पॉक्सो केस में निष्पक्ष जांच के लिए केटीआर की माँग — बंदी संजय को तत्काल बर्खास्त करे केंद्र
सारांश
मुख्य बातें
भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष के.टी. रामाराव (केटीआर) ने 18 मई 2025 को माँग की कि पॉक्सो मामले में न्यायिक हिरासत में भेजे गए बंदी भागीरथ के पिता और केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार को तत्काल केंद्रीय मंत्रिमंडल से हटाया जाए, ताकि जांच निष्पक्ष और स्वतंत्र रह सके। हैदराबाद के एलबी नगर में आयोजित पार्टी कार्यक्रम में बोलते हुए केटीआर ने कहा कि जब तक मंत्री संवैधानिक पद पर बने रहेंगे, तब तक निष्पक्ष जांच संभव नहीं है।
मुख्य घटनाक्रम
भागीरथ की गिरफ्तारी और न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के एक दिन बाद केटीआर ने यह बयान दिया। उन्होंने कहा कि कथित तौर पर यह भारत में पहली बार हुआ जब किसी केंद्रीय मंत्री के पुत्र के विरुद्ध लुकआउट नोटिस जारी करना पड़ा। उन्होंने सवाल उठाया कि आरोपी को नौ दिनों तक कथित रूप से कैसे छिपाया गया और इस दौरान उसे किसका संरक्षण मिला।
केटीआर ने आरोप लगाया कि केंद्रीय मंत्री बंदी संजय ने व्यक्तिगत रूप से पीड़िता के परिवार को धमकाने और दबाव में लाने की कोशिश की। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने मामले की गंभीरता को कम करने का प्रयास किया।
राजनीतिक आरोप और प्रतिक्रिया
बीआरएस नेता ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) — दोनों पर आरोप लगाया कि दोनों दल इस मामले को 'हनी ट्रैप' बताकर दबाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मीडिया के कुछ वर्गों पर खबर दबाने के लिए दबाव डाला गया।
केटीआर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' नारे का हवाला देते हुए कहा कि यदि ऐसे संवेदनशील मामलों में न्याय नहीं मिला, तो ये नारे केवल राजनीतिक बयानबाजी बनकर रह जाएंगे। उन्होंने कहा कि सत्ता और प्रभाव का दुरुपयोग करने के आरोप झेल रहे व्यक्ति का संवैधानिक पद पर बने रहना केवल तेलंगाना ही नहीं, बल्कि पूरे देश का अपमान है।
पीड़ित परिवार और सामाजिक दबाव
केटीआर ने पीड़िता की माँ और परिवार की सराहना की, जिन्होंने कथित धमकियों और दबाव के बावजूद न्याय की लड़ाई जारी रखी। उन्होंने इस संघर्ष को 'ऐतिहासिक और साहसिक' बताते हुए कहा कि पीड़ित परिवार को समाज का समर्थन मिलना चाहिए।
बीआरएस महिला विंग, छात्र संगठनों और सोशल मीडिया कार्यकर्ताओं ने मामले में न्याय की माँग उठाई। बीआरएस महिला नेताओं ने तेलंगाना भर में विरोध प्रदर्शन किए, महिला आयोग और पुलिस महानिदेशक से मुलाकात की, तथा डॉ. बी.आर. आंबेडकर की प्रतिमा के पास भी प्रदर्शन किया। वरिष्ठ बीआरएस नेता आर.एस. प्रवीण कुमार ने भी इस मुद्दे को मजबूती से उठाया।
चेतावनी और आगे की माँग
केटीआर ने चेतावनी दी कि यदि प्रभावशाली लोगों को जवाबदेही से बचने दिया गया, तो भविष्य में महिलाएं और नाबालिग लड़कियां उत्पीड़न के मामलों में सामने आने से डरेंगी। उन्होंने दोहराया कि केंद्रीय मंत्री को तत्काल बर्खास्त किया जाए और मामले की पारदर्शी एवं स्वतंत्र जांच कराई जाए। इस मामले में अब सभी पक्षों की निगाहें केंद्र सरकार की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।