टैक्स बचत के लिए पीपीएफ, एसएसवाई और एनपीएस में निवेश का सुनहरा अवसर, 31 मार्च तक करें निवेश

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टैक्स बचत के लिए पीपीएफ, एसएसवाई और एनपीएस में निवेश का सुनहरा अवसर, 31 मार्च तक करें निवेश

सारांश

इस मार्च में टैक्स बचत का सही समय है। पीपीएफ, एसएसवाई और एनपीएस में निवेश करके भविष्य के लिए धन संचित करें और टैक्स छूट का लाभ उठाएं। जानें कैसे।

Key Takeaways

  • पीपीएफ में 1.5 लाख रुपए तक की टैक्स छूट
  • सुकन्या समृद्धि योजना में बेटियों के लिए बचत
  • एनपीएस में 1.5 लाख + 50,000 रुपए की टैक्स छूट
  • हर योजना में न्यूनतम निवेश की आवश्यकता
  • 31 मार्च तक का समय

नई दिल्ली, 9 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। यदि आप वर्ष के अंत में टैक्स योजना बनाने की सोच रहे हैं, तो यह महीना आपके लिए सर्वोत्तम है। इस दौरान आप पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ), सुकन्या समृद्धि योजना (एसएसवाई) और नेशनल पेंशन सिस्टम (एनपीएस) में निवेश कर न केवल भविष्य के लिए धन संचित कर सकते हैं, बल्कि टैक्स बचत भी कर सकते हैं।

पीपीएफ में निवेश करने से आप आसानी से टैक्स बचत कर सकते हैं। पुरानी टैक्स प्रणाली में, इनकम टैक्स एक्ट 1961 की धारा 80सी के तहत, पीपीएफ में 1.5 लाख रुपए तक के निवेश पर आप टैक्स छूट का दावा कर सकते हैं। हालांकि, नई टैक्स प्रणाली में इसका लाभ नहीं मिलता है।

अगर आपने इस वित्त वर्ष में पीपीएफ में कोई निवेश नहीं किया है, तो यह आपके लिए एक सुनहरा अवसर हो सकता है।

इसके अलावा, पीपीएफ खाते को सक्रिय रखने के लिए हर साल न्यूनतम 500 रुपए का निवेश करना आवश्यक है। यदि आप एक वित्त वर्ष में 500 रुपए का निवेश नहीं करते हैं, तो आपका पीपीएफ खाता निष्क्रिय हो सकता है।

सुकन्या समृद्धि योजना भी आपकी टैक्स योजना में सहायक हो सकती है। इस योजना के तहत खाता तभी खोला जा सकता है जब आप एक बेटी के अभिभावक हों।

इस योजना में, पुरानी टैक्स प्रणाली के तहत, इनकम टैक्स एक्ट, 1961 की धारा 80सी के अंतर्गत 1.5 लाख रुपए तक के निवेश पर आप टैक्स छूट का दावा कर सकते हैं।

इस योजना के लिए खाते को सक्रिय रखने के लिए एक वित्त वर्ष में न्यूनतम 250 रुपए का निवेश करना आवश्यक है।

एनपीएस भी टैक्स बचत में मदद कर सकता है। पुरानी टैक्स प्रणाली में एनपीएस में निवेश करने पर, आप इनकम टैक्स एक्ट, 1961 की धारा 80सी के तहत 1.5 लाख रुपए तक की टैक्स छूट का दावा कर सकते हैं। इसके अलावा, धारा 80सीसीडी (1बी) के तहत एनपीएस में निवेश पर 50,000 रुपए की अतिरिक्त टैक्स छूट भी प्राप्त कर सकते हैं।

नई टैक्स प्रणाली में, नियोक्ता द्वारा कर्मचारी के एनपीएस में योगदान पर कर लाभ मिलता है। यह कर्मचारी के मूल वेतन और महंगाई भत्ते (डीए) का अधिकतम 14 प्रतिशत हो सकता है। एनपीएस योजना के नियमों के अनुसार, प्रत्येक व्यक्ति को प्रति वित्तीय वर्ष न्यूनतम 1,000 रुपए जमा करने होते हैं।

Point of View

यह स्पष्ट है कि पीपीएफ, एसएसवाई और एनपीएस जैसे निवेश विकल्पों का चुनाव कर, हर व्यक्ति अपने टैक्स की योजना को बेहतर बना सकता है। यह अवसर न केवल आर्थिक रूप से लाभकारी है, बल्कि भविष्य के लिए भी सुरक्षित है।
NationPress
09/03/2026

Frequently Asked Questions

क्या पीपीएफ में निवेश टैक्स बचाने में मदद करता है?
जी हां, पीपीएफ में निवेश करने पर आप 1.5 लाख रुपए तक की टैक्स छूट का लाभ उठा सकते हैं।
सुकन्या समृद्धि योजना कौन खोल सकता है?
यह योजना केवल उनकी बेटियों के अभिभावकों के लिए है, जो अपनी बेटियों के भविष्य के लिए बचत करना चाहते हैं।
एनपीएस में कितनी टैक्स छूट मिलती है?
एनपीएस में 1.5 लाख रुपए तक की टैक्स छूट मिलती है, साथ ही 50,000 रुपए की अतिरिक्त छूट भी प्राप्त होती है।
क्या एनपीएस में नियोक्ता का योगदान टैक्स छूट में शामिल होता है?
हाँ, नियोक्ता द्वारा एनपीएस में योगदान पर भी टैक्स छूट प्राप्त होती है।
क्या पीपीएफ खाता निष्क्रिय हो सकता है?
अगर आप एक वित्त वर्ष में न्यूनतम 500 रुपए का निवेश नहीं करते हैं, तो आपका पीपीएफ खाता निष्क्रिय हो सकता है।
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