सोना ₹1,369 सस्ता होकर ₹1,48,061 प्रति 10 ग्राम; चांदी भी ₹814 गिरी — 12 अक्टूबर 2026 के भाव
सारांश
मुख्य बातें
सोने और चांदी की कीमतों में सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई, जिससे दोनों कीमती धातुओं के दाम करीब ₹1,400 तक नीचे आ गए। इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आँकड़ों के अनुसार, 24 कैरेट सोने का भाव ₹1,369 की गिरावट के साथ ₹1,48,061 प्रति 10 ग्राम पर आ गया — जो इससे पहले ₹1,49,430 प्रति 10 ग्राम था।
सोने के विभिन्न कैरेट के ताज़ा भाव
22 कैरेट सोने का दाम ₹1,36,878 से घटकर ₹1,35,624 प्रति 10 ग्राम हो गया। वहीं 18 कैरेट सोने की कीमत ₹1,12,073 से गिरकर ₹1,11,046 प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई। यह गिरावट ज्वेलरी बाज़ार में खरीदारों के लिए एक अनुकूल अवसर मानी जा रही है।
चांदी की कीमत में भी कमी
सोने की तरह चांदी के भाव में भी नरमी रही। IBJA के आँकड़ों के अनुसार, चांदी का दाम ₹814 घटकर ₹2,20,295 प्रति किलो पर आ गया, जो इससे पहले ₹2,21,109 प्रति किलो था। औद्योगिक और निवेश दोनों माँग के लिहाज़ से यह बदलाव महत्त्वपूर्ण है।
अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में भी दबाव
घरेलू गिरावट वैश्विक रुझानों से जुड़ी हुई है। खबर लिखे जाने तक COMEX पर सोने का भाव 0.7 प्रतिशत गिरकर 4,187 डॉलर प्रति औंस और चांदी 0.25 प्रतिशत की गिरावट के साथ 60.88 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक निवेशक अमेरिकी आर्थिक आँकड़ों पर कड़ी नज़र रखे हुए हैं।
गिरावट की वजह और विशेषज्ञों की राय
बाज़ार विशेषज्ञों के अनुसार, इस गिरावट की प्रमुख वजह डॉलर के मुकाबले रुपए का मज़बूत होना है — रुपया 95.75 के स्तर पर आ गया, जिससे आयातित सोने की लागत घटी। विशेषज्ञों ने यह भी कहा कि निवेशकों की निगाहें इस सप्ताह जारी होने वाले अमेरिकी CPI (उपभोक्ता मूल्य सूचकांक) आँकड़ों पर टिकी हैं।
उनके अनुसार, महंगाई को लेकर बाज़ार में अपेक्षाएँ अभी भी ऊँची बनी हुई हैं और इससे अमेरिकी फेडरल रिज़र्व के ब्याज दरों से जुड़े रुख पर असर पड़ सकता है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि निकट भविष्य में बाज़ार में उतार-चढ़ाव बना रहेगा और सोने की कीमतें ₹1,48,000 से ₹1,52,000 प्रति 10 ग्राम की सीमा में रह सकती हैं।
खरीदारों और निवेशकों के लिए संकेत
गौरतलब है कि घरेलू सोने की कीमतें हाल के महीनों में ऐतिहासिक ऊँचाइयों पर पहुँची थीं, इसलिए यह अल्पकालिक गिरावट उन खरीदारों के लिए राहत की खबर है जो त्योहारी सीज़न में सोना या चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं। हालाँकि, विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक अनिश्चितता को देखते हुए दीर्घकालिक रुझान का आकलन अमेरिकी आँकड़ों के बाद ही स्पष्ट होगा।