12 अगस्त 2026
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टाटा संस चेयरमैन चंद्रशेखरन के इस्तीफे से TCS करीब 6% टूटा, टाटा ग्रुप के शेयरों में भारी बिकवाली

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टाटा संस चेयरमैन चंद्रशेखरन के इस्तीफे से TCS करीब 6% टूटा, टाटा ग्रुप के शेयरों में भारी बिकवाली

सारांश

टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन के तीसरे कार्यकाल से इनकार की घोषणा ने बाज़ार में खलबली मचा दी। TCS से लेकर टाटा स्टील तक, समूह के शेयरों में 6% तक की गिरावट आई — यह संकेत है कि निवेशक नेतृत्व की अनिश्चितता को गंभीरता से ले रहे हैं।

मुख्य बातें

टाटा संस के चेयरमैन एन.
चंद्रशेखरन ने 12 अगस्त 2026 को घोषणा की कि वे तीसरे कार्यकाल के लिए उपलब्ध नहीं रहेंगे; मौजूदा कार्यकाल 20 फरवरी 2027 तक जारी रहेगा।
TCS के शेयर इंट्राडे में 5.9% गिरकर ₹2,300.10 के निचले स्तर पर पहुँचे।
टाटा मोटर्स PV 3.85% , टाटा स्टील 2.4% , टाइटन 2.65% और टाटा कंज्यूमर करीब 2% तक फिसले।
टाटा केमिकल्स अपवाद रहा — बिकवाली के बावजूद इसमें करीब 2% की बढ़त दर्ज हुई।
यह घोषणा 18 अगस्त को होने वाली टाटा संस की AGM से ठीक पहले आई है।
चंद्रशेखरन जनवरी 2017 से टाटा संस के चेयरमैन हैं — करीब नौ वर्षों का कार्यकाल।

टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन द्वारा पद न छोड़ने की घोषणा के बाद 12 अगस्त 2026 को बाज़ार में टाटा ग्रुप की सूचीबद्ध कंपनियों के शेयरों में तीखी बिकवाली देखी गई। नेतृत्व परिवर्तन की संभावना ने निवेशकों को सतर्क कर दिया और समूह की प्रमुख कंपनियों के शेयर इंट्राडे कारोबार में 6 प्रतिशत तक लुढ़क गए।

मुख्य घटनाक्रम

सर्वाधिक दबाव टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के शेयरों पर रहा, जो कारोबार के दौरान 5.9 प्रतिशत तक गिरकर ₹2,300.10 के दिन के निचले स्तर पर पहुँचा। खबर आने तक यह 4.7 प्रतिशत की गिरावट के साथ ₹2,328 पर ट्रेड कर रहा था।

टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स (TMPV) के शेयर 3.85 प्रतिशत गिरकर ₹334.20 के इंट्राडे निचले स्तर तक पहुँचे। टाटा स्टील में 2.4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई और यह ₹183.60 तक फिसला।

टाइटन के शेयर 2.65 प्रतिशत टूटकर ₹4,992 पर आ गए, जबकि टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स में करीब 2 प्रतिशत की गिरावट देखी गई।

व्यापक असर — समूह की अन्य कंपनियाँ

टाटा एलेक्सी, टाटा कम्युनिकेशंस, टाटा टेक्नोलॉजीज, टाटा पावर, ट्रेंट और टाटा मोटर्स (कमर्शियल व्हीकल्स) के शेयर भी इंट्राडे में 2 प्रतिशत तक गिरे, हालाँकि बाद में इनमें आंशिक रिकवरी हुई। टाटा इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन और तेजस नेटवर्क्स भी लाल निशान में बने रहे।

हालाँकि टाटा केमिकल्स इस बिकवाली के माहौल में अपवाद रहा और इसके शेयरों में करीब 2 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।

चंद्रशेखरन का फैसला और पृष्ठभूमि

एन. चंद्रशेखरन ने 12 अगस्त को घोषणा की कि वे टाटा संस के चेयरमैन पद के लिए तीसरी बार नियुक्ति नहीं माँगेंगे। वे अपना मौजूदा कार्यकाल पूरा करेंगे, जो 20 फरवरी 2027 को समाप्त होगा। यह घोषणा टाटा संस की 18 अगस्त को होने वाली वार्षिक आम बैठक (AGM) से ठीक पहले आई।

गौरतलब है कि चंद्रशेखरन 1987 में टाटा समूह से जुड़े थे और करीब 30 वर्षों तक TCS में विभिन्न भूमिकाओं में रहे। 2009 में वे TCS के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) बने और उनके नेतृत्व में TCS देश की सबसे मूल्यवान कंपनी बनी। जनवरी 2017 में उन्हें टाटा संस का चेयरमैन नियुक्त किया गया था — यह उनका लगभग नौ वर्षों का नेतृत्व-काल है।

टाटा समूह की व्यापकता

टाटा संस भारत के सबसे बड़े कारोबारी समूह की होल्डिंग कंपनी है। इसके अंतर्गत TCS, टाटा मोटर्स, टाटा स्टील, टाइटन जैसी सूचीबद्ध कंपनियों के अलावा एयर इंडिया जैसी गैर-सूचीबद्ध कंपनियाँ भी आती हैं। समूह की 30 से अधिक कंपनियाँ आईटी, ऑटोमोबाइल, धातु, विमानन, ऊर्जा और FMCG जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं।

आगे क्या होगा

चंद्रशेखरन के उत्तराधिकारी को लेकर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। निवेशकों और बाज़ार विश्लेषकों की नज़रें अब 18 अगस्त की AGM पर टिकी हैं, जहाँ टाटा संस के भविष्य की रणनीति और नेतृत्व की दिशा पर अधिक स्पष्टता मिलने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

सेमीकंडक्टर महत्वाकांक्षाओं और टाटा मोटर्स के EV दांव जैसी बड़ी परियोजनाएँ अधूरी हैं। बाज़ार की तीखी प्रतिक्रिया यह बताती है कि निवेशक उन्हें इन परियोजनाओं की निरंतरता की गारंटी मानते थे। असली सवाल यह है कि उत्तराधिकारी की प्रक्रिया कितनी पारदर्शी और त्वरित होगी — टाटा संस के स्वामित्व ढाँचे की जटिलता को देखते हुए यह आसान नहीं होगा। AGM के बाद अगर उत्तराधिकारी का नाम स्पष्ट नहीं हुआ, तो यह अनिश्चितता शेयरों पर और दबाव बना सकती है।
RashtraPress
12 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एन. चंद्रशेखरन ने टाटा संस चेयरमैन पद क्यों छोड़ा?
चंद्रशेखरन ने स्वयं घोषणा की है कि वे तीसरे कार्यकाल के लिए खुद को उपलब्ध नहीं कराएँगे। उनका मौजूदा कार्यकाल 20 फरवरी 2027 को समाप्त होगा और वे उसे पूरा करेंगे। इस्तीफे का कोई विस्तृत कारण सार्वजनिक रूप से नहीं बताया गया है।
चंद्रशेखरन की घोषणा के बाद TCS के शेयर कितने गिरे?
TCS के शेयर इंट्राडे कारोबार में 5.9% तक गिरकर ₹2,300.10 के निचले स्तर पर पहुँचे। खबर आने तक यह 4.7% की गिरावट के साथ ₹2,328 पर ट्रेड कर रहा था।
टाटा संस का अगला चेयरमैन कौन होगा?
अभी तक टाटा संस के उत्तराधिकारी को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। 18 अगस्त को होने वाली वार्षिक आम बैठक (AGM) में इस पर अधिक स्पष्टता मिलने की उम्मीद है।
टाटा समूह में चंद्रशेखरन का कार्यकाल कितना लंबा रहा?
चंद्रशेखरन 1987 में टाटा समूह से जुड़े और जनवरी 2017 में टाटा संस के चेयरमैन बने। इस तरह समूह में उनका कुल योगदान करीब चार दशकों का है, जबकि चेयरमैन के रूप में लगभग नौ वर्षों का कार्यकाल रहा।
किन टाटा ग्रुप कंपनियों के शेयरों पर सबसे ज़्यादा असर पड़ा?
सबसे अधिक प्रभावित TCS (5.9%), टाटा मोटर्स PV (3.85%), टाटा स्टील (2.4%) और टाइटन (2.65%) रहे। टाटा एलेक्सी, टाटा कम्युनिकेशंस, टाटा टेक्नोलॉजीज, टाटा पावर और ट्रेंट भी 2% तक लुढ़के। टाटा केमिकल्स अकेला शेयर रहा जिसमें करीब 2% की बढ़त दर्ज हुई।
राष्ट्र प्रेस
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