2026 को रणनीतिक क्रूज मिसाइल के लिए 'डिस्पर्सल वारहेड' का परीक्षण किया।
वारहेड की क्षमता: एकल प्रहार में 5 से 6 हेक्टेयर क्षेत्र को नष्ट करने में सक्षम।
मिसाइल की वर्टिकल स्ट्राइक क्षमता में सुधार; दक्षिण कोरिया की भूमिगत सैन्य सुविधाओं को निशाना बनाने की कोशिश।
इससे दो दिन पहले बैलिस्टिक मिसाइल के लिए क्लस्टर बम का परीक्षण भी किया गया था।
उत्तर कोरिया ने इस वर्ष के अंत तक कई क्लस्टर वारहेड तैनात करने की घोषणा की है।
दक्षिण कोरियाई सेना ने कहा — वे हर स्थिति के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

उत्तर कोरिया ने सोमवार, 3 नवंबर 2026 को एक रणनीतिक क्रूज मिसाइल के लिए 'डिस्पर्सल वारहेड' का परीक्षण किया — यह कदम बैलिस्टिक मिसाइलों के लिए क्लस्टर बम के हालिया परीक्षण के महज कुछ दिनों बाद उठाया गया है। कोरियाई सेंट्रल न्यूज एजेंसी (KCNA) के अनुसार, इस वारहेड में इतनी विनाश क्षमता है कि यह एकल प्रहार में 5 से 6 हेक्टेयर क्षेत्र को पूरी तरह नष्ट कर सकता है।

परीक्षण में क्या हुआ

KCNA के मुताबिक, उत्तर कोरिया के मिसाइल प्रशासन ने इस वारहेड की मारक शक्ति और मिसाइल की 'वर्टिकल स्ट्राइक' क्षमता — यानी ऊपर से सीधे लक्ष्य पर प्रहार करने की सामर्थ्य — की जाँच की। मिसाइल के क्रूज सिस्टम संस्थान ने कहा कि टर्मिनल मैन्युवरेबिलिटी में सुधार करके मिसाइल की अंतिम उड़ान-चरण क्षमता को बेहतर किया गया है। यह उन्नयन लक्ष्य क्षेत्र की भौगोलिक एवं प्राकृतिक परिस्थितियों को ध्यान में रखकर किया गया।

गौरतलब है कि इससे ठीक दो दिन पहले, शनिवार को उत्तर कोरिया ने सामरिक बैलिस्टिक मिसाइलों पर लगाए जा सकने वाले एक क्लस्टर बम का भी परीक्षण किया था। देश पहले ही घोषणा कर चुका है कि वह इस वर्ष के अंत तक कई तरह के क्लस्टर वारहेड तैनात करेगा।

सैन्य महत्व और विशेषज्ञ विश्लेषण

विशेषज्ञों का मानना है कि वर्टिकल स्ट्राइक क्षमता उत्तर कोरिया को पड़ोसी दक्षिण कोरिया की भूमिगत सैन्य सुविधाओं और सुरंगों के प्रवेश द्वारों को अधिक सटीकता से निशाना बनाने में सक्षम बनाती है — ऐसे ठिकानों पर सामान्य क्षैतिज या तिरछे हमलों से निशाना साधना कठिन माना जाता है।

सोल स्थित कोरिया डिफेंस एंड सिक्योरिटी फोरम के महासचिव शिन जोंग-वू ने बताया कि यह तकनीक मिसाइल को लक्ष्य पर गिरने से पहले अधिकतम गति तक पहुँचाकर उसकी विनाशकारी शक्ति बढ़ाती है और गुरुत्वाकर्षण की ऊर्जा का भी उपयोग करती है। यह ऐसे समय में आया है जब कोरियाई प्रायद्वीप पर तनाव पहले से ही उच्च स्तर पर बना हुआ है।

उत्तर कोरिया का बयान

मिसाइल प्रशासन के निदेशक ने कहा कि अलग-अलग तरह की नई हथियार प्रणालियाँ विकसित करना पहले से कहीं अधिक आवश्यक हो गया है। उन्होंने कहा, 'हमारी सेना को देश की सुरक्षा सुनिश्चित करनी है और हर तरह के खतरे को रोकने की क्षमता रखनी चाहिए।' निदेशक के अनुसार, इन परीक्षणों ने देश की 'वास्तविक युद्ध क्षमता' को प्रमाणित किया है।

