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बाजार की पाठशाला: टैक्स-फ्री निवेश से मोटी कमाई के बेहतरीन अवसर! पीपीएफ से लेकर ईएलएसएस तक

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बाजार की पाठशाला: टैक्स-फ्री निवेश से मोटी कमाई के बेहतरीन अवसर! पीपीएफ से लेकर ईएलएसएस तक

सारांश

क्या आप टैक्स-फ्री निवेश के विकल्प खोज रहे हैं? जानें कैसे पीपीएफ, सुकन्या समृद्धि योजना और ईएलएसएस से मोटी कमाई की जा सकती है।

मुख्य बातें

पीपीएफ : सुरक्षित दीर्घकालिक निवेश सुकन्या समृद्धि योजना : बेटियों के भविष्य के लिए ईएलएसएस : टैक्स बचाने का विकल्प जीवन बीमा : सीमित शर्तों पर टैक्स छूट गोल्ड मोनेटाइजेशन : टैक्स-फ्री ब्याज

नई दिल्ली, 9 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। यदि आप ऐसे निवेश विकल्प खोज रहे हैं, जिनमें रिटर्न पर कोई टैक्स न देना पड़े, तो भारत में कुछ विशेष योजनाएँ उपलब्ध हैं, जिनमें निवेश करके आप बिना टैक्स के अच्छी खासी राशि बना सकते हैं। सामान्यतः इक्विटी, गोल्ड, प्रॉपर्टