सलाल बांध गाद निकासी: चिनाब नदी 21 से 30 मई तक 2-3 मीटर ऊपर, रियासी प्रशासन की एडवाइजरी

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सलाल बांध गाद निकासी: चिनाब नदी 21 से 30 मई तक 2-3 मीटर ऊपर, रियासी प्रशासन की एडवाइजरी

सारांश

रियासी प्रशासन ने सलाल बांध की गाद फ्लशिंग के लिए 21 से 30 मई तक स्पिलवे गेट खोलने की एडवाइजरी जारी की है। चिनाब नदी का जल स्तर 2-3 मीटर बढ़ सकता है। 23 से अधिक गाँवों के निवासियों को नदी किनारों से दूर रहने की हिदायत दी गई है।

मुख्य बातें

रियासी जिला प्रशासन ने 18 मई 2026 को सलाल बांध जलाशय की गाद निकासी को लेकर आधिकारिक एडवाइजरी जारी की।
बांध के स्पिलवे गेट 21 मई सुबह 9:00 बजे IST से 30 मई 2026 तक खुले रहेंगे।
चिनाब नदी का जल स्तर अपस्ट्रीम और डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों में 2 से 3 मीटर तक बढ़ सकता है।
देहरान, थानपाल, विजयपुर, साल्मोट सहित 23 से अधिक गाँव प्रभावित क्षेत्रों में चिह्नित।
नदी किनारों पर राफ्टिंग, वाहन और पशुओं की आवाजाही पर पाबंदी; SDRF, पुलिस और राजस्व विभाग को अलर्ट पर रखा गया।

रियासी जिला प्रशासन ने 18 मई 2026 को सलाल पावर स्टेशन, ज्योतिपुरम स्थित सलाल बांध जलाशय की गाद फ्लशिंग (निकासी) के संबंध में एक आधिकारिक एडवाइजरी जारी की है। इसके तहत बांध के स्पिलवे गेट 21 मई 2026 को सुबह 9:00 बजे IST से 30 मई 2026 तक खुले रखे जाएंगे। इस अवधि में चिनाब नदी का जल स्तर अपस्ट्रीम और डाउनस्ट्रीम दोनों क्षेत्रों में 2 से 3 मीटर तक बढ़ सकता है।

गाद निकासी क्यों ज़रूरी है

जलाशयों में समय के साथ गाद (सिल्ट) जमा होती रहती है, जिससे बांध की जल-भंडारण क्षमता और बिजली उत्पादन दक्षता प्रभावित होती है। सलाल बांध चिनाब नदी पर स्थित एक प्रमुख जलविद्युत परियोजना है। नियमित गाद फ्लशिंग से बांध की आयु और उत्पादन क्षमता बनाए रखी जाती है। यह कार्य पूर्व-नियोजित होता है और प्रशासन इसकी सूचना पहले से जारी करता है।

प्रभावित क्षेत्र

प्रशासन के अनुसार, जल स्तर वृद्धि से प्रभावित होने वाले क्षेत्रों में देहरान, थानपाल, अरनास, साई लांजन, नारलू, गारी, साल्मोट, गुलजार कोठी, सैध बाबा, बिड्डा, कच्ची खेड़ा, तलवाड़ा, नंबला, विजयपुर, बारा दर्री, पट्टा, कांसी पट्टा, जेधी, पनासा, बदर, चुम्बियन, डेरा बाबा बंदा बहादुर और आसपास के गाँव शामिल हैं। ये सभी क्षेत्र चिनाब नदी के किनारे स्थित हैं।

जनता के लिए निर्देश

प्रशासन ने आम जनता को स्पष्ट रूप से निर्देश दिया है कि 21 मई से 30 मई 2026 के बीच चिनाब नदी के किनारों के निकट न जाएँ। नदी में राफ्टिंग पर भी रोक रहेगी। इसके अलावा नदी किनारों पर वाहनों और पशुओं की आवाजाही से भी बचने की अपील की गई है, ताकि किसी भी दुर्घटना की संभावना को पूरी तरह समाप्त किया जा सके।

प्रशासनिक तैयारी

राजस्व विभाग, पुलिस, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) और ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों को स्थिति पर कड़ी नज़र रखने के निर्देश दिए गए हैं। इन विभागों को यह भी कहा गया है कि वे प्रभावित क्षेत्रों में जन-जागरूकता अभियान चलाएँ और नदी सफाई अभियान के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करें। यह समन्वित तैयारी दर्शाती है कि प्रशासन इस कार्य को लेकर पूरी तरह सतर्क है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन चिनाब नदी के किनारे बसे दर्जनों गाँवों के लिए यह हर बार एक वास्तविक जोखिम लेकर आती है। सवाल यह है कि क्या केवल एडवाइजरी जारी करना पर्याप्त है, या प्रभावित बस्तियों के लिए अस्थायी स्थानांतरण और राहत शिविरों की भी व्यवस्था होनी चाहिए। SDRF की तैनाती सकारात्मक कदम है, परंतु पहाड़ी नदियों में जल स्तर तेज़ी से बदलता है — पूर्व चेतावनी प्रणाली की विश्वसनीयता ही असली परीक्षा है।
RashtraPress
18 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सलाल बांध की गाद निकासी (फ्लशिंग) क्या है और यह क्यों की जाती है?
गाद फ्लशिंग वह प्रक्रिया है जिसमें जलाशय में जमा सिल्ट को बाहर निकालने के लिए बांध के स्पिलवे गेट खोले जाते हैं। यह बांध की जल-भंडारण क्षमता और बिजली उत्पादन दक्षता बनाए रखने के लिए ज़रूरी है।
सलाल बांध के गेट कब से कब तक खुले रहेंगे?
स्पिलवे गेट 21 मई 2026 को सुबह 9:00 बजे IST से 30 मई 2026 तक खुले रहेंगे। इस पूरी अवधि में चिनाब नदी के जल स्तर में वृद्धि की संभावना बनी रहेगी।
चिनाब नदी का जल स्तर कितना बढ़ेगा और कौन-से क्षेत्र प्रभावित होंगे?
अधिकारियों के अनुसार जल स्तर 2 से 3 मीटर तक बढ़ सकता है। देहरान, थानपाल, अरनास, विजयपुर, साल्मोट सहित 23 से अधिक गाँव और क्षेत्र प्रभावित होने की आशंका है।
इस अवधि में जनता को क्या सावधानियाँ बरतनी चाहिए?
रियासी प्रशासन ने नदी किनारों के पास न जाने, राफ्टिंग न करने और वाहनों व पशुओं को नदी तट से दूर रखने की सलाह दी है। किसी भी आपात स्थिति में तुरंत स्थानीय प्रशासन या पुलिस को सूचित करें।
प्रशासन ने स्थिति से निपटने के लिए क्या इंतज़ाम किए हैं?
राजस्व विभाग, पुलिस, SDRF और ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों को अलर्ट पर रखा गया है। उन्हें जन-जागरूकता अभियान चलाने और नदी सफाई कार्य के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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