एसआईआर पर भाजपा नेता टीआर श्रीनिवास: असली भारतीय का नाम न कटे, फर्जी वोटर भी न बचे
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता टीआर श्रीनिवास ने 7 जुलाई को हैदराबाद में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर अपनी स्पष्ट राय रखते हुए कहा कि किसी भी वास्तविक भारतीय नागरिक का नाम सूची से नहीं हटना चाहिए, लेकिन फर्जी और अवैध प्रविष्टियों को बनाए रखना लोकतंत्र के साथ धोखा है। उन्होंने एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी से अपील की कि वे अवैध मतदाताओं की पहचान और निष्कासन की प्रक्रिया में सहयोग करें।
ओवैसी की अपील पर श्रीनिवास का रुख
श्रीनिवास ने कहा कि ओवैसी द्वारा लोगों से एसआईआर प्रक्रिया में भाग लेने, पंजीकरण कराने और अपनी शंकाओं को दूर करने की अपील एक सकारात्मक लोकतांत्रिक कदम है। हालाँकि, उन्होंने जोड़ा कि इसी के साथ ओवैसी को भारत सरकार और चुनाव आयोग (ECI) के साथ मिलकर फर्जी मतदाताओं की पहचान में भी सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। उनके अनुसार, लोकतंत्र की विश्वसनीयता तभी बनी रहती है जब मतदाता सूची पूरी तरह पारदर्शी और निर्दोष हो।
हैदराबाद में अवैध मतदाताओं की आशंका
भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि हैदराबाद और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में अवैध रूप से रह रहे लोगों के नाम मतदाता सूची में शामिल होने की आशंकाएँ हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे फर्जी वोटरों की पहचान कर उन्हें सूची से हटाना सभी राजनीतिक दलों की साझा जिम्मेदारी है। यह ऐसे समय में आया है जब एसआईआर प्रक्रिया को लेकर देशभर में बहस तेज हो गई है और कई दल इसे लेकर अलग-अलग रुख अपना रहे हैं।
राम मंदिर और कांग्रेस पर बयान
श्रीनिवास ने केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि देश कांग्रेस के पुराने फैसलों का परिणाम भुगत रहा है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के एक पुराने बयान का हवाला देते हुए कहा कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन भगवान राम के प्रति आस्था का विरोध नहीं होना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह राम मंदिर के मुद्दे का राजनीतिक लाभ उठाने और खुद को भगवान राम का सबसे बड़ा समर्थक दिखाने की कोशिश कर रही है।
राम मंदिर चढ़ावा मामले में एसआईटी
श्रीनिवास ने बताया कि राम मंदिर से जुड़े चढ़ावा और अन्य वित्तीय मामलों की जाँच के लिए एसआईटी गठित की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जाँच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि राम मंदिर से जुड़े वित्तीय विवाद हाल के महीनों में राजनीतिक बहस का केंद्र बने हुए हैं।
पारदर्शिता और जनहित की अपील
भाजपा नेता ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि धार्मिक और लोकतांत्रिक मुद्दों पर राजनीति करने के बजाय पारदर्शिता और जनहित को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि जनता की परेशानियों को सर्वोपरि रखना हर दल का दायित्व है। आने वाले दिनों में एसआईआर प्रक्रिया की समयसीमा और राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएँ इस बहस की दिशा तय करेंगी।