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अफगानिस्तान क्रिकेटर शापूर जादरान का 38 वर्ष की आयु में निधन, ACB ने दी श्रद्धांजलि

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अफगानिस्तान क्रिकेटर शापूर जादरान का 38 वर्ष की आयु में निधन, ACB ने दी श्रद्धांजलि

सारांश

अफगानिस्तान क्रिकेट के अग्रणी तेज गेंदबाज शापूर जादरान नहीं रहे। दुर्लभ इम्यून बीमारी HLH से लंबी जंग लड़ने के बाद 38 वर्ष की उम्र में दिल्ली में उनका निधन हो गया। वह बुधवार को अपना 39वाँ जन्मदिन मनाने वाले थे।

मुख्य बातें

अफगानिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शापूर जादरान का मंगलवार को नई दिल्ली में निधन हुआ, आयु 38 वर्ष ।
वह हीमोफैगोसाइटिक लिम्फोहिस्टियोसाइटोसिस (HLH) नामक दुर्लभ इम्यून बीमारी से पीड़ित थे।
पहली बार अक्टूबर 2024 में बीमार पड़े; अस्पताल से छुट्टी के 20 दिन बाद हालत फिर बिगड़ी।
करियर में 44 वनडे में 43 विकेट और 36 टी20 में 37 विकेट लिए ( 2009–2020 )।
ACB ने उन्हें 'अफगानिस्तान क्रिकेट के इतिहास का अहम हिस्सा' बताते हुए श्रद्धांजलि दी।
8 जुलाई 1987 को जन्मे जादरान बुधवार को अपना 39वाँ जन्मदिन मनाने वाले थे।

अफगानिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शापूर जादरान का मंगलवार, 8 जुलाई 2025 को नई दिल्ली में निधन हो गया। वह 38 वर्ष के थे और लंबे समय से एक दुर्लभ और गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। उनके निधन से अफगानिस्तान क्रिकेट जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।

बीमारी और इलाज का सफर

जादरान हीमोफैगोसाइटिक लिम्फोहिस्टियोसाइटोसिस (HLH) से पीड़ित थे — यह इम्यून सिस्टम की एक अत्यंत दुर्लभ और जानलेवा बीमारी है, जिसमें शरीर में खतरनाक सूजन उत्पन्न होती है और कई अंग प्रभावित हो सकते हैं। रिपोर्टों के अनुसार वह पहली बार अक्टूबर 2024 में बीमार पड़े थे, जिसके बाद अफगानिस्तान के चिकित्सकों ने उन्हें उन्नत उपचार के लिए भारत आने की सलाह दी।

प्रारंभिक उपचार में कुछ सुधार हुआ और उन्हें अस्पताल से छुट्टी भी मिली, लेकिन छुट्टी के महज 20 दिन बाद उनकी तबीयत फिर से बिगड़ गई। इसके बाद से वह दिल्ली के अस्पताल में भर्ती थे और उनका इलाज जारी था।

ACB की श्रद्धांजलि

अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (ACB) ने सोशल मीडिया पर एक भावपूर्ण संदेश जारी कर जादरान को श्रद्धांजलि दी। बोर्ड ने लिखा, 'अपने पूरे करियर में, शापूर ने सम्मान, हिम्मत और गर्व के साथ अफगानिस्तान क्रिकेट की सेवा की। उनका योगदान और उपलब्धियाँ हमेशा अफगानिस्तान क्रिकेट के इतिहास का एक अहम हिस्सा रहेंगी।'

ACB ने आगे कहा, 'शापूर जादरान कई युवा अफगान क्रिकेटरों और दुनिया भर के क्रिकेट प्रेमियों के लिए प्रेरणास्रोत थे। उनके संघर्ष के जज्बे, दृढ़ इरादे और खेल के प्रति प्रेम ने एक पूरी पीढ़ी को बड़े सपने देखने और अफगानिस्तान क्रिकेट के भविष्य पर भरोसा रखने की हिम्मत दी।'

