मायावती ने उत्तराखंड चुनाव की समीक्षा की, SIR के बाद 9 लाख नाम हटने पर जताई गहरी चिंता
सारांश
मुख्य बातें
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने 4 अक्टूबर 2026 को लखनऊ स्थित बसपा के केंद्रीय कैंप कार्यालय, माल एवेन्यू में उत्तराखंड के वरिष्ठ पार्टी पदाधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक कर आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों का गहन जायजा लिया। इस बैठक में चुनाव आयोग के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) के बाद मतदाता सूची से करीब 9 लाख नाम हटाए जाने पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई। मायावती ने पार्टी कार्यकर्ताओं को स्पष्ट निर्देश दिए कि गरीब, युवा, महिलाएँ और कमज़ोर तबके किसी भी स्थिति में अपने संवैधानिक मताधिकार से वंचित न रहें।
बैठक में क्या-क्या हुई समीक्षा
माल एवेन्यू कार्यालय में हुई इस बैठक में उत्तराखंड के साथ-साथ उत्तर प्रदेश और पंजाब के आगामी विधानसभा चुनावों से जुड़ी संगठनात्मक गतिविधियों की भी समीक्षा की गई। मायावती ने SIR के बाद पोलिंग बूथ स्तर तक पार्टी कमेटियों के पुनर्गठन का काम युद्धस्तर पर पूरा करने का आदेश दिया। उन्होंने सामने आई कमियों को समयबद्ध तरीके से दूर करने और मज़बूत उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया में तेज़ी लाने पर भी ज़ोर दिया।
मतदाता सूची से नाम हटने पर चिंता
बसपा के अनुसार, SIR पुनरीक्षण के बाद उत्तराखंड की मतदाता सूची से करीब 9 लाख नाम हटाए गए हैं। मायावती ने इसे लेकर गहरी चिंता जताई और कहा कि यह सुनिश्चित करना अनिवार्य है कि विशेषकर गरीब, युवा, महिलाएँ और कमज़ोर वर्गों के लोग अपने संवैधानिक मताधिकार से वंचित न हों। उन्होंने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि ऐसे लोगों के नाम मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए लगातार प्रयास जारी रखे जाएँ। यह ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दल देशभर में मतदाता सूची में हुए बदलावों को लेकर आशंकाएँ जता रहे हैं।
भाजपा सरकार पर तीखा हमला
मायावती ने उत्तराखंड की भाजपा सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि राज्य सरकार जनहित और जनकल्याण के मुद्दों पर अपेक्षित ध्यान देने के बजाय बड़े पूंजीपतियों और धन्नासेठों के हितों की पूर्ति में अधिक समर्पित दिखती है। उन्होंने कहा कि बड़े पूंजीपतियों के धनबल के ज़रिए चुनावों को प्रभावित करने की कोशिशें एक अहम चुनावी मुद्दा हैं। पार्टी पदाधिकारियों को निर्देश दिए गए कि इन मुद्दों को चुनाव प्रचार के दौरान प्रभावी ढंग से जनता के समक्ष रखा जाए।
कांशीराम पुण्यतिथि की तैयारियाँ
बैठक में बसपा संस्थापक मान्यवर कांशीराम की 9 अक्टूबर को आने वाली पुण्यतिथि की तैयारियों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। मायावती ने कहा कि पुण्यतिथि को पूर्व निर्देशों के अनुरूप पूर्ण मिशनरी भावना के साथ मनाया जाए। यूपी-दिल्ली सीमा पर स्थित बहुजन प्रेरणा केंद्र में रखरखाव कार्य चल रहा होने के कारण इस वर्ष वहाँ कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जाएगा — किसी संभावित दुर्घटना से बचाव के मद्देनज़र यह निर्णय लिया गया।
लखनऊ में होगा केंद्रीय कार्यक्रम
मायावती ने बताया कि उत्तर प्रदेश के सभी मंडलों से बसपा कार्यकर्ता और समर्थक राजधानी लखनऊ पहुँचकर विशाल गुम्बद आकार के मान्यवर कांशीराम स्मारक स्थल पर श्रद्धासुमन अर्पित करेंगे। अन्य राज्यों में पार्टी के लोग जोन स्तर पर खुली संगोष्ठियों का आयोजन कर कांशीराम को श्रद्धांजलि देंगे। इस प्रकार बसपा एक साथ संगठन को चुनावी मोड में सक्रिय करने और अपनी वैचारिक विरासत को मज़बूत करने का दोहरा लक्ष्य साधने की कोशिश में है।