अफगानिस्तान क्रिकेटर शापूर जादरान का 38 वर्ष की आयु में निधन, ACB ने दी श्रद्धांजलि
सारांश
मुख्य बातें
अफगानिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शापूर जादरान का मंगलवार, 8 जुलाई 2025 को नई दिल्ली में निधन हो गया। वह 38 वर्ष के थे और लंबे समय से एक दुर्लभ और गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। उनके निधन से अफगानिस्तान क्रिकेट जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।
बीमारी और इलाज का सफर
जादरान हीमोफैगोसाइटिक लिम्फोहिस्टियोसाइटोसिस (HLH) से पीड़ित थे — यह इम्यून सिस्टम की एक अत्यंत दुर्लभ और जानलेवा बीमारी है, जिसमें शरीर में खतरनाक सूजन उत्पन्न होती है और कई अंग प्रभावित हो सकते हैं। रिपोर्टों के अनुसार वह पहली बार अक्टूबर 2024 में बीमार पड़े थे, जिसके बाद अफगानिस्तान के चिकित्सकों ने उन्हें उन्नत उपचार के लिए भारत आने की सलाह दी।
प्रारंभिक उपचार में कुछ सुधार हुआ और उन्हें अस्पताल से छुट्टी भी मिली, लेकिन छुट्टी के महज 20 दिन बाद उनकी तबीयत फिर से बिगड़ गई। इसके बाद से वह दिल्ली के अस्पताल में भर्ती थे और उनका इलाज जारी था।
ACB की श्रद्धांजलि
अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (ACB) ने सोशल मीडिया पर एक भावपूर्ण संदेश जारी कर जादरान को श्रद्धांजलि दी। बोर्ड ने लिखा, 'अपने पूरे करियर में, शापूर ने सम्मान, हिम्मत और गर्व के साथ अफगानिस्तान क्रिकेट की सेवा की। उनका योगदान और उपलब्धियाँ हमेशा अफगानिस्तान क्रिकेट के इतिहास का एक अहम हिस्सा रहेंगी।'
ACB ने आगे कहा, 'शापूर जादरान कई युवा अफगान क्रिकेटरों और दुनिया भर के क्रिकेट प्रेमियों के लिए प्रेरणास्रोत थे। उनके संघर्ष के जज्बे, दृढ़ इरादे और खेल के प्रति प्रेम ने एक पूरी पीढ़ी को बड़े सपने देखने और अफगानिस्तान क्रिकेट के भविष्य पर भरोसा रखने की हिम्मत दी।'
करियर की उपलब्धियाँ
8 जुलाई 1987 को जन्मे शापूर जादरान बुधवार को अपना 39वाँ जन्मदिन मनाने वाले थे। बाएं हाथ के इस तेज गेंदबाज ने 2009 से 2020 के बीच अफगानिस्तान की राष्ट्रीय टीम का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने 44 वनडे मैचों में 43 विकेट और 36 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 37 विकेट लिए।
गौरतलब है कि जादरान उस पीढ़ी के खिलाड़ी थे जिसने अफगानिस्तान क्रिकेट को अंतरराष्ट्रीय मंच पर स्थापित करने में अहम भूमिका निभाई। उनकी तेज और आक्रामक गेंदबाजी ने अफगान क्रिकेट को एक नई पहचान दी।
क्रिकेट जगत पर असर
जादरान का निधन ऐसे समय में हुआ है जब अफगानिस्तान क्रिकेट अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेजी से उभर रहा है। उनके जैसे अग्रणी खिलाड़ियों की नींव पर ही आज की अफगान टीम खड़ी है। क्रिकेट समुदाय उनके परिवार और प्रियजनों के प्रति संवेदना व्यक्त कर रहा है। अफगानिस्तान क्रिकेट का यह अध्याय एक ऐसे योद्धा की विदाई के साथ बंद हुआ जिसने मैदान पर और मैदान के बाहर दोनों जगह अदम्य साहस का परिचय दिया।