आइची-नागोया 2026 एशियन गेम्स: साई की मज़बूत लॉजिस्टिक तैयारी से भारतीय दल को मिलेगा बड़ा सहारा
सारांश
मुख्य बातें
स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) ने आइची-नागोया 2026 एशियन गेम्स में भारतीय दल की भागीदारी को सहज बनाने के लिए व्यापक लॉजिस्टिक और एथलीट-सपोर्ट व्यवस्था की है, जिससे खिलाड़ी प्रशासनिक उलझनों से मुक्त होकर अपने प्रदर्शन पर पूरा ध्यान केंद्रित कर सकें। इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन (IOA), SAI और जापान स्थित भारतीय दूतावास के प्रतिनिधियों को मिलाकर एक विशेष स्वागत एवं सहायता टीम तैयार की गई है, जो हवाई अड्डे पर एथलीटों, कोच और सपोर्ट स्टाफ का स्वागत करने और आवश्यक मार्गदर्शन देने के लिए तैनात है।
हवाई अड्डे से वेन्यू तक निर्बाध व्यवस्था
रिसेप्शन टीम आने वाले दल के सदस्यों की आगमन-संबंधी औपचारिकताओं में सहायता करेगी और उन्हें प्रतियोगिता स्थलों तथा आवासीय परिसरों तक पहुँचाने के लिए रिफ्रेशमेंट एवं मार्गदर्शन उपलब्ध कराएगी। SAI ने शूटिंग जैसे खेलों के लिए प्रतियोगिता स्थलों तक समर्पित परिवहन सेवा का इंतज़ाम किया है। मेडिकल टीमों को भी अलग-अलग स्थानों के बीच त्वरित आवाजाही और एथलीटों को समय पर चिकित्सा सहायता देने के लिए वाहन आवंटित किए गए हैं।
कोच और सपोर्ट स्टाफ के लिए वैकल्पिक इंतज़ाम
उन कोच और सपोर्ट स्टाफ सदस्यों के लिए, जिन्हें आयोजन समिति की सीमाओं के कारण आधिकारिक आवास में जगह नहीं मिल सकी, SAI ने वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की है। इससे यह पक्का किया गया है कि पूरे गेम्स के दौरान टीम को अपेक्षित लॉजिस्टिक सहयोग बिना किसी रुकावट के मिलता रहे। गौरतलब है कि बड़े बहु-खेल आयोजनों में यह एक सामान्य चुनौती होती है और इसे पहले से संबोधित करना दल के मनोबल के लिए महत्त्वपूर्ण माना जाता है।
हांगझोऊ 2023 के रिकॉर्ड को पार करने की चुनौती
भारत हांगझोऊ 2023 एशियन गेम्स में जीते गए अपने रिकॉर्ड 107 पदकों को पीछे छोड़ने की महत्त्वाकांक्षा के साथ नागोया आया है। भारतीय दल पुरुष और महिला क्रिकेट, कबड्डी और पुरुष हॉकी में मौजूदा चैंपियन है, जो इन स्पर्धाओं में उसे प्रमुख दावेदार बनाता है।
एथलेटिक्स में भारत के पदक दावेदार
एथलेटिक्स में 75 से अधिक भारतीय ट्रैक और फील्ड एथलीट प्रतिभागिता करेंगे। गुलवीर सिंह, तेजस्विन शंकर, मुरली श्रीशंकर, ज्योति याराजी और पारुल चौधरी पदक के प्रमुख दावेदारों में शामिल हैं। शॉट पुट में तजिंदरपाल सिंह तूर दो बार के डिफेंडिंग चैंपियन के रूप में आइची-नागोया पहुँचे हैं, जो उन्हें इस स्पर्धा में सर्वाधिक प्रत्याशित प्रदर्शनकर्ता बनाता है।
समन्वित प्रयास से एथलीट-प्रथम दृष्टिकोण
IOA, भारतीय दूतावास और खेल आयोजन समिति के साथ तालमेल बैठाते हुए SAI लॉजिस्टिक, मेडिकल और परिचालन समर्थन की त्रि-स्तरीय व्यवस्था सुनिश्चित कर रही है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों में अपने एथलीट-प्रबंधन ढाँचे को पेशेवर बनाने की दिशा में लगातार काम कर रहा है। आगामी दिनों में प्रतियोगिताओं के परिणाम तय करेंगे कि यह तैयारी मेडल टैली में कितनी असरदार साबित होती है।