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क्या बिहार में छात्रा की संदिग्ध मौत की जांच तेज हुई है?

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क्या बिहार में छात्रा की संदिग्ध मौत की जांच तेज हुई है?

सारांश

पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में नीट की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत ने पूरे राज्य में हलचल मचा दी है। विशेष जांच दल (एसआईटी) ने मामले की जांच में तेजी लाई है, लेकिन क्या यह न्याय दिला पाएगी? जानिए पूरा मामला।

मुख्य बातें

बिहार में नीट की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत।
विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन।
पुलिस की प्रारंभिक प्रतिक्रिया पर सवाल।
यौन उत्पीड़न की संभावना की पुष्टि।
निष्पक्ष और गहन जांच की आवश्यकता।

पटना, 17 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में नीट की तैयारी कर रही एक छात्रा की संदिग्ध मौत की जांच विशेष जांच दल (एसआईटी) ने तेज कर दी है। शहर की पुलिस और बिहार सरकार द्वारा मामले की जांच के तरीकों पर सवाल उठ रहे हैं।

राज्य के गृह मंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश पर बिहार के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) विनय कुमार ने एसआईटी का गठन किया है, जिसकी अध्यक्षता स्वयं पटना के पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) जितेंद्र राणा कर रहे हैं।

शनिवार को आईजीपी जितेंद्र राणा ने स्वयं शंभू गर्ल्स हॉस्टल का दौरा किया और घटनास्थल का विस्तृत निरीक्षण किया।

दौरे के दौरान एसआईटी के सभी सदस्य मौजूद थे।

आईजीपी ने जांच अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए और कहा कि इस मामले में दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और किसी भी परिस्थिति में उसे बख्शा नहीं जाएगा।

यह घटना तब सामने आई जब पटना के चित्रगुप्त नगर इलाके में शंभू गर्ल्स हॉस्टल में स्थित जहानाबाद जिले की एक छात्रा, जो नीट मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रही थी, अपने कमरे में बेहोश पाई गई।

उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां 11 जनवरी को इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई।

पीड़िता के परिवार ने आरोप लगाया कि उसके साथ यौन उत्पीड़न हुआ था।

हालांकि, सहायक पुलिस अधीक्षक और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सहित पटना पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने तक स्पष्ट सबूतों के अभाव का हवाला देते हुए शुरू में इस आरोप को मानने से इनकार कर दिया।

बाद में उपलब्ध हुई पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला कि यौन उत्पीड़न की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है, जिससे पुलिस की प्रारंभिक प्रतिक्रिया पर गंभीर सवाल उठते हैं।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद पटना पुलिस के कामकाज पर सवाल उठने लगे।

इन घटनाक्रमों पर कार्रवाई करते हुए डीजीपी विनय कुमार ने शुक्रवार को आईजीपी जितेंद्र राणा के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) के गठन का आदेश दिया ताकि निष्पक्ष और गहन जांच सुनिश्चित की जा सके।

एसआईटी में पटना के पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) परिचय कुमार, एक महिला पुलिस उपाधीक्षक, एक महिला इंस्पेक्टर, एक पुरुष इंस्पेक्टर, एक सब-इंस्पेक्टर, एक सहायक सब-इंस्पेक्टर और कांस्टेबल शामिल हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या इस मामले में एसआईटी जांच कर रही है?
हाँ, विशेष जांच दल (एसआईटी) ने मामले की जांच तेज कर दी है।
छात्रा की मौत का कारण क्या था?
छात्रा की संदिग्ध मौत के पीछे यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया गया है।
क्या पुलिस ने आरोपों को स्वीकार किया है?
पुलिस ने प्रारंभ में आरोपों को मानने से इनकार किया, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने स्थिति को बदल दिया।
राष्ट्र प्रेस
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