दीया मिर्जा वीडियो विवाद: बॉम्बे हाई कोर्ट के फैसले पर भाई जगताप का BJP पर हमला
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस नेता और महाराष्ट्र विधान परिषद सदस्य भाई जगताप ने 3 नवंबर 2026 को मुंबई में बॉम्बे हाई कोर्ट के उस फैसले का स्वागत किया, जिसमें बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) को अभिनेत्री व पर्यावरण कार्यकर्ता दीया मिर्जा का 'प्रदूषण मुक्त दिवाली' वाला वीडियो दोबारा अपलोड करने का निर्देश दिया गया। जगताप ने इस फैसले को भारतीय जनता पार्टी (BJP) की कथित संकीर्ण मानसिकता पर करारा जवाब बताते हुए चार अलग-अलग मुद्दों पर पार्टी को घेरा।
दीया मिर्जा वीडियो विवाद और हाई कोर्ट का निर्देश
जगताप ने कहा कि दीया मिर्जा एक पर्यावरण कार्यकर्ता, पूर्व मिस इंडिया और अभिनेत्री हैं, जिनका वीडियो प्रदूषण के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से बनाया गया था। उनके अनुसार, BJP ने कथित तौर पर केवल दीया मिर्जा के मुस्लिम होने के कारण उनके साथ भेदभाव किया। जगताप ने यह भी कहा कि यदि किसी व्यक्ति को पर्यावरण अभियान के लिए आमंत्रित किया गया है, तो उसके कार्य को धार्मिक पहचान के आधार पर नहीं देखा जाना चाहिए — देश का संविधान सभी 140 करोड़ नागरिकों के लिए समान है।
फडणवीस की 'नीला-लाल संविधान' टिप्पणी पर पलटवार
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की उस टिप्पणी पर, जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्होंने हमेशा नीला संविधान देखा है जबकि कांग्रेस नेता राहुल गांधी लाल संविधान लेकर घूम रहे हैं, जगताप ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि संविधान नीला या लाल नहीं होता — यह डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर का संविधान है और उसकी पहचान किसी रंग से नहीं की जा सकती। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि वे संसद में संविधान को माथे पर लगाकर आते हैं, लेकिन कथित तौर पर उसकी भावना के विपरीत काम करते हैं।
मतदाता सूची पुनरीक्षण पर अमित शाह के दावे को चुनौती
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस दावे पर कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान मतदाता सूची से हटाए गए 3 करोड़ नाम घुसपैठियों के थे और कांग्रेस ने उन्हें दर्ज करवाया था, जगताप ने सीधे सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि सरकार ने 3 करोड़ नहीं, बल्कि साढ़े 13 करोड़ लोगों के नाम कटवाए हैं। उन्होंने पूछा कि यदि 3 करोड़ कथित घुसपैठिए थे, तो बाकी साढ़े 10 करोड़ लोगों के नाम किस आधार पर हटाए गए। जगताप ने आरोप लगाया कि यह सब सरकार के निर्देश पर हुआ और BJP का उद्देश्य मतदाता सूची में बदलाव कर चुनावी लाभ हासिल करना है।
BJP की 'लोकतंत्र बचाओ' रैली पर कटाक्ष
दिल्ली में कांग्रेस की रैली के विरोध में BJP की ओर से विभिन्न राज्यों में निकाले गए 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' मार्च पर भी जगताप ने निशाना साधा। उनका तर्क था कि केंद्र और कई राज्यों में BJP की सरकार है, इसलिए यदि लोकतंत्र खतरे में है तो इसकी जिम्मेदारी सरकार की ही बनती है। उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर लाठियां चलाई गईं, महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार किया गया और किसान आंदोलन के दौरान दिल्ली में 7 से अधिक किसानों की जान गई। जगताप के अनुसार, सरकार इन घटनाओं को अराजकता नहीं मानती लेकिन अपने विरोध में उठने वाली आवाज़ों को इसी नाम से प्रचारित करती है। यह टकराव ऐसे समय में सामने आया है जब महाराष्ट्र में राजनीतिक माहौल लगातार गर्म बना हुआ है और विपक्ष हर मुद्दे पर सत्तारूढ़ दल को घेरने की कोशिश में है।