महिलाओं के नेतृत्व में भारत के विकास की नई दिशा : बांसुरी स्वराज
सारांश
Key Takeaways
- महिलाओं के नेतृत्व में भारत का विकास हो रहा है।
- प्रधानमंत्री मोदी नई परियोजनाओं की घोषणा कर रहे हैं।
- महिला सशक्तिकरण हर क्षेत्र में आवश्यक है।
- महिलाएं अवसरों की खोज में रहती हैं।
- दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस का उत्सव मनाया जा रहा है।
नई दिल्ली, ८ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। देश भर में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस का उत्सव बड़े धूमधाम से मनाया जा रहा है। इस अवसर पर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में महिलाओं के लिए कई गतिविधियों का आयोजन किया गया है। इनमें से एक प्रमुख कार्यक्रम के तहत महिलाओं के लिए एक बाइक रैली का आयोजन किया गया, जिसे दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस कार्यक्रम में कई प्रसिद्ध हस्तियों ने भी भाग लिया।
कार्यक्रम में उपस्थित भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत करते हुए कहा, "मैं सबसे पहले अपने देश की महिलाओं को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देती हूं। मुझे गर्व है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लगातार प्रयासों की वजह से, भारत केवल महिला सशक्तीकरण की बात नहीं कर रहा है, बल्कि महिलाओं के नेतृत्व में एक मजबूत और विकसित भारत की नींव भी रख रहा है।"
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने राष्ट्र प्रेस से कहा, "मैं सभी माताओं और बहनों को सलाम कर उन्हें शुभकामनाएं देता हूं। हम एक दिन को महिला दिवस के रूप में मनाते हैं, लेकिन मेरा मानना है कि हर दिन महिला दिवस है, क्योंकि आज की नारी शक्ति हर क्षेत्र में अपनी क्षमता साबित कर रही है। चाहे वह घरेलू कार्य हो, शिक्षा, आर्थिक क्षेत्र, व्यापार, समाज, राजनीति, कला और संस्कृति, फिल्म या खेल। उन्हें जो भी अवसर मिलता है, वे अपने योगदान से खुद को स्थापित करती हैं।"
वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि आज की महिलाएं अवसर की खोज में रहती हैं और जैसे ही उन्हें अवसर मिलता है, वे उसे भुनाते हुए अपने वर्चस्व को स्थापित करती हैं। यह दिल्ली के लिए सौभाग्य की बात है कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नई सौगात देने जा रहे हैं। वे दो मेट्रो परियोजनाओं और पांच अन्य परियोजनाओं का शुभारंभ करेंगे। विकसित भारत की तर्ज पर विकसित दिल्ली बनाने के लिए केंद्र और दिल्ली सरकार निरंतर प्रयासरत हैं।