महिलाओं की सशक्तीकरण: जी.एस. मलिक ने किया बाइक रैली का उद्घाटन
सारांश
Key Takeaways
- महिलाएं हर क्षेत्र में सशक्त हैं।
- महिला बाइक रैली ने आत्मविश्वास को बढ़ावा दिया।
- अहमदाबाद पुलिस महिलाओं के योगदान की सराहना करती है।
- जी.एस. मलिक का मानना है कि महिलाएं पुरुषों के बराबर हैं।
- समाज में जागरूकता बढ़ाने के लिए ऐसे कार्यक्रम महत्वपूर्ण हैं।
अहमदाबाद, ६ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर अहमदाबाद में महिला सशक्तीकरण से संबंधित कई विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। अहमदाबाद सिटी पुलिस ने महिलाओं को सम्मानित करने और उनके योगदान को उजागर करने के लिए विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया है। इसी सिलसिले में शुक्रवार को महिला बाइक रैली का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में पुलिस कमिश्नर जी.एस. मलिक भी उपस्थित रहे।
जी.एस. मलिक ने जानकारी दी कि ८ मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है और इसको ध्यान में रखते हुए अहमदाबाद पुलिस कई कार्यक्रमों का आयोजन कर रही है। उन्होंने बताया कि दो दिन पहले पुलिस वॉकथॉन का आयोजन किया गया था, जिसमें बड़ी संख्या में महिला पुलिसकर्मियों ने हिस्सा लिया। इसके बाद अहमदाबाद पुलिस में कार्यरत सभी महिलाओं के लिए एक हेल्थ चेकअप कैंप भी स्थापित किया गया, ताकि उनकी सेहत का ध्यान रखा जा सके।
उन्होंने आगे कहा कि इसी श्रृंखला में शुक्रवार को महिलाओं की बाइक रैली का आयोजन किया गया। इस रैली की विशेषता यह थी कि इसमें शामिल सभी बाइकर्स महिलाएं थीं। महिला पुलिसकर्मी पूरी आत्मविश्वास के साथ बाइक चलाते हुए रैली में शामिल हुईं और शहर में एक मजबूत संदेश भी दिया।
जी.एस. मलिक ने कहा कि आज की तारीख में महिलाएं हर क्षेत्र में पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रही हैं। कई क्षेत्रों में तो महिलाएं पुरुषों से भी बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस विभाग में महिलाओं का कार्य अत्यंत सराहनीय है और उनकी भूमिका लगातार बढ़ती जा रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं के सामने सिर्फ कार्य की जिम्मेदारी नहीं होती, बल्कि घर की जिम्मेदारी भी होती है। इसके बावजूद महिलाएं दोनों भूमिकाएं बहुत कुशलता से निभा रही हैं। पुलिस विभाग में भी उन्होंने देखा है कि महिलाएं किसी भी मामले में पुरुषों से कम नहीं हैं।
जी.एस. मलिक का मानना है कि ऐसे कार्यक्रमों से समाज में जागरूकता बढ़ती है और महिलाओं के प्रति सम्मान की भावना भी मजबूत होती है।