करियर की उपलब्धियाँ

8 जुलाई 1987 को जन्मे शापूर जादरान बुधवार को अपना 39वाँ जन्मदिन मनाने वाले थे। बाएं हाथ के इस तेज गेंदबाज ने 2009 से 2020 के बीच अफगानिस्तान की राष्ट्रीय टीम का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने 44 वनडे मैचों में 43 विकेट और 36 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 37 विकेट लिए।

गौरतलब है कि जादरान उस पीढ़ी के खिलाड़ी थे जिसने अफगानिस्तान क्रिकेट को अंतरराष्ट्रीय मंच पर स्थापित करने में अहम भूमिका निभाई। उनकी तेज और आक्रामक गेंदबाजी ने अफगान क्रिकेट को एक नई पहचान दी।

क्रिकेट जगत पर असर

जादरान का निधन ऐसे समय में हुआ है जब अफगानिस्तान क्रिकेट अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेजी से उभर रहा है। उनके जैसे अग्रणी खिलाड़ियों की नींव पर ही आज की अफगान टीम खड़ी है। क्रिकेट समुदाय उनके परिवार और प्रियजनों के प्रति संवेदना व्यक्त कर रहा है। अफगानिस्तान क्रिकेट का यह अध्याय एक ऐसे योद्धा की विदाई के साथ बंद हुआ जिसने मैदान पर और मैदान के बाहर दोनों जगह अदम्य साहस का परिचय दिया।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी उन्होंने खेल को जीवित रखा। उनकी बीमारी और इलाज की यात्रा यह भी उजागर करती है कि दक्षिण एशिया में खिलाड़ियों के लिए चिकित्सा सहायता और बीमा ढाँचे कितने अपर्याप्त हैं। क्रिकेट बोर्डों को इस दिशा में ठोस कदम उठाने की ज़रूरत है।
RashtraPress
7 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शापूर जादरान कौन थे?
शापूर जादरान अफगानिस्तान के पूर्व बाएं हाथ के तेज गेंदबाज थे, जिन्होंने 2009 से 2020 के बीच राष्ट्रीय टीम का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने 44 वनडे और 36 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले और अफगानिस्तान क्रिकेट के शुरुआती दौर के प्रमुख खिलाड़ियों में से एक थे।
शापूर जादरान की मृत्यु का कारण क्या था?
शापूर जादरान हीमोफैगोसाइटिक लिम्फोहिस्टियोसाइटोसिस (HLH) से पीड़ित थे, जो इम्यून सिस्टम की एक दुर्लभ और गंभीर बीमारी है। इसमें शरीर में अनियंत्रित सूजन होती है और कई अंग प्रभावित हो सकते हैं। वह पिछले कई महीनों से नई दिल्ली में इलाज करा रहे थे।
शापूर जादरान का इलाज कहाँ हो रहा था?
अफगानिस्तान के डॉक्टरों की सलाह पर जादरान इलाज के लिए भारत आए थे और नई दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती थे। अक्टूबर 2024 में बीमार पड़ने के बाद से उनका उपचार जारी था।
ACB ने शापूर जादरान को किस तरह याद किया?
अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (ACB) ने सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि जादरान ने सम्मान, हिम्मत और गर्व के साथ अफगानिस्तान क्रिकेट की सेवा की। बोर्ड ने उन्हें युवा क्रिकेटरों के लिए प्रेरणा बताया।
शापूर जादरान का अंतरराष्ट्रीय करियर कैसा रहा?
जादरान ने 2009 से 2020 के बीच अफगानिस्तान के लिए 44 वनडे में 43 विकेट और 36 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 37 विकेट लिए। वह अफगानिस्तान क्रिकेट के शुरुआती दौर के सबसे प्रभावशाली तेज गेंदबाजों में से एक थे।
राष्ट्र प्रेस
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