यूएई ने ईरान के हबशान गैस प्लांट पर हमले की कड़ी भर्त्सना की, संचालन अस्थायी रूप से बंद
सारांश
Key Takeaways
- ईरान का हबशान गैस फैसिलिटी पर हमला
- यूएई का कड़ा प्रतिवाद
- अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन
- ऊर्जा सुरक्षा पर खतरा
- यूएई की सुरक्षा उपायों की आवश्यकता
अबू धाबी, 19 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। ईरान ने कतर और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के गैस फैसिलिटी फील्ड पर हमला किया है। इस घटना की यूएई के अधिकारियों ने कड़ी आलोचना की है। अधिकारियों के अनुसार, मिसाइलों के इंटरसेप्शन से गिरते मलबे के कारण हबशान गैस फैसिलिटी में संचालन कुछ समय के लिए रोक दिया गया है।
यूएई के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, "संयुक्त अरब अमीरात ने हबशान गैस फैसिलिटी और बाब फील्ड को निशाना बनाकर किए गए ईरान के हमले की कड़ी निंदा की है। यूएई के एयर डिफेंस ने इस हमले को सफलतापूर्वक रोक दिया और किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।"
विदेश मंत्रालय ने कहा कि ये हमले अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन हैं। यूएई अपनी संप्रभुता और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाने का अधिकार रखता है।
मंत्रालय ने इस हमले को "महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर और तेल फैसिलिटी को निशाना बनाने वाला" बताया है, जो क्षेत्रीय और वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए खतरा है।
इससे पहले बुधवार को, यूएई ने कहा था कि ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड से जुड़ी ऊर्जा फैसिलिटी को निशाना बनाना वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के साथ-साथ क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए भी खतरा है।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि साउथ पार्स गैस फील्ड से संबंधित एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले एक खतरनाक बढ़ोतरी को दर्शाते हैं। साउथ पार्स गैस फील्ड उत्तर में कतर के इलाके तक फैला हुआ है।
न्यूज एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, मंत्रालय ने जोर देकर कहा कि ऊर्जा क्षेत्र के इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाना वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के साथ-साथ क्षेत्र और उसके लोगों की सुरक्षा के लिए भी खतरा है।
इसमें यह भी कहा गया कि ऐसी हरकतों के गंभीर नतीजे हो सकते हैं और आम लोगों, नेविगेशन रूट, जैसे आवश्यक औद्योगिक और शहरी सुविधाओं को खतरे में डाल सकते हैं।
मंत्रालय ने किसी भी हालत में आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर को टारगेट करने से बचने की आवश्यकता पर जोर दिया और अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करते हुए इलाके में सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने की अहमियत को दोहराया।