अफगानिस्तान: परवान के बगराम में बिना फटे बम से धमाका, 20 वर्षीय युवक की मौत, तीन घायल

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
अफगानिस्तान: परवान के बगराम में बिना फटे बम से धमाका, 20 वर्षीय युवक की मौत, तीन घायल

सारांश

अफगानिस्तान के बगराम जिले में एक 20 वर्षीय युवक की बिना फटे बम से छेड़खानी जानलेवा साबित हुई। तालिबान के आँकड़े बताते हैं कि अप्रैल 2025 से मार्च 2026 के बीच ऐसे 225 मामलों में 474 लोग प्रभावित हुए — जिनमें 321 बच्चे शामिल हैं।

मुख्य बातें

परवान प्रांत के बगराम जिले में बिना फटे बम से विस्फोट में 20 वर्षीय युवक की मौत।
घायलों में दो लड़कियाँ और एक लड़का शामिल; सभी परवान अस्पताल में भर्ती।
तालिबान आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, अप्रैल 2025 – मार्च 2026 के बीच 225 मामले , 474 प्रभावित ।
पिछले एक साल में ऐसे धमाकों में 96 मौतें और 328 घायल ।
पीड़ितों में 321 बच्चे और 153 वयस्क ।
हेरात, कुनार, फराह, नंगरहार, कंधार में ऐसे मामले सर्वाधिक।

अफगानिस्तान के परवान प्रांत में बगराम जिले में बिना फटे बम (अनएक्सप्लोडेड ऑर्डनेंस) से छेड़खानी के दौरान हुए विस्फोट में एक 20 वर्षीय युवक की मौके पर ही मौत हो गई और तीन अन्य लोग घायल हो गए। तालिबान पुलिस के बयान के हवाले से स्थानीय मीडिया ने बुधवार, 6 मई 2026 को यह जानकारी दी।

घटना का विवरण

तालिबान अधिकारियों के अनुसार, यह हादसा मंगलवार को हुआ जब 20 साल के एक युवक ने ज़मीन में दबे एक बिना फटे बम को खोलने की कोशिश की। विस्फोट इतना तीव्र था कि युवक की मौके पर ही मौत हो गई। धमाके में दो लड़कियाँ और एक लड़का भी घायल हो गए, जिन्हें परवान प्रांत के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका उपचार जारी है।

अफगानिस्तान में बिना फटे हथियारों की भयावह स्थिति

अफगानिस्तान में दशकों से चले आ रहे सशस्त्र संघर्ष के कारण लैंडमाइंस और बिना फटे गोला-बारूद ज़मीन में बड़ी संख्या में दबे पड़े हैं। ये हथियार आम नागरिकों, विशेष रूप से बच्चों के लिए, जानलेवा ख़तरा बने हुए हैं। हेरात, कुनार, फराह, नंगरहार और कंधार जैसे प्रांतों में ऐसे मामले सबसे अधिक सामने आते हैं, क्योंकि ये क्षेत्र दशकों तक सक्रिय युद्धक्षेत्र रहे हैं।

तालिबान के आँकड़े: एक साल में 474 प्रभावित

तालिबान के आपदा प्रबंधन विभाग के आँकड़ों के अनुसार, अप्रैल 2025 से मार्च 2026 के बीच ऐसे विस्फोटों के 225 मामले दर्ज किए गए, जिनमें कुल 474 लोग प्रभावित हुए। इनमें 321 बच्चे और 153 वयस्क शामिल हैं। पिछले एक साल में इन घटनाओं में कम से कम 96 लोगों की मौत हुई और 328 लोग घायल हुए।

पूर्व की घटनाएँ और पैटर्न

यह ऐसी पहली घटना नहीं है। फरवरी 2026 में फराह प्रांत के पुश्त-ए-कोह जिले में एक घर के अंदर रखे बिना फटे गोले में टक्कर लगने से विस्फोट हुआ था, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई थी। गौरतलब है कि ग्रामीण और पूर्व संघर्ष-क्षेत्रों में ये हथियार ज़मीन में दबे होने के कारण अदृश्य रहते हैं और अनजाने में इनसे छेड़खानी हो जाती है।

अधिकारियों की अपील

तालिबान अधिकारियों ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं कोई संदिग्ध वस्तु दिखे तो उससे दूर रहें और तत्काल सुरक्षा एजेंसियों को सूचित करें। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक व्यापक माइन-क्लियरेंस अभियान नहीं चलाया जाता, ऐसी दुर्घटनाएँ जारी रहेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिनमें 321 बच्चे हैं। यह संख्या केवल दर्ज मामलों की है; वास्तविक आँकड़े कहीं अधिक होने की आशंका है। अंतरराष्ट्रीय माइन-क्लियरेंस संगठन, जो तालिबान के सत्ता में आने के बाद अफगानिस्तान में काम करने में बाधाओं का सामना कर रहे हैं, इस संकट की गहराई को और बढ़ा देते हैं। दशकों के संघर्ष की यह विरासत आज भी निर्दोष जीवन ले रही है, और बिना व्यवस्थित निरोधन अभियान के यह सिलसिला रुकने वाला नहीं।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

परवान विस्फोट में क्या हुआ?
अफगानिस्तान के परवान प्रांत के बगराम जिले में एक 20 वर्षीय युवक ने बिना फटे बम को खोलने की कोशिश की, जिससे विस्फोट हो गया। युवक की मौके पर ही मौत हो गई और दो लड़कियाँ व एक लड़का घायल हो गए।
अफगानिस्तान में बिना फटे हथियारों से कितने लोग प्रभावित हो रहे हैं?
तालिबान के आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, अप्रैल 2025 से मार्च 2026 के बीच 225 मामलों में 474 लोग प्रभावित हुए। इनमें 321 बच्चे और 153 वयस्क शामिल हैं, तथा पिछले एक साल में 96 मौतें और 328 घायल दर्ज किए गए।
अफगानिस्तान के किन प्रांतों में ऐसे विस्फोट सबसे ज़्यादा होते हैं?
हेरात, कुनार, फराह, नंगरहार और कंधार प्रांतों में बिना फटे हथियारों से विस्फोट के मामले सबसे अधिक देखे गए हैं। ये क्षेत्र दशकों तक सक्रिय युद्धक्षेत्र रहे हैं, जिससे वहाँ लैंडमाइंस और गोला-बारूद बड़ी मात्रा में दबे हुए हैं।
तालिबान ने नागरिकों को क्या सलाह दी है?
तालिबान अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि संदिग्ध वस्तु दिखने पर उससे दूर रहें और तुरंत सुरक्षा एजेंसियों को सूचित करें। किसी भी बिना फटे हथियार को स्वयं छूने या खोलने की कोशिश न करें।
फराह प्रांत में इससे पहले कब ऐसी घटना हुई थी?
फरवरी 2026 में फराह प्रांत के पुश्त-ए-कोह जिले में एक घर के अंदर रखे बिना फटे गोले में टक्कर लगने से विस्फोट हुआ था, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई थी।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 2 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 5 महीने पहले
  7. 6 महीने पहले
  8. 8 महीने पहले