जाबुल में बस पलटने से 1 की मौत, 28 घायल; मार्च से अब तक अफगानिस्तान में 101 लोगों की सड़क हादसों में जान गई
सारांश
मुख्य बातें
दक्षिणी अफगानिस्तान के जाबुल प्रांत में सोमवार, 6 जुलाई को एक यात्री बस तकनीकी खराबी के कारण अनियंत्रित होकर पलट गई, जिसमें 1 यात्री की मौत हो गई और 28 लोग घायल हो गए। यह हादसा ऐसे समय में हुआ है जब अफगानिस्तान में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है — एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार मार्च 2026 से अब तक देशभर में 101 लोगों की जान जा चुकी है।
हादसे का विवरण
स्थानीय पुलिस प्रवक्ता जबिहुल्लाह जवाहर ने बताया कि यह दुर्घटना शाह जोय जिले के बाहरी इलाके में हुई। हेरात से काबुल की ओर जा रही बस अचानक तकनीकी खराबी के कारण नियंत्रण खो बैठी और सड़क से उतरकर पलट गई। घटना के तुरंत बाद स्थानीय पुलिस और ग्रामीणों ने मिलकर सभी घायलों को नजदीकी अस्पतालों में पहुँचाया, जहाँ उनका उपचार जारी है। अधिकारियों के अनुसार घायलों की स्थिति पर निरंतर नज़र रखी जा रही है।
अफगानिस्तान में सड़क हादसों की बड़ी तस्वीर
सैटेलाइट चैनल अमू टीवी की एक रिपोर्ट के अनुसार, मार्च 2026 के अंत से अब तक अफगानिस्तान में सड़क दुर्घटनाओं में 101 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 198 लोग घायल हुए हैं। इसी अवधि में देशभर में लगभग 120 सड़क दुर्घटनाएँ दर्ज की गई हैं। गौरतलब है कि मृतकों में 14 बच्चे भी शामिल हैं, जो इस संकट की गंभीरता को और उजागर करता है।
हालाँकि ये आँकड़े केवल उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों पर आधारित हैं और पूरे देश का आधिकारिक डेटा नहीं हैं। तालिबान प्रशासन की ओर से इस विषय पर कोई आधिकारिक आँकड़े जारी नहीं किए गए हैं, इसलिए वास्तविक संख्या इससे अधिक हो सकती है।
सबसे खतरनाक मार्ग
रिपोर्टों के विश्लेषण से पता चलता है कि अधिकांश दुर्घटनाएँ प्रमुख राजमार्गों पर हुई हैं — विशेष रूप से काबुल-हेरात और काबुल-जालालाबाद हाईवे पर। इसके अलावा बदख्शाँ प्रांत में भी कई गंभीर सड़क हादसे दर्ज किए गए हैं। यह ऐसे समय में है जब अफगानिस्तान का सड़क बुनियादी ढाँचा वर्षों की उपेक्षा और संघर्ष के कारण जर्जर हालत में है।
विशेषज्ञों की राय
विशेषज्ञों का मानना है कि खराब सड़कें, अत्यधिक तेज रफ्तार, पुराने और जर्जर वाहन तथा यातायात सुरक्षा नियमों की अनदेखी इन दुर्घटनाओं के प्रमुख कारण हो सकते हैं। लगातार बढ़ते इन हादसों ने अफगानिस्तान में सड़क सुरक्षा व्यवस्था और यातायात प्रबंधन की दयनीय स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
आगे की राह
जब तक तालिबान प्रशासन सड़क सुरक्षा के लिए ठोस नीतिगत कदम नहीं उठाता और वाहनों की तकनीकी जाँच की प्रक्रिया सुनिश्चित नहीं करता, तब तक इस तरह के हादसों का सिलसिला थमने की संभावना कम है। अंतरराष्ट्रीय सड़क सुरक्षा संगठनों की नज़र भी अफगानिस्तान के बढ़ते मृत्यु आँकड़ों पर है।