चीन ने अमेरिका के ईरान पर हमले की आलोचना की, कूटनीतिक समाधान की अपील की

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चीन ने अमेरिका के ईरान पर हमले की आलोचना की, कूटनीतिक समाधान की अपील की

सारांश

चीन ने अमेरिका-इजरायल के हमलों के बीच ईरान पर हमले को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन घोषित किया है। चीन ने नागरिकों के विरुद्ध हमलों का विरोध करते हुए दोनों पक्षों से संवाद की अपील की है। जानें इस विवाद के पीछे की जटिलताएँ।

Key Takeaways

  • चीन ने अमेरिका के हमले को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया।
  • चीन ने सिविलियन जगहों पर हमलों का विरोध किया।
  • दोनों पक्षों से कूटनीतिक समाधान की अपील की गई।
  • ईरान-अमेरिका तनाव ने होर्मुज में तेल और गैस टैंकरों के ट्रांजिट को प्रभावित किया।
  • ग्रीस में कई जहाज फंसे हुए हैं, जिससे शिपिंग कंपनियों को नुकसान हो रहा है।

नई दिल्ली, 4 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच चल रहे संघर्षों के बीच, चीन ने अमेरिका के हमले को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करार दिया है। चीन ने नागरिक इलाकों में किसी भी प्रकार के हमले का विरोध किया है। भारत में चीनी दूतावास की प्रवक्ता यू जिंग ने इस पर जानकारी दी। इसके अतिरिक्त, चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने दोनों देशों से अपील की है कि वे बातचीत के माध्यम से समस्याओं का समाधान निकालें और हमले को तुरंत रोकें।

वास्तव में, चीनी-अरब टीवी ने विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता से पूछा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का दावा है कि अमेरिकी एयर स्ट्राइक ने ईरान पर बातचीत के लिए दबाव डालने के उद्देश्य से एक ईरानी सिविलियन पुल को नष्ट कर दिया। इस पर चीन की प्रतिक्रिया क्या है?

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने स्पष्ट किया, "ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजरायली सैन्य ऑपरेशन को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से कोई मंजूरी नहीं मिली है और यह अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है। चीन सिविलियन स्थानों पर हमलों का विरोध करता है। संबंधित पक्षों को तुरंत सैन्य कार्रवाई को रोकना चाहिए और राजनीतिक तथा कूटनीतिक समाधान की ओर लौटना चाहिए ताकि बड़ी मानवीय आपदा से बचा जा सके।"

ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के कारण होर्मुज से तेल और गैस टैंकरों का ट्रांजिट मुश्किल हो गया है। यूरोप में, ग्रीस अब तक सबसे अधिक प्रभावित देश रहा है, जहां कम से कम 75 जहाज फंसे हुए हैं।

यूरो न्यूज ने ब्लूमबर्ग और समुद्री ट्रैफिक ऑर्गनाइजेशन के डेटा के हवाले से बताया है कि ग्रीस, संयुक्त अरब अमीरात और चीन की शिपिंग कंपनियाँ होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने से सबसे ज्यादा प्रभावित हुई हैं।

यूरो न्यूज का कहना है कि पिछले 48 घंटों में लगभग 670 कार्गो जहाजों को स्ट्रेट के पश्चिमी हिस्से में इंतजार करते हुए देखा गया है। इनमें से 120 जहाज यूएई की कंपनियों के हैं, जो कुल जहाजों का लगभग 18 प्रतिशत हैं।

जहाजों की स्थिति को एआईएस या ऑटोमैटिक आइडेंटिफिकेशन सिस्टम का उपयोग करके ट्रैक किया जाता है। यह ट्रांसपोंडर तकनीक ज्यादातर कमर्शियल जहाजों पर अनिवार्य होती है, जो लगातार जहाज की लोकेशन, स्पीड, हेडिंग और पहचान को अन्य जहाजों और किनारे पर मौजूद स्टेशनों पर ब्रॉडकास्ट करती है।

असली संख्या अधिक हो सकती है क्योंकि कुछ जहाजों ने अपने ट्रैकिंग सिस्टम को डीएक्टिवेट कर दिया होगा।

यूएई के बाद, ग्रीस दूसरा सबसे अधिक प्रभावित देश है, जहां लड़ाई शुरू होने के बाद से ग्रीस की कंपनियां स्ट्रेट में कम से कम 75 कमोडिटी जहाज चला रही हैं, जो कुल का लगभग 12 प्रतिशत है। इस क्षेत्र में चीनी कंपनियों के 74 कमोडिटी जहाज हैं, जिनमें से 25 तेल और गैस टैंकर हैं और बाकी ड्राई बल्क कैरियर और कंटेनर जहाज हैं।

Point of View

यह स्पष्ट है कि अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव से न केवल क्षेत्र में बल्कि वैश्विक स्तर पर भी गंभीर समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं। चीन की भूमिका इस विवाद में महत्वपूर्ण है, और शांति के लिए कूटनीतिक प्रयास आवश्यक हैं।
NationPress
16/04/2026

Frequently Asked Questions

चीन ने अमेरिका के हमले के खिलाफ क्या कहा?
चीन ने अमेरिका के हमले को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताते हुए इसे अस्वीकार्य करार दिया है।
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव का कारण क्या है?
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव का मुख्य कारण सैन्य संघर्ष और कूटनीतिक असहमति है।
क्या चीन ने किसी समाधान का प्रस्ताव दिया?
हाँ, चीन ने दोनों पक्षों से बातचीत के माध्यम से समस्याओं को हल करने की अपील की है।
ग्रीस पर इस संघर्ष का क्या प्रभाव पड़ा है?
इस संघर्ष के कारण ग्रीस में कई जहाज फंसे हुए हैं और इसकी शिपिंग कंपनियों को नुकसान हो रहा है।
क्या अमेरिका और इजरायल की कार्रवाई को संयुक्त राष्ट्र ने मंजूरी दी थी?
नहीं, अमेरिका-इजरायली सैन्य ऑपरेशन को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से कोई मंजूरी नहीं मिली थी।
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