तमिल सिनेमा के दिग्गज के. भाग्यराज का 73 वर्ष की आयु में निधन, उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने जताया शोक
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय सिनेमा के वरिष्ठ फिल्म निर्माता, निर्देशक, पटकथा लेखक और अभिनेता के. भाग्यराज (पूरा नाम: कृष्णस्वामी भाग्यराज) का 27 जून 2025 को चेन्नई में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वे 73 वर्ष के थे। उनके जाने से तमिल और भारतीय सिनेमा जगत में शोक की गहरी लहर है।
उपराष्ट्रपति की श्रद्धांजलि
देश के उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट साझा कर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने लिखा, 'मशहूर फिल्म निर्माता, अभिनेता और पटकथा लेखक के. भाग्यराज के निधन से गहरा दुख हुआ है। उन्होंने अपनी यादगार फिल्मों, अनोखे कहानी कहने के अंदाज और बेहतरीन पटकथा लेखन के ज़रिए भारतीय सिनेमा में असाधारण योगदान दिया।'
राधाकृष्णन ने आगे लिखा, 'पटकथा लेखन की उनकी नई तकनीकें और जटिल कहानियों को सरल लेकिन दिलचस्प ढंग से पेश करने की उनकी काबिलियत ने उन्हें देश के बेहतरीन पटकथा लेखकों में से एक के तौर पर पहचान दिलाई। उन्होंने कई फिल्म निर्माताओं को प्रेरित किया और मार्गदर्शन भी किया।' उन्होंने भाग्यराज के परिवार, मित्रों, सहयोगियों और प्रशंसकों के प्रति गहरी संवेदनाएँ व्यक्त कीं।
के. भाग्यराज का सिनेमाई सफर
के. भाग्यराज का जन्म 7 जनवरी 1953 को तमिलनाडु के इरोड ज़िले के गोबिचेट्टीपलायम के निकट वेल्लांकोइल में हुआ था। वे मुख्यतः अपनी पटकथा लेखन कला और अनूठी कहानी कहने की शैली के लिए जाने जाते थे। उन्होंने दशकों तक तमिल सिनेमा में निर्देशक, निर्माता और अभिनेता के रूप में अपनी पहचान बनाई।
उनकी पत्नी पूर्णिमा भाग्यराज भी एक जानी-मानी अभिनेत्री हैं। भाग्यराज ने हिंदी सिनेमा में भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और 'वो सात दिन' तथा 'मिस्टर बेचारा' जैसी हिंदी फिल्मों का निर्माण एवं निर्देशन किया।
भारतीय सिनेमा को अपूरणीय क्षति
उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने अपनी पोस्ट में कहा, 'के. भाग्यराज का जाना भारतीय सिनेमा के लिए एक अपूरणीय क्षति है, लेकिन उनकी यादगार विरासत कलाकारों और सिनेमा प्रेमियों की पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।' गौरतलब है कि भाग्यराज ने न केवल फिल्में बनाईं, बल्कि नई पीढ़ी के फिल्मकारों को भी तराशा, जो उनकी सबसे बड़ी विरासत मानी जाती है।
आगे क्या
सिनेमा जगत, राजनीतिक हस्तियों और प्रशंसकों की ओर से श्रद्धांजलियों का सिलसिला जारी है। उनके परिवार ने अभी अंतिम संस्कार की तिथि की आधिकारिक घोषणा नहीं की है। के. भाग्यराज की फिल्में और उनकी पटकथा-शैली आने वाले वर्षों तक भारतीय सिनेमा को दिशा देती रहेंगी।