दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर महिलाओं ने बाइक रैली के जरिए दिखाया सशक्तिकरण का जश्न
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नई दिल्ली, 8 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में महिलाओं के सशक्तिकरण की भावना को बढ़ावा देने हेतु रविवार को दिल्ली में एक 'महिला बाइक रैली' का आयोजन किया गया, जिसमें अनेक महिला राइडर्स ने भाग लिया।
यह आयोजन 'कॉन्फिडेंस इन मोशन' के सिद्धांत पर आधारित था और इसकी थीम 'दिल्ली की ड्राइविंग फोर्स' थी।
इस रैली में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और लोकसभा स्पीकर ओम बिरला समेत कई अन्य राजनीतिक नेता और प्रतिनिधि उपस्थित रहे, जिन्होंने महिला राइडर्स को प्रोत्साहित किया और देश में महिलाओं की बढ़ती भूमिका का समर्थन किया।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने लोकसभा स्पीकर का स्वागत करते हुए कहा, "लोकसभा स्पीकर ओम बिरला आज यहां सभी को प्रोत्साहित करने और दिल्ली की सभी बहनों को शुभकामनाएं देने के लिए आए हैं।"
रैली के महत्व पर बात करते हुए सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि ऐसे प्रयास देश में महिलाओं की प्रगति का प्रतीक हैं। उन्होंने कहा, "यह बाइक रैली महिला सशक्तिकरण के लिए समर्पित है। यह केवल एक बाइक रैली नहीं है, बल्कि यह दर्शाती है कि भारत हर क्षेत्र में कैसे आगे बढ़ रहा है और इसमें महिलाओं का योगदान भी शामिल है।"
कई राजनीतिक दलों के नेता भी इस रैली में शामिल हुए और प्रतिभागियों से बातचीत की।
शिवसेना-यूबीटी की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, "आज महिला दिवस के अवसर पर मुझे इस बाइक रैली का हिस्सा बनने का मौका मिला। इतनी सारी महिलाओं को बाइक चलाते हुए और अपने जीवन की स्टीयरिंग व्हील को संभालते हुए देखकर मुझे बहुत खुशी हो रही है।"
भाजपा सांसद बंसुरी स्वराज ने भी महिला दिवस पर सभी को शुभकामनाएं दीं और महिला-नेतृत्व वाली प्रगति के महत्व पर बात की। उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लगातार कोशिशों की वजह से भारत न केवल महिलाओं के सशक्तिकरण की बात कर रहा है, बल्कि महिलाओं की लीडरशिप में देश को सशक्त करने का प्रयास भी कर रहा है।"
सांसद कमलजीत सहारावत ने सभी प्रतिभागियों को बधाई दी। उन्होंने कहा, "इस खास दिन पर सभी बहनों को बहुत-बहुत बधाई। यहां उपस्थित सभी पुरुष सदस्य भी दिल से बधाई के हकदार हैं।"
एनडीएमसी के उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल ने कहा कि यह रैली देश भर में महिलाओं को सशक्त बनाने के दृष्टिकोण को प्रदर्शित करती है। उन्होंने कहा, "महिलाओं का सशक्तिकरण केवल एक विचार नहीं बल्कि एक प्रतिबद्धता है। यहाँ, हम देख सकते हैं कि यह प्रतिबद्धता सफलता में बदल रही है।"