10 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

कर्नाटक विधान परिषद क्रॉस-वोटिंग: भाजपा के आर. अशोक बोले — दोषी विधायकों को नहीं बख्शा जाएगा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
कर्नाटक विधान परिषद क्रॉस-वोटिंग: भाजपा के आर. अशोक बोले — दोषी विधायकों को नहीं बख्शा जाएगा

सारांश

कर्नाटक विधान परिषद चुनाव में BJP के चार विधायकों पर क्रॉस-वोटिंग का आरोप है। नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक ने साफ कहा — दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। गुप्त मतदान के कारण पहचान मुश्किल है, लेकिन पार्टी केंद्रीय नेतृत्व से मिलकर रणनीति तय करेगी।

मुख्य बातें

कर्नाटक विधान परिषद चुनाव में BJP के कथित तौर पर 4 विधायकों ने क्रॉस-वोटिंग की।
अशोक ने 23 जून को कहा — दोषी विधायकों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी।
चुनाव गुप्त मतदान से हुआ, इसलिए दोषियों की निश्चित पहचान अभी संभव नहीं।
प्रदेश अध्यक्ष बी.वाई.
विजयेंद्र और वरिष्ठ नेता राष्ट्रीय महासचिव बी.एल.
संतोष से मुलाकात कर रणनीति तय की जाएगी।
शिवकुमार पर धनबल और राजनीतिक दबाव से समर्थन जुटाने का आरोप लगाया गया।
धर्मस्थल में शपथ बैठक का प्रस्ताव विचार के बाद खारिज किया गया।

कर्नाटक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक ने मंगलवार, 23 जून को स्पष्ट किया कि कर्नाटक विधान परिषद चुनाव में कथित क्रॉस-वोटिंग करने वाले भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायकों के विरुद्ध कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। नई दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत में अशोक ने कहा कि पार्टी के टिकट पर चुनाव जीतकर विधानसभा पहुँचे नेताओं का पार्टी-लाइन के विरुद्ध मतदान करना 'गंभीर अनुशासनहीनता' है।

क्रॉस-वोटिंग का आरोप और पहचान की चुनौती

अशोक ने आरोप लगाया कि परिषद चुनाव में BJP के चार विधायकों ने क्रॉस-वोटिंग की। हालाँकि उन्होंने स्वीकार किया कि चुनाव गुप्त मतदान के ज़रिए हुआ था, जिससे दोषियों की निश्चित पहचान करना आसान नहीं है। उन्होंने कहा, 'गुप्त मतदान होने के कारण यह स्पष्ट रूप से बताना संभव नहीं है कि किसने क्रॉस-वोटिंग की। हमें कुछ लोगों पर संदेह है, लेकिन इस पूरे मामले पर पार्टी के भीतर विस्तार से चर्चा की जाएगी।'

यह ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक में BJP विपक्ष में है और पार्टी को अपने विधायक दल को एकजुट रखने की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। गौरतलब है कि कर्नाटक की राजनीति में दलबदल और क्रॉस-वोटिंग की घटनाएँ नई नहीं हैं — 2019 में भी बड़े पैमाने पर विधायकों की आवाजाही देखी गई थी।

केंद्रीय नेतृत्व से मुलाकात की तैयारी

अशोक ने बताया कि इस मुद्दे पर चर्चा के लिए वे, प्रदेश BJP अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र, वरिष्ठ नेता एन. रविकुमार और अन्य पदाधिकारी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव बी.एल. संतोष से मुलाकात करेंगे। उन्होंने कहा कि उपलब्ध सभी जानकारियाँ पार्टी नेतृत्व के सामने रखी जाएंगी और आगे की रणनीति तय की जाएगी।

धर्मस्थल में विधायकों की बैठक बुलाकर क्रॉस-वोटिंग न करने की शपथ दिलाने के प्रस्ताव पर अशोक ने कहा कि इस विचार पर चर्चा तो हुई थी, लेकिन बाद में इसे आगे न बढ़ाने का फैसला किया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पार्टी का आंतरिक मामला है और इसे संगठनात्मक स्तर पर ही सुलझाया जाएगा।

मुख्यमंत्री शिवकुमार पर आरोप

अशोक ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि शिवकुमार ने धनबल और राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल कर विधायकों का समर्थन जुटाने की कोशिश की। साथ ही उन्होंने कांग्रेस सरकार पर भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए दावा किया कि परिषद चुनाव के दौरान विधायकों को प्रभावित करने और उन पर दबाव बनाने की कोशिश की गई। कांग्रेस की ओर से इन आरोपों पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।

भाजपा की चेतावनी और आगे की राह

अशोक ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी: 'क्रॉस-वोटिंग करने वालों को सबक सिखाया जाएगा। वे कहीं भी चले जाएं, उन्हें छोड़ा नहीं जाएगा। पार्टी के साथ इस तरह का विश्वासघात दोबारा नहीं होना चाहिए।' BJP नेता ने स्पष्ट किया कि पार्टी इस मुद्दे को केंद्रीय नेतृत्व के समक्ष उठाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाएगी। कर्नाटक BJP के लिए यह परीक्षा की घड़ी है — आंतरिक अनुशासन बहाल करना और विपक्ष की भूमिका को प्रभावी बनाना, दोनों एक साथ।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन गुप्त मतदान की आड़ में जब दोषियों की पहचान ही संभव नहीं, तो 'सबक सिखाने' की बात खोखली लग सकती है। कर्नाटक BJP की असली समस्या अनुशासनहीनता नहीं, बल्कि वह आंतरिक असंतोष है जो 2019 के बाद से कभी पूरी तरह थमा नहीं। केंद्रीय नेतृत्व से मुलाकात और रणनीतिक बैठकें तब तक नतीजा नहीं देंगी जब तक पार्टी अपने विधायकों की शिकायतों की जड़ को नहीं समझती। मुख्यमंत्री शिवकुमार पर धनबल के आरोप लगाना आसान है — लेकिन सवाल यह है कि BJP के अपने विधायक पार्टी-लाइन से क्यों भटके, इसका जवाब BJP को खुद देना होगा।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कर्नाटक विधान परिषद चुनाव में क्रॉस-वोटिंग क्या हुई?
कर्नाटक विधान परिषद चुनाव में BJP के कथित तौर पर 4 विधायकों ने पार्टी-लाइन के विरुद्ध मतदान किया। चूँकि चुनाव गुप्त मतदान के ज़रिए हुआ, इसलिए दोषियों की निश्चित पहचान अभी तक नहीं हो पाई है।
BJP क्रॉस-वोटिंग करने वाले विधायकों के खिलाफ क्या कार्रवाई करेगी?
नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक के अनुसार, दोषी पाए जाने वाले विधायकों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। पार्टी इस मामले को राष्ट्रीय महासचिव बी.एल. संतोष सहित केंद्रीय नेतृत्व के सामने रखेगी और आगे की रणनीति तय करेगी।
गुप्त मतदान में क्रॉस-वोटिंग की पहचान कैसे होगी?
आर. अशोक ने खुद स्वीकार किया कि गुप्त मतदान के कारण यह निश्चित रूप से बताना संभव नहीं कि किसने क्रॉस-वोटिंग की। पार्टी को कुछ लोगों पर संदेह है और इस पर आंतरिक स्तर पर विस्तृत चर्चा होगी।
BJP ने मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार पर क्या आरोप लगाए?
आर. अशोक ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने धनबल और राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल कर विधायकों का समर्थन जुटाने की कोशिश की। कांग्रेस सरकार पर परिषद चुनाव के दौरान विधायकों को प्रभावित करने और दबाव बनाने का भी आरोप लगाया गया।
धर्मस्थल बैठक का प्रस्ताव क्यों खारिज हुआ?
आर. अशोक के अनुसार, विधायकों को धर्मस्थल में बुलाकर क्रॉस-वोटिंग न करने की शपथ दिलाने के प्रस्ताव पर विचार हुआ था, लेकिन बाद में इसे आगे न बढ़ाने का फैसला किया गया। उन्होंने कहा कि यह पार्टी का आंतरिक मामला है और इसे संगठनात्मक स्तर पर ही सुलझाया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 1 महीना पहले