महिलाओं की भूमिका: पीएम मोदी के विकसित भारत 2047 के सपने में लीना का दृष्टिकोण
सारांश
Key Takeaways
- महिलाओं का विकास भारत के भविष्य के लिए आवश्यक है।
- महिला नेतृत्व से ही सच्चा विकास संभव है।
- सभी महिलाओं को योजनाओं का लाभ मिलना चाहिए।
नई दिल्ली, 8 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आयोजित 'भारती-नारी से नारायणी' कार्यक्रम में रविवार को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में कई सत्रों का आयोजन हुआ। इस कार्यक्रम में राष्ट्र सेविका समिति की अखिल भारतीय सह बौद्धिक प्रमुख लीना रहाणे ने महत्वपूर्ण उपस्थिती दर्ज की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के विकसित भारत 2047 के सपने को साकार करने में महिलाओं की भूमिका अत्यंत आवश्यक है।
लीना रहाणे ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में बताया कि 'नारी से नारायणी' का विचार महिलाओं की गरिमा और आत्मसम्मान को प्रोत्साहित करने का है। उन्होंने कहा कि जो भी नीतियाँ और उपाय महिला शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए किए जा रहे हैं, उन्हें इस प्रकार लागू करना चाहिए कि सभी महिलाएं लाभान्वित हो सकें।
उन्होंने आगे कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर जो सत्र आयोजित हुए हैं, उनका उद्देश्य यह है कि भारत का विकास महिला नेतृत्व के अंतर्गत हो और पीएम मोदी के विकसित भारत 2047 के लक्ष्य में महिलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण बनी रहे। महिलाओं को अपनी शक्ति को समझना चाहिए और समाज में भी अपनी जिम्मेदारियाँ निभानी चाहिए। इससे एक सकारात्मक वातावरण बनेगा और सुरक्षित और विकसित भारत का सपना पूरा होगा।
महिला उद्यमी शशि बुवना ने कहा कि हर महिला, चाहे वह किसी भी आर्थिक वर्ग से हो, अपनी ज़िंदगी में विभिन्न चुनौतियों का सामना करती है। इस कार्यक्रम में समाज के विभिन्न वर्गों के लोग मिलकर चर्चा कर रहे हैं।
लक्ष्मी पुरी ने कहा कि भारत और दुनियाभर की सभी महिलाओं को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएं। मैं इस सम्मेलन में आने पर गर्वित महसूस कर रही हूं, जो देश की महिलाओं को एकजुट करने के लिए आयोजित किया गया है।