बंदी भगीरथ की पोक्सो गिरफ्तारी के बाद बीआरएस का तेलंगाना में राज्यव्यापी प्रदर्शन, मंत्री संजय को हटाने की मांग

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बंदी भगीरथ की पोक्सो गिरफ्तारी के बाद बीआरएस का तेलंगाना में राज्यव्यापी प्रदर्शन, मंत्री संजय को हटाने की मांग

सारांश

बंदी भगीरथ की पोक्सो गिरफ्तारी ने तेलंगाना की राजनीति में भूचाल ला दिया। बीआरएस ने राज्यव्यापी प्रदर्शनों के ज़रिए केंद्रीय मंत्री बंदी संजय पर इस्तीफे का दबाव बनाया। सिरसिला में भाजपा-बीआरएस टकराव और पुलिस लाठीचार्ज ने मामले को और विस्फोटक बना दिया।

मुख्य बातें

बीआरएस ने 18 मई 2026 को तेलंगाना के सभी विधानसभा क्षेत्रों में राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन किए।
केंद्रीय गृह राज्यमंत्री बंदी संजय कुमार के पुत्र बंदी भगीरथ को 16 मई को साइबराबाद पुलिस ने पोक्सो मामले में गिरफ्तार किया; 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया।
बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष के.टी.
रामा राव ने निष्पक्ष जाँच के लिए मंत्री को तत्काल हटाने की माँग की।
सिरसिला में भाजपा और बीआरएस कार्यकर्ताओं के बीच टकराव हुआ; पुलिस ने लाठीचार्ज कर भाजपा कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया।
रामा राव ने सवाल उठाया कि आरोपी को कथित तौर पर नौ दिनों तक किसने छिपाकर रखा।

भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) ने 18 मई 2026 को तेलंगाना के सभी विधानसभा क्षेत्रों में व्यापक विरोध प्रदर्शन आयोजित किए और केंद्रीय गृह राज्यमंत्री बंदी संजय कुमार को तत्काल पद से हटाने की मांग की। यह मांग उनके पुत्र बंदी भगीरथ की पोक्सो अधिनियम के तहत गिरफ्तारी के बाद उठाई गई है, जिन पर एक नाबालिग लड़की के साथ कथित यौन उत्पीड़न का आरोप है।

राज्यव्यापी प्रदर्शन का स्वरूप

बीआरएस के विधायकों और वरिष्ठ नेताओं ने तेलंगाना के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व किया। हाथों में तख्तियाँ और बैनर लिए कार्यकर्ताओं ने नाबालिग पीड़िता को न्याय दिलाने और मंत्री के इस्तीफे की माँग को लेकर नारेबाज़ी की।

पार्टी विधायक पी. कौशिक रेड्डी के नेतृत्व में हुजूराबाद विधानसभा क्षेत्र में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे। वेमुलवाड़ा में चलमेडा लक्ष्मी नरसिम्हा राव के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर बैठकर धरना दिया और माँग की कि यदि मंत्री इस्तीफा देने से इनकार करते हैं तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उन्हें पद से बर्खास्त करना चाहिए।

करीमनगर जिले के गंगाधरा में पूर्व विधायक सुनके रविशंकर ने भी एक विशाल रैली का नेतृत्व करते हुए बंदी संजय को तत्काल हटाने की माँग दोहराई।

सिरसिला में तनाव, पुलिस ने की कार्रवाई

सिरसिला शहर के नेतान्ना चौराहे पर उस समय तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कार्यकर्ताओं ने बीआरएस के शांतिपूर्ण प्रदर्शन को बाधित करने का प्रयास किया। बीआरएस नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शनकारियों पर चप्पलें फेंकीं।

पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए हल्का लाठीचार्ज किया और भाजपा कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। इस घटना ने प्रदर्शन को राजनीतिक रूप से और अधिक तीखा बना दिया।

महिला नेताओं की प्रार्थना और भावनात्मक अपील

हैदराबाद में बीआरएस की महिला नेताओं ने चारमीनार स्थित भाग्य लक्ष्मी मंदिर का दौरा किया। पूर्व विधायक जी. सुनिता ने मीडिया से कहा कि उन्होंने देवी भाग्य लक्ष्मी से प्रार्थना की है कि वे बंदी संजय और उनके पुत्र को सद्बुद्धि प्रदान करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्रीय मंत्री को तत्काल इस्तीफा देना चाहिए।

