सोना लगातार पाँचवें दिन फिसला: 24 कैरेट ₹1,41,630 पर, चांदी ₹1,94,415 प्रति किलो
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली में 23 अक्टूबर 2026 (शुक्रवार) को सोने और चांदी की कीमतों में लगातार पाँचवें कारोबारी दिन गिरावट दर्ज की गई। इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आँकड़ों के अनुसार, 24 कैरेट सोने का हाजिर भाव ₹1,064 प्रति 10 ग्राम की गिरावट के साथ ₹1,41,630 प्रति 10 ग्राम पर आ गया। सप्ताह की शुरुआत में यह ₹1,46,426 प्रति 10 ग्राम था, यानी सात दिनों में करीब 2.5 प्रतिशत की कमजोरी आई है।
कैरेटवार सोने के ताज़ा भाव
22 कैरेट सोना ₹1,30,708 से घटकर ₹1,29,733 प्रति 10 ग्राम पर पहुँच गया। 18 कैरेट सोने का भाव ₹1,07,021 से कम होकर ₹1,06,223 प्रति 10 ग्राम रह गया। यह गिरावट सभी श्रेणियों में एकसमान दिख रही है, जो यह संकेत देती है कि दबाव केवल एक वर्ग तक सीमित नहीं है।
चांदी में बड़ी गिरावट
चांदी की कीमत में भी तीखी गिरावट देखी गई। IBJA के मुताबिक, चांदी का भाव ₹5,362 प्रति किलो की कमी के साथ ₹1,94,415 प्रति किलो पर आ गया, जो पहले ₹1,99,777 प्रति किलो था। इस प्रकार चांदी ₹1,95,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे खिसक गई है।
वायदा बाज़ार में भी दबाव
हाजिर बाजार के साथ-साथ वायदा बाजार में भी कमजोरी बनी रही। 4 दिसंबर 2026 की समाप्ति वाला सोने का कॉन्ट्रैक्ट ₹500 (0.35 प्रतिशत) गिरकर ₹1,42,809 प्रति 10 ग्राम पर था। इसी तारीख का चांदी का कॉन्ट्रैक्ट ₹3,993 (2 प्रतिशत) की गिरावट के साथ ₹1,95,606 प्रति किलो पर कारोबार कर रहा था।
गिरावट की वजह और विशेषज्ञों की राय
बाज़ार विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ने की बढ़ती उम्मीदों ने सोने पर दबाव बनाए रखा है। उनका कहना है कि बॉन्ड यील्ड में उछाल से सोने जैसी गैर-उपज देने वाली संपत्तियों की अवसर-लागत बढ़ जाती है, जिससे निवेशक इनसे किनारा करने लगते हैं। कॉमेक्स गोल्ड में भी गिरावट दर्ज की गई और यह 4,000 डॉलर के स्तर की ओर आ गया।
गौरतलब है कि यह गिरावट ऐसे समय आई है जब वैश्विक निवेशकों की नज़र अगले हफ्ते अमेरिकी फेडरल रिजर्व (Fed) के नीतिगत फैसले पर टिकी है। विशेषज्ञों का मानना है कि फेड का ब्याज दरों पर रुख और नीतिगत गाइडेंस ही यह तय करेगी कि आगामी हफ्तों में सोने की दिशा ऊपर जाती है या नीचे।
आगे क्या होगा
बाज़ार प्रतिभागियों की नज़र अब फेड की बैठक पर है, जो अगले हफ्ते होने वाली है। यदि Fed दरें बढ़ाने का संकेत देता है, तो सोने पर और दबाव बन सकता है। दूसरी ओर, यदि नीतिगत नरमी के संकेत मिलते हैं, तो कीमतों में सुधार की गुंजाइश रहेगी — घरेलू ज्वेलरी और निवेश माँग पर इसका सीधा असर पड़ेगा।