दिल्ली के विज्ञान भवन में महिला सशक्तिकरण का महोत्सव, प्रतिभा ने साझा किया अनुभव
सारांश
Key Takeaways
- महिला दिवस का आयोजन दिल्ली में हो रहा है।
- प्रतिभा ने महिलाओं के सशक्तिकरण की बात की।
- महिलाएं धर्म और आधुनिकता के संदर्भ में चर्चा कर रही हैं।
- कार्यक्रम में आरएसएस की प्रमुख संचालिका भी उपस्थित थीं।
- महिलाएं हर क्षेत्र में प्रतिनिधित्व कर रही हैं।
नई दिल्ली, 7 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर दिल्ली के विज्ञान भवन में दो दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है।
7 से 8 मार्च तक चलने वाले इस कार्यक्रम में दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने शनिवार को भाग लिया, जिन्होंने महिलाओं को धर्म और आधुनिकता के संदर्भ में जोड़कर बात की। इस अवसर पर विभिन्न पदों और संगठनों की प्रमुख महिलाएं एक ही मंच पर उपस्थित थीं। इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय सेविका समिति की सेविका भी शामिल हुईं।
राष्ट्रीय सेविका समिति की सेविका प्रतिभा ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "यह अनुभव हो रहा है कि अच्छे दिन आ चुके हैं। महिलाओं के लिए अब सकारात्मक वातावरण बन रहा है और अपने-अपने क्षेत्रों में महिलाएं सशक्त हो रही हैं। इस गोष्ठी में देश के विभिन्न राज्यों से प्रतिभाशाली महिलाएं आई हैं, और हर क्षेत्र पर गहन चर्चा हो रही है। ऐसा लगता है कि इस मंथन से अमृत की प्राप्ति होगी।"
प्रतिभा ने धर्म और स्त्री के संबंध पर कहा कि यह जुड़ाव बहुत पुराना है, और महिलाओं को मातृत्व के साथ जोड़कर देखा गया है। सभी महिलाओं में मातृत्व, नेतृत्व और कर्तव्य का गुण होता है, जो उनके शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास में सहायक है। आज की महिलाएं अपने-अपने कामों और संगठनों का प्रतिनिधित्व कर रही हैं, जिससे एक नई ऊर्जा का संचार हो रहा है। लोग महिला दिवस की बात कर रहे हैं, लेकिन अगर सही अर्थ में महिला सशक्तिकरण को समझना है, तो इस कार्यक्रम में आना चाहिए।
उन्होंने आगे कहा कि हमने एक कुंभ प्रयागराज में देखा और अब दूसरा कुंभ दिल्ली में देख रहे हैं, जहां महिला सशक्तिकरण का मेला लगा है।
कार्यक्रम में आरएसएस की प्रमुख संचालिका वी. शांता कुमारी ने महिलाओं को सनातन धर्म से जोड़ते हुए उनके महत्व को बताया और महिलाओं को शुद्ध सोना कहा। उन्होंने धार्मिक ग्रंथों का उल्लेख करते हुए कहा कि ग्रंथों में पहले से ही महिलाओं को शक्ति का स्वरूप माना गया है।