केटीआर की माँग और गंभीर सवाल

बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष के.टी. रामा राव ने एक दिन पहले, 17 मई को, बंदी संजय को तत्काल हटाने की माँग की थी ताकि पोक्सो मामले में निष्पक्ष और स्वतंत्र जाँच सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' का नारा देते हैं, लेकिन जब उनके अपने मंत्रिमंडल के सदस्य के पुत्र पर ऐसे आरोप हों तो ये नारे महज़ राजनीतिक बयानबाज़ी बनकर रह जाते हैं।

रामा राव ने यह भी कहा कि कथित तौर पर यह शायद पहली बार हुआ है जब किसी मौजूदा केंद्रीय मंत्री के पुत्र के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी करना पड़ा। उन्होंने सवाल उठाया कि आरोपी को कथित तौर पर नौ दिनों तक कैसे छिपाकर रखा गया और उस दौरान किसने उसे संरक्षण दिया।

गिरफ्तारी और न्यायिक हिरासत

बंदी भगीरथ को 16 मई की रात साइबराबाद पुलिस ने गिरफ्तार किया। उन्हें एक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया, जिन्होंने उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। मामला पोक्सो अधिनियम के तहत दर्ज है, जो नाबालिगों के यौन उत्पीड़न से संबंधित है।

आने वाले दिनों में बीआरएस के दबाव की तीव्रता और केंद्र सरकार की प्रतिक्रिया इस मामले की राजनीतिक दिशा तय करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह उस राजनीतिक जवाबदेही की परीक्षा है जिससे भारतीय दल अक्सर बचते रहे हैं। बीआरएस की माँग नैतिक रूप से उचित है, लेकिन यह भी उल्लेखनीय है कि यही पार्टी सत्ता में रहते हुए अपने नेताओं के खिलाफ आरोपों पर समान तत्परता नहीं दिखाती थी। असली सवाल यह है कि क्या केंद्र सरकार 'बेटी बचाओ' के नारे को संस्थागत जवाबदेही में बदलने को तैयार है, या यह मामला भी राजनीतिक दबाव कम होते ही दब जाएगा। लुकआउट नोटिस जारी होने के बावजूद नौ दिनों तक आरोपी का पकड़ में न आना कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर प्रश्न खड़ा करता है।
RashtraPress
18 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बंदी भगीरथ को किस मामले में गिरफ्तार किया गया है?
बंदी भगीरथ को 16 मई 2026 की रात साइबराबाद पुलिस ने पोक्सो अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया है। उन पर एक नाबालिग लड़की के साथ कथित यौन उत्पीड़न का आरोप है और उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।
बीआरएस ने बंदी संजय कुमार को हटाने की माँग क्यों की?
बीआरएस का तर्क है कि एक मौजूदा केंद्रीय मंत्री के पुत्र से जुड़े पोक्सो मामले में निष्पक्ष जाँच तभी संभव है जब मंत्री पद पर न रहें। पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष के.टी. रामा राव ने यह भी सवाल उठाया कि आरोपी को कथित तौर पर नौ दिनों तक किसने संरक्षण दिया।
सिरसिला में क्या हुआ?
सिरसिला के नेतान्ना चौराहे पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने बीआरएस के प्रदर्शन को बाधित करने की कोशिश की। बीआरएस ने आरोप लगाया कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनके कार्यकर्ताओं पर चप्पलें फेंकीं, जिसके बाद पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज किया और भाजपा कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया।
क्या केंद्र सरकार ने बंदी संजय को हटाने पर कोई प्रतिक्रिया दी है?
अभी तक केंद्र सरकार की ओर से बंदी संजय को हटाने या उनके इस्तीफे पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। बीआरएस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सीधे हस्तक्षेप की माँग की है।
पोक्सो अधिनियम क्या है और यह मामला इसके तहत क्यों दर्ज है?
पोक्सो (यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम) 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों के यौन उत्पीड़न से संबंधित मामलों पर लागू होता है। बंदी भगीरथ पर एक नाबालिग लड़की के साथ कथित यौन उत्पीड़न का आरोप होने के कारण यह मामला इसी अधिनियम के तहत दर्ज किया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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