सोना ₹1.56 लाख के पार, चांदी ₹2.65 लाख प्रति किलो; कॉमेक्स पर भी रिकॉर्ड तेज़ी
सारांश
मुख्य बातें
सोने और चांदी की कीमतों में मंगलवार, 2 जून को फिर से तेज़ उछाल दर्ज किया गया, जिससे 24 कैरेट सोने का भाव ₹1,56,294 प्रति 10 ग्राम और चांदी का दाम ₹2,65,300 प्रति किलो के पार पहुँच गया। इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आँकड़ों के अनुसार, सोने में ₹758 और चांदी में ₹2,050 प्रति किलो की एकल-दिवसीय बढ़त देखी गई।
हाजिर बाज़ार में कीमतों का ब्यौरा
IBJA के मुताबिक 24 कैरेट सोना पिछले स्तर ₹1,55,536 से बढ़कर ₹1,56,294 प्रति 10 ग्राम पर पहुँचा। 22 कैरेट का भाव ₹1,42,471 से बढ़कर ₹1,43,165 प्रति 10 ग्राम और 18 कैरेट का दाम ₹1,16,652 से चढ़कर ₹1,17,221 प्रति 10 ग्राम हो गया।
चांदी की कीमत भी पिछले स्तर ₹2,63,250 से बढ़कर ₹2,65,300 प्रति किलो पर पहुँच गई। IBJA दिन में दो बार बुलियन कीमतें जारी करता है, जो आभूषण कारोबार और खुदरा खरीदारों के लिए संदर्भ-दर मानी जाती हैं।
वायदा बाज़ार में भी उछाल
हाजिर के साथ-साथ वायदा बाज़ार में भी मज़बूती दिखी। खबर लिखे जाने तक सोने का 5 अगस्त 2026 का कॉन्ट्रैक्ट 0.55% की तेज़ी के साथ ₹1,60,120 पर और चांदी का 3 जुलाई 2026 का कॉन्ट्रैक्ट 1.59% की बढ़त के साथ ₹2,70,405 पर कारोबार कर रहा था।
अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों का असर
अंतरराष्ट्रीय मोर्चे पर कॉमेक्स पर सोना 0.82% की तेज़ी के साथ $4,543.07 प्रति औंस और चांदी 1.57% की बढ़त के साथ $76.47 प्रति औंस पर पहुँच गई। यह तेज़ी ऐसे समय में आई है जब वैश्विक निवेशक भू-राजनीतिक जोखिमों के बीच सुरक्षित-निवेश परिसंपत्तियों की ओर रुख कर रहे हैं।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
एसकेपी सिक्योरिटीज के जतिन त्रिवेदी के अनुसार, “अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण कमज़ोर खुलने के बाद सोने में रिकवरी देखने को मिली। इससे कॉमेक्स पर सोना फिर से $4,500 प्रति औंस के पार निकल गया है।” उन्होंने कहा कि आगे की दिशा ईरान-अमेरिका युद्ध के घटनाक्रम और अमेरिका से आने वाले आर्थिक आँकड़ों से तय होगी।
त्रिवेदी ने तकनीकी स्तरों पर बताया कि सोने के लिए सपोर्ट ₹1,59,500 और रुकावट ₹1,61,000 के आसपास है। गौरतलब है कि बीते कुछ महीनों में बुलियन ने लगातार नई ऊँचाइयाँ छुई हैं, जो वैश्विक अनिश्चितता का साफ़ संकेत मानी जा रही है।
आगे क्या
विश्लेषकों का मानना है कि जब तक पश्चिम एशिया का तनाव बना रहता है और अमेरिकी फेडरल रिज़र्व की मौद्रिक नीति पर अस्पष्टता कायम है, तब तक सोने-चांदी में सुरक्षित-निवेश माँग बनी रह सकती है। खुदरा खरीदारों और आभूषण व्यापारियों के लिए आने वाले हफ्ते मूल्य-निर्धारण के लिहाज़ से निर्णायक रहेंगे।