सपा ने हावड़ा थाने में सीमा खन्ना के खिलाफ शिकायत दर्ज की, SIR प्रक्रिया में मतदाता नाम हटाने का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी (सपा) की हावड़ा जिला इकाई ने 3 अक्टूबर 2026 को हावड़ा थाने में चुनाव आयोग की डायरेक्टर जनरल (आईटी) डॉ. सीमा खन्ना के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। पार्टी ने डॉ. खन्ना के इस्तीफे और गिरफ्तारी की मांग करते हुए आरोप लगाया कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में आम मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए। शिकायत दर्ज कराने से पहले पार्टी कार्यकर्ताओं ने थाने के बाहर झंडे लेकर नारेबाजी की।
सपा के आरोप और मांगें
सपा के हावड़ा जिला प्रदेश अध्यक्ष श्रीकांत घोष ने चुनाव आयोग की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि SIR प्रक्रिया का लाभ भारतीय जनता पार्टी (BJP) को मिला और वैध मतदाताओं को मताधिकार से वंचित किया गया। घोष ने यह भी माँग की कि जिन बांग्लादेशी और रोहिंग्या नागरिकों को कथित तौर पर फर्जी मतदाता बताया गया, उनकी पहचान संबंधी चुनाव आयोग की पूरी रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।
इसके साथ ही उन्होंने भविष्य के चुनावों में पुराने बैलेट बॉक्स के माध्यम से मतदान कराने की माँग भी रखी — जो इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) को लेकर विपक्षी दलों की पुरानी माँग से जुड़ी है।
मतदाता सूची से नाम हटने के आरोप
घोष ने बताया कि 2026 के विधानसभा चुनाव के बाद कई नागरिकों ने अपना नाम मतदाता सूची से गायब पाया। उन्होंने चेताया कि हावड़ा नगर निगम का आगामी चुनाव नजदीक है और जिन लोगों के नाम अभी तक सूची में नहीं जोड़े गए हैं, उनके मामलों पर तत्काल ध्यान दिया जाना चाहिए।
कार्यक्रम में उपस्थित एक महिला ने दावा किया कि उनकी बहन ने 2026 के विधानसभा चुनाव में मतदान किया था और SIR की सुनवाई में भी भाग लिया था, लेकिन उसके बाद उनका नाम मतदाता सूची से हटा दिया गया। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि मुस्लिम समुदाय के लोगों के नाम विशेष रूप से निशाना बनाकर हटाए गए हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे नियमित रूप से मतदाता सूची में अपना नाम जाँचते रहें।
भाजपा ने आरोप किए खारिज
हावड़ा जिला भाजपा नेता ओम प्रकाश सिंह ने सपा के सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा को इस तरह की प्रक्रिया के जरिए सत्ता में आना होता, तो वह पहले भी ऐसा कर सकती थी। सिंह ने उन लोगों को सलाह दी, जिनके नाम सूची से हटे हैं, कि वे चुनाव आयोग और जिलाधिकारी के समक्ष अपनी शिकायत दर्ज कराएँ।
ओम प्रकाश सिंह ने हावड़ा के जिलाधिकारी से पूरे मामले की प्रशासनिक जाँच की माँग की। उन्होंने यह भी कहा कि यदि शिकायतें निराधार पाई जाएँ तो शिकायतकर्ताओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए, और यदि आरोप सही साबित हों तो चुनाव आयोग पात्र मतदाताओं के नाम सूची में शामिल करने की प्रक्रिया शुरू करे।
व्यापक संदर्भ और आगे की राह
यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब देश भर में मतदाता सूची की शुद्धता को लेकर बहस जारी है। गौरतलब है कि SIR प्रक्रिया के तहत मतदाताओं का सत्यापन किया जाता है, लेकिन विपक्षी दल लंबे समय से यह आरोप लगाते रहे हैं कि इस प्रक्रिया में अल्पसंख्यक और प्रवासी मतदाताओं के नाम असंगत अनुपात में हटाए जाते हैं। सपा और भाजपा दोनों के रुख के बीच मामला अब हावड़ा के पुलिस और प्रशासनिक तंत्र के सामने है। नगर निगम चुनाव से पहले इस विवाद का समाधान जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों के लिहाज से अहम होगा।