दीया मिर्जा वीडियो विवाद: CM फडणवीस बोले — बीएमसी को अपने सोशल मीडिया कंटेंट पर पूरा अधिकार
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार, 3 नवंबर 2026 को बॉलीवुड अभिनेत्री दीया मिर्जा के दीपावली अपील वाले वीडियो को लेकर उठे राजनीतिक विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) के सोशल मीडिया हैंडल से वीडियो हटाने का फैसला पूरी तरह बीएमसी का अपना अधिकार था। यह बयान उन्होंने पुणे में हिंजवडी-शिवाजीनगर मेट्रो रूट के उद्घाटन के बाद मीडिया से बातचीत में दिया।
विवाद की पृष्ठभूमि
बीएमसी ने पर्यावरण के अनुकूल और पटाखा-मुक्त दीपावली मनाने के लिए एक जनजागरूकता अभियान चलाया था। इस अभियान में अभिनेत्री माधुरी दीक्षित, क्रिकेटर अजिंक्य रहाणे और दीया मिर्जा जैसी जानी-मानी हस्तियाँ शामिल थीं। बीएमसी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर इन हस्तियों की अपील वाला वीडियो पोस्ट किया था।
हालाँकि, विधायक अमित साटम की आलोचना के बाद वह वीडियो सोशल मीडिया से हटा दिया गया। महापौर ऋतु तावड़े ने भी इस मामले से खुद को अलग करते हुए इसके लिए सोशल मीडिया एजेंसी और प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया।
मुख्यमंत्री फडणवीस का रुख
मुख्यमंत्री फडणवीस ने मीडिया से कहा, 'जिसका सोशल मीडिया हैंडल होता है, उसी के पास यह तय करने का पूरा अधिकार होता है कि कौन-सा कंटेंट प्रकाशित करना है या हटाना है। बीएमसी ने अपने विवेक के अनुसार ही यह कदम उठाया।'
दीया मिर्जा की हैसियत के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, 'अभिनेत्री दीया मिर्जा भले ही एक जानी-मानी और सफल अभिनेत्री हों, लेकिन वह भारत की कोई प्रमुख राष्ट्रीय राजनीतिक नेता नहीं हैं। यह मुद्दा हमारे स्तर का नहीं है। यह एक मामूली बात है।'
बॉम्बे हाई कोर्ट की भूमिका पर फडणवीस ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि अदालत ने किसी को आधिकारिक रूप से फटकार लगाई है, क्योंकि यह मामला किसी औपचारिक मुकदमे के रूप में अदालत के समक्ष नहीं था — अदालत ने संभवतः केवल अपनी राय व्यक्त की होगी।
बॉम्बे हाई कोर्ट की कड़ी टिप्पणी
बॉम्बे हाई कोर्ट ने मंगलवार को इस विवाद पर बिना किसी का नाम लिए कड़ी नाराजगी जताई। पीठ ने टिप्पणी की कि 'भारत जैसे धर्मनिरपेक्ष देश में यह दुर्भाग्यपूर्ण है और धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांतों के विरुद्ध है, जब राजनीतिक नेता जनहित के लिए आगे आने वाली मशहूर हस्तियों के कार्यों को सांप्रदायिक रंग दे देते हैं।'
अदालत ने यह भी प्रश्न उठाया कि यदि कोई हस्ती पर्यावरण के अनुकूल त्योहार मनाने की वकालत कर रही है, तो इसमें आपत्तिजनक क्या है। इसके साथ ही अदालत ने नगर प्रशासन को निर्देश दिया कि दीया मिर्जा का हटाया गया वीडियो फिर से प्रसारित किया जाए।
दीया मिर्जा की प्रतिक्रिया
अभिनेत्री दीया मिर्जा ने वीडियो हटाए जाने के विरोध पर अपनी भावनाएँ व्यक्त करते हुए कहा, 'मैंने प्रदूषण-मुक्त त्योहार मनाने के पक्ष में बात की, तो मैंने क्या गलत किया?' यह टिप्पणी उस व्यापक बहस को उजागर करती है जो पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक-धार्मिक परंपराओं के बीच संतुलन को लेकर लगातार गहरी होती जा रही है।
यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में राजनीतिक दलों के बीच नगर निकायों के प्रशासनिक फैसलों पर प्रभाव को लेकर खींचतान जारी है। बॉम्बे हाई कोर्ट के हस्तक्षेप और मुख्यमंत्री के बयान के बाद यह देखना महत्त्वपूर्ण होगा कि बीएमसी वीडियो को पुनः प्रसारित करने के अदालती निर्देश का अनुपालन किस तरह करती है।