कर्नाटक में भाजपा का एसआईआर महासंपर्क अभियान: विजयेंद्र ने हेब्बल में घर-घर जाकर मतदाताओं को किया जागरूक
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कर्नाटक प्रदेश अध्यक्ष और विधायक बीवाई विजयेंद्र ने 25 जुलाई 2026 को 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (एसआईआर) महासंपर्क अभियान में सक्रिय भागीदारी करते हुए बेंगलुरु के हेब्बल विधानसभा क्षेत्र में निवासियों के घरों का दौरा किया। यह राज्यव्यापी आउटरीच अभियान मतदाता सूची में जारी सुधार प्रक्रिया के प्रति जन-जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। 25 और 26 जुलाई को पूरे कर्नाटक में एक साथ संचालित इस अभियान में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से लेकर बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं तक सभी की भागीदारी सुनिश्चित की गई है।
अभियान का स्वरूप और उद्देश्य
विजयेंद्र ने हेब्बल क्षेत्र में पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय निवासियों से सीधे संवाद करते हुए एसआईआर प्रक्रिया का महत्व समझाया। उन्होंने बताया कि भाजपा ने अपने प्रत्येक प्रमुख कार्यकर्ता को 20 घरों में जाकर यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी है कि निवासियों को उनके एन्यूमरेशन फॉर्म (गणना फॉर्म) प्राप्त हुए हैं या नहीं। यह अभियान केवल जानकारी देने तक सीमित नहीं है, बल्कि मतदाताओं की व्यावहारिक शंकाओं का समाधान करना भी इसका अभिन्न हिस्सा है।
छह महीने की तैयारी, हर क्षेत्र में प्रभारी
एसआईआर महाअभियान के संयोजक और भाजपा के राज्य समन्वयक एस. दत्तात्री ने बताया कि पार्टी पिछले छह महीनों से अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं को एसआईआर प्रक्रिया की बारीकियों पर प्रशिक्षण दे रही है। उन्होंने कहा, "हर विधानसभा क्षेत्र में एसआईआर गतिविधियों की देखरेख के लिए एक प्रभारी नियुक्त किया गया है।" कार्यकर्ताओं को प्रतिदिन कम से कम 10 घरों का दौरा करने और मतदाताओं को प्रारूप मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद के अगले चरणों की जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं।
मतदाताओं की उलझन दूर करना प्राथमिकता
दत्तात्री ने स्वीकार किया कि एन्यूमरेशन फॉर्म भरने और उन्हें बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLO) को सौंपने की प्रक्रिया को लेकर मतदाताओं के मन में अभी भी भ्रम और आशंका बनी हुई है। उन्होंने कहा, "हमारा लक्ष्य हर घर तक पहुँचकर सही और सटीक जानकारी पहुँचाना है।" फॉर्म भरने की विधि पर भी अलग से प्रशिक्षण दिया गया है, ताकि कार्यकर्ता मतदाताओं की मदद कर सकें।
जन-प्रतिनिधियों की व्यापक भागीदारी
इस अभियान में केवल सक्रिय पार्टी पदाधिकारी ही नहीं, बल्कि विधायक, जिला पंचायत के पूर्व सदस्य, पूर्व विधायक, विधान परिषद के पूर्व सदस्य और अन्य मौजूदा व पूर्व जन-प्रतिनिधि भी राज्यभर में सक्रिय रूप से हिस्सा ले रहे हैं। यह व्यापक भागीदारी दर्शाती है कि भाजपा इस अभियान को एक संगठनात्मक प्राथमिकता के रूप में देख रही है। आने वाले दिनों में यह अभियान कर्नाटक के शेष विधानसभा क्षेत्रों में भी जारी रहेगा।