दक्षिण कोरिया की प्रतिक्रिया

दक्षिण कोरियाई सेना ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि वह उत्तर कोरिया की किसी भी संभावित उकसावे वाली कार्रवाई का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है। जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ (JCS) के प्रवक्ता कैप्टन जांग डो-यंग ने एक प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि दक्षिण कोरिया पहले ही अत्याधुनिक सटीक हमले करने वाली तकनीक और संबंधित हथियार प्रणालियाँ विकसित कर चुका है।

उन्होंने कहा कि दक्षिण कोरिया की तकनीक उत्तर कोरिया द्वारा प्रचारित स्तर से काफी आगे है और सेना हर समय पूरी तरह सतर्क रहती है। यह परीक्षण श्रृंखला कोरियाई प्रायद्वीप में बढ़ते हथियारीकरण की दिशा में एक नई कड़ी बनती जा रही है और आगे आने वाले हफ्तों में इस क्षेत्र पर अंतरराष्ट्रीय नज़रें टिकी रहेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि सटीक क्षेत्रीय विनाश की क्षमता पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। इस पृष्ठभूमि में दक्षिण कोरिया का आश्वस्त करने वाला बयान तब तक पर्याप्त नहीं लगता जब तक कि उसकी जवाबी रणनीति का विस्तृत खाका सार्वजनिक न हो। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चुप्पी उत्तर कोरिया को यह संकेत दे सकती है कि परीक्षण 'स्वीकार्य सीमा' में हैं — जो एक खतरनाक मिसाल बन सकती है।
RashtraPress
3 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उत्तर कोरिया का 'डिस्पर्सल वारहेड' क्या है?
यह एक ऐसा वारहेड है जो क्रूज मिसाइल में लगाकर एकल प्रहार में 5 से 6 हेक्टेयर क्षेत्र को पूरी तरह तबाह करने में सक्षम है। यह वारहेड विस्फोट के बाद कई उप-हथियारों को बिखेरता है, जिससे एक विस्तृत क्षेत्र में एक साथ नुकसान पहुँचाया जा सकता है।
वर्टिकल स्ट्राइक क्षमता क्यों महत्वपूर्ण है?
वर्टिकल स्ट्राइक क्षमता मिसाइल को ऊपर से सीधे लक्ष्य पर गिरने देती है, जिससे भूमिगत सैन्य सुविधाओं और सुरंगों के प्रवेश द्वारों को निशाना बनाना आसान हो जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार यह तकनीक गुरुत्वाकर्षण की ऊर्जा का उपयोग कर मिसाइल की विनाशकारी शक्ति को भी बढ़ाती है।
हालिया परीक्षणों में उत्तर कोरिया ने क्या-क्या परखा है?
3 नवंबर 2026 को रणनीतिक क्रूज मिसाइल के लिए डिस्पर्सल वारहेड का परीक्षण किया गया, जबकि इससे दो दिन पहले शनिवार को बैलिस्टिक मिसाइलों पर लगाए जा सकने वाले क्लस्टर बम का परीक्षण हुआ था। उत्तर कोरिया ने घोषणा की है कि वह इस वर्ष के अंत तक कई क्लस्टर वारहेड तैनात करेगा।
दक्षिण कोरिया ने इन परीक्षणों पर क्या प्रतिक्रिया दी है?
दक्षिण कोरियाई सेना के जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के प्रवक्ता कैप्टन जांग डो-यंग ने कहा कि दक्षिण कोरिया उत्तर कोरिया की किसी भी उकसावे वाली कार्रवाई का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने यह भी कहा कि दक्षिण कोरिया की तकनीकी क्षमता उत्तर कोरिया द्वारा प्रचारित स्तर से काफी आगे है।
उत्तर कोरिया के इन परीक्षणों का क्षेत्रीय सुरक्षा पर क्या असर पड़ सकता है?
कोरिया डिफेंस एंड सिक्योरिटी फोरम के महासचिव शिन जोंग-वू के अनुसार, वर्टिकल स्ट्राइक और डिस्पर्सल तकनीक मिलकर दक्षिण कोरिया की भूमिगत सैन्य संरचनाओं के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह परीक्षण श्रृंखला कोरियाई प्रायद्वीप पर तनाव और बढ़ा सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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