13 अगस्त 2026
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पटियाला में पिटबुल ने चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी प्रोफेसर पर किया हमला, प्लास्टिक सर्जरी के बाद अस्पताल में भर्ती

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पटियाला में पिटबुल ने चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी प्रोफेसर पर किया हमला, प्लास्टिक सर्जरी के बाद अस्पताल में भर्ती

सारांश

पटियाला के घूमण नगर में मकान देखने गई चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर शिफाली सभरवाल पर पालतू पिटबुल ने हमला कर दिया। अमर अस्पताल में प्लास्टिक सर्जरी के बाद वे उपचाराधीन हैं। वायरल वीडियो के बाद पुलिस हरकत में आई और BNS धारा 291 के तहत FIR की तैयारी है।

मुख्य बातें

13 अगस्त 2026 को पटियाला के घूमण नगर में एक पालतू पिटबुल ने चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर शिफाली सभरवाल पर हमला किया।
पीड़िता मकान देखने पहुँची थीं; गेट खुलते ही कुत्ते ने हमला किया और उन्हें गंभीर चोटें आईं।
अमर अस्पताल में भर्ती शिफाली की प्लास्टिक सर्जरी की जा चुकी है।
हमले का वीडियो वायरल होने पर डीएसपी जंगजीत रंधावा की अगुआई में पुलिस ने संज्ञान लिया।
मेडिकल रिपोर्ट के बाद BNS धारा 291 के तहत FIR दर्ज होगी; 15 अगस्त के बाद विशेष अभियान की घोषणा।

पटियाला के घूमण नगर इलाके में 13 अगस्त 2026 को एक पालतू पिटबुल कुत्ते ने चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर शिफाली सभरवाल पर हमला कर दिया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गईं। परिजनों ने उन्हें तत्काल अमर अस्पताल में भर्ती कराया, जहाँ उनकी प्लास्टिक सर्जरी की गई। हमले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए जाँच शुरू की।

कैसे हुआ हमला

शिफाली सभरवाल अपने परिवार के साथ घूमण नगर स्थित एक मकान देखने पहुँची थीं। जैसे ही घर का मुख्य द्वार खोला गया, भीतर बंधा पालतू पिटबुल कुत्ता अचानक उन पर झपट पड़ा। हमले में उन्हें कई जगह गहरी चोटें आईं और उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया।

पुलिस की प्रतिक्रिया

डीएसपी जंगजीत रंधावा ने बताया कि पुलिस को सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो से घटना की जानकारी मिली। वीडियो की पुष्टि के बाद संबंधित परिवार से संपर्क किया गया और पीड़िता के परिजनों की तहरीर के आधार पर मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की गई। रंधावा के अनुसार, अमर अस्पताल से मेडिकल रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

कानूनी प्रावधान

डीएसपी रंधावा ने स्पष्ट किया कि पालतू जानवर द्वारा किसी व्यक्ति को घायल करने के मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 291 के तहत एफआईआर दर्ज की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि खतरनाक नस्ल के कुत्तों को लेकर अदालत के निर्देशों के अनुरूप कार्रवाई की जाएगी। 15 अगस्त के बाद पुलिस विशेष अभियान चलाकर ऐसे मामलों की जाँच और सत्यापन करेगी।

आगे की जाँच

पुलिस ने एक विशेष टीम गठित की है जो पूरे मामले की जाँच करेगी। शिफाली सभरवाल का बयान भी दर्ज किया जाएगा, जिससे घटनाक्रम की पूरी तस्वीर सामने आ सके। मेडिकल रिपोर्ट, पीड़िता का बयान और अन्य तथ्यों के आधार पर मामले में अंतिम कार्रवाई तय होगी। पटियाला में पिटबुल हमले की यह घटना खतरनाक नस्ल के पालतू कुत्तों को लेकर पहले से चल रही बहस को एक बार फिर सुर्खियों में ले आई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी खतरनाक नस्लों पर केंद्र या राज्यों का कोई एकसमान कानून नहीं है। सोशल मीडिया वायरल वीडियो के बाद पुलिस का हरकत में आना दर्शाता है कि संस्थागत सतर्कता खुद से नहीं, जनदबाव से आती है। BNS धारा 291 का प्रावधान मौजूद है, लेकिन उसका प्रयोग विरल है। असली सवाल यह है कि मेडिकल रिपोर्ट के बाद FIR दर्ज होगी या मामला रफा-दफा हो जाएगा — पिछले अधिकांश मामलों में यही हुआ है।
RashtraPress
13 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पटियाला में पिटबुल हमले की पीड़िता कौन हैं?
पीड़िता चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर शिफाली सभरवाल हैं, जो 13 अगस्त 2026 को पटियाला के घूमण नगर में परिवार के साथ मकान देखने गई थीं। हमले में गंभीर रूप से घायल होने के बाद उनकी अमर अस्पताल में प्लास्टिक सर्जरी की गई है।
पिटबुल ने हमला कैसे किया?
जैसे ही मकान का मुख्य द्वार खोला गया, भीतर मौजूद पालतू पिटबुल कुत्ता शिफाली सभरवाल पर झपट पड़ा और उन्हें कई जगह गहरी चोटें आईं। हमले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसके बाद पुलिस ने संज्ञान लिया।
इस मामले में पुलिस क्या कार्रवाई करेगी?
डीएसपी जंगजीत रंधावा के अनुसार, अमर अस्पताल से मेडिकल रिपोर्ट मिलने के बाद BNS की धारा 291 के तहत FIR दर्ज की जाएगी। परिजनों की तहरीर पर मामला दर्ज किया जा रहा है और पीड़िता का बयान भी लिया जाएगा।
खतरनाक नस्ल के कुत्तों पर क्या कानूनी प्रावधान हैं?
पालतू जानवर द्वारा किसी व्यक्ति को काटने या घायल करने पर BNS की धारा 291 के तहत FIR दर्ज की जा सकती है। इसके अलावा, खतरनाक नस्ल के कुत्तों को लेकर अदालत के आदेश भी मौजूद हैं, जिनके अनुसार कार्रवाई का आश्वासन पुलिस ने दिया है।
15 अगस्त के बाद पुलिस क्या करेगी?
डीएसपी रंधावा ने बताया कि 15 अगस्त के बाद पुलिस विशेष अभियान चलाकर खतरनाक नस्ल के कुत्तों से जुड़े मामलों की जाँच और सत्यापन करेगी। एक विशेष टीम गठित की जा रही है जो इस मामले की जल्द रिपोर्ट देगी।
राष्ट्र प्रेस
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