कर्नाटक विधान परिषद क्रॉस-वोटिंग: भाजपा के आर. अशोक बोले — दोषी विधायकों को नहीं बख्शा जाएगा
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक ने मंगलवार, 23 जून को स्पष्ट किया कि कर्नाटक विधान परिषद चुनाव में कथित क्रॉस-वोटिंग करने वाले भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायकों के विरुद्ध कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। नई दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत में अशोक ने कहा कि पार्टी के टिकट पर चुनाव जीतकर विधानसभा पहुँचे नेताओं का पार्टी-लाइन के विरुद्ध मतदान करना 'गंभीर अनुशासनहीनता' है।
क्रॉस-वोटिंग का आरोप और पहचान की चुनौती
अशोक ने आरोप लगाया कि परिषद चुनाव में BJP के चार विधायकों ने क्रॉस-वोटिंग की। हालाँकि उन्होंने स्वीकार किया कि चुनाव गुप्त मतदान के ज़रिए हुआ था, जिससे दोषियों की निश्चित पहचान करना आसान नहीं है। उन्होंने कहा, 'गुप्त मतदान होने के कारण यह स्पष्ट रूप से बताना संभव नहीं है कि किसने क्रॉस-वोटिंग की। हमें कुछ लोगों पर संदेह है, लेकिन इस पूरे मामले पर पार्टी के भीतर विस्तार से चर्चा की जाएगी।'
यह ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक में BJP विपक्ष में है और पार्टी को अपने विधायक दल को एकजुट रखने की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। गौरतलब है कि कर्नाटक की राजनीति में दलबदल और क्रॉस-वोटिंग की घटनाएँ नई नहीं हैं — 2019 में भी बड़े पैमाने पर विधायकों की आवाजाही देखी गई थी।
केंद्रीय नेतृत्व से मुलाकात की तैयारी
अशोक ने बताया कि इस मुद्दे पर चर्चा के लिए वे, प्रदेश BJP अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र, वरिष्ठ नेता एन. रविकुमार और अन्य पदाधिकारी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव बी.एल. संतोष से मुलाकात करेंगे। उन्होंने कहा कि उपलब्ध सभी जानकारियाँ पार्टी नेतृत्व के सामने रखी जाएंगी और आगे की रणनीति तय की जाएगी।
धर्मस्थल में विधायकों की बैठक बुलाकर क्रॉस-वोटिंग न करने की शपथ दिलाने के प्रस्ताव पर अशोक ने कहा कि इस विचार पर चर्चा तो हुई थी, लेकिन बाद में इसे आगे न बढ़ाने का फैसला किया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पार्टी का आंतरिक मामला है और इसे संगठनात्मक स्तर पर ही सुलझाया जाएगा।
मुख्यमंत्री शिवकुमार पर आरोप
अशोक ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि शिवकुमार ने धनबल और राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल कर विधायकों का समर्थन जुटाने की कोशिश की। साथ ही उन्होंने कांग्रेस सरकार पर भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए दावा किया कि परिषद चुनाव के दौरान विधायकों को प्रभावित करने और उन पर दबाव बनाने की कोशिश की गई। कांग्रेस की ओर से इन आरोपों पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।
भाजपा की चेतावनी और आगे की राह
अशोक ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी: 'क्रॉस-वोटिंग करने वालों को सबक सिखाया जाएगा। वे कहीं भी चले जाएं, उन्हें छोड़ा नहीं जाएगा। पार्टी के साथ इस तरह का विश्वासघात दोबारा नहीं होना चाहिए।' BJP नेता ने स्पष्ट किया कि पार्टी इस मुद्दे को केंद्रीय नेतृत्व के समक्ष उठाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाएगी। कर्नाटक BJP के लिए यह परीक्षा की घड़ी है — आंतरिक अनुशासन बहाल करना और विपक्ष की भूमिका को प्रभावी बनाना, दोनों एक साथ।