7 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

एसआईआर पर भाजपा नेता टीआर श्रीनिवास: असली भारतीय का नाम न कटे, फर्जी वोटर भी न बचे

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
एसआईआर पर भाजपा नेता टीआर श्रीनिवास: असली भारतीय का नाम न कटे, फर्जी वोटर भी न बचे

सारांश

भाजपा नेता टीआर श्रीनिवास ने एसआईआर को लेकर दोटूक कहा — असली नागरिक का नाम न कटे, पर हैदराबाद में अवैध मतदाताओं को बचाना भी लोकतंत्र के साथ धोखा है। उन्होंने ओवैसी से चुनाव आयोग के साथ सहयोग की माँग की और राम मंदिर चढ़ावा मामले में एसआईटी जाँच का भी समर्थन किया।

मुख्य बातें

भाजपा नेता टीआर श्रीनिवास ने 7 जुलाई को हैदराबाद में एसआईआर पर बयान दिया।
उन्होंने कहा कि किसी भी वास्तविक भारतीय नागरिक का नाम मतदाता सूची से नहीं हटना चाहिए, लेकिन फर्जी वोटरों को बचाना भी स्वीकार्य नहीं।
हैदराबाद और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में अवैध निवासियों के नाम मतदाता सूची में होने की आशंका जताई।
एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी से चुनाव आयोग (ECI) के साथ मिलकर फर्जी वोटरों की पहचान में सहयोग की अपील।
राम मंदिर चढ़ावा मामले में एसआईटी गठित; दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन।
केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू के बयान का समर्थन; कांग्रेस पर राम मंदिर मुद्दे के राजनीतिकरण का आरोप।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता टीआर श्रीनिवास ने 7 जुलाई को हैदराबाद में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर अपनी स्पष्ट राय रखते हुए कहा कि किसी भी वास्तविक भारतीय नागरिक का नाम सूची से नहीं हटना चाहिए, लेकिन फर्जी और अवैध प्रविष्टियों को बनाए रखना लोकतंत्र के साथ धोखा है। उन्होंने एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी से अपील की कि वे अवैध मतदाताओं की पहचान और निष्कासन की प्रक्रिया में सहयोग करें।

ओवैसी की अपील पर श्रीनिवास का रुख

श्रीनिवास ने कहा कि ओवैसी द्वारा लोगों से एसआईआर प्रक्रिया में भाग लेने, पंजीकरण कराने और अपनी शंकाओं को दूर करने की अपील एक सकारात्मक लोकतांत्रिक कदम है। हालाँकि, उन्होंने जोड़ा कि इसी के साथ ओवैसी को भारत सरकार और चुनाव आयोग (ECI) के साथ मिलकर फर्जी मतदाताओं की पहचान में भी सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। उनके अनुसार, लोकतंत्र की विश्वसनीयता तभी बनी रहती है जब मतदाता सूची पूरी तरह पारदर्शी और निर्दोष हो।

हैदराबाद में अवैध मतदाताओं की आशंका

भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि हैदराबाद और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में अवैध रूप से रह रहे लोगों के नाम मतदाता सूची में शामिल होने की आशंकाएँ हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे फर्जी वोटरों की पहचान कर उन्हें सूची से हटाना सभी राजनीतिक दलों की साझा जिम्मेदारी है। यह ऐसे समय में आया है जब एसआईआर प्रक्रिया को लेकर देशभर में बहस तेज हो गई है और कई दल इसे लेकर अलग-अलग रुख अपना रहे हैं।

राम मंदिर और कांग्रेस पर बयान

श्रीनिवास ने केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि देश कांग्रेस के पुराने फैसलों का परिणाम भुगत रहा है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के एक पुराने बयान का हवाला देते हुए कहा कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन भगवान राम के प्रति आस्था का विरोध नहीं होना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह राम मंदिर के मुद्दे का राजनीतिक लाभ उठाने और खुद को भगवान राम का सबसे बड़ा समर्थक दिखाने की कोशिश कर रही है।

राम मंदिर चढ़ावा मामले में एसआईटी

श्रीनिवास ने बताया कि राम मंदिर से जुड़े चढ़ावा और अन्य वित्तीय मामलों की जाँच के लिए एसआईटी गठित की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जाँच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि राम मंदिर से जुड़े वित्तीय विवाद हाल के महीनों में राजनीतिक बहस का केंद्र बने हुए हैं।

पारदर्शिता और जनहित की अपील

भाजपा नेता ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि धार्मिक और लोकतांत्रिक मुद्दों पर राजनीति करने के बजाय पारदर्शिता और जनहित को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि जनता की परेशानियों को सर्वोपरि रखना हर दल का दायित्व है। आने वाले दिनों में एसआईआर प्रक्रिया की समयसीमा और राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएँ इस बहस की दिशा तय करेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

फर्जी हटे' — लेकिन असली सवाल यह है कि 'फर्जी' की परिभाषा कौन तय करेगा और किस प्रक्रिया से। हैदराबाद में एसआईआर को लेकर विपक्षी दलों की आशंका यह है कि अल्पसंख्यक और प्रवासी समुदायों के वैध मतदाताओं को निशाना बनाया जा सकता है। ओवैसी से 'सहयोग' की माँग राजनीतिक दबाव की रणनीति भी हो सकती है — खासकर तब जब तेलंगाना में विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ पृष्ठभूमि में चल रही हों। राम मंदिर और एसआईआर को एक ही प्रेस वार्ता में जोड़ना यह भी बताता है कि भाजपा एकसाथ कई मोर्चों पर संदेश देने की कोशिश कर रही है।
RashtraPress
7 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) क्या है?
एसआईआर यानी विशेष गहन पुनरीक्षण, चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची को अद्यतन और सटीक बनाने की एक विशेष प्रक्रिया है। इसमें नए मतदाताओं का पंजीकरण, मृत या स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाना और फर्जी प्रविष्टियों की जाँच शामिल है।
टीआर श्रीनिवास ने ओवैसी से क्या माँग की?
भाजपा नेता टीआर श्रीनिवास ने एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी से माँग की कि वे भारत सरकार और चुनाव आयोग के साथ मिलकर हैदराबाद व तेलंगाना में अवैध मतदाताओं की पहचान और निष्कासन में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि एसआईआर में भागीदारी की अपील के साथ-साथ फर्जी वोटरों के मुद्दे पर भी ओवैसी को सक्रिय होना चाहिए।
हैदराबाद में फर्जी मतदाताओं का मुद्दा क्या है?
भाजपा के अनुसार हैदराबाद और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में अवैध रूप से रह रहे लोगों के नाम मतदाता सूची में शामिल होने की आशंका है। हालाँकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और विपक्षी दल इसे वैध मतदाताओं को निशाना बनाने की कोशिश बताते हैं।
राम मंदिर चढ़ावा मामले में एसआईटी क्यों बनाई गई?
टीआर श्रीनिवास के अनुसार राम मंदिर से जुड़े चढ़ावा और अन्य वित्तीय मामलों की निष्पक्ष जाँच के लिए एसआईटी गठित की गई है। उन्होंने कहा कि जाँच में दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कांग्रेस पर भाजपा का क्या आरोप है?
भाजपा नेता श्रीनिवास ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह राम मंदिर के मुद्दे का राजनीतिक लाभ उठाने और खुद को भगवान राम का सबसे बड़ा समर्थक दिखाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के बयान का हवाला देते हुए कहा कि राजनीतिक विरोध और धार्मिक आस्था को अलग रखना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 6 दिन पहले
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 5 महीने पहले
  4. 9 महीने पहले
  5. 9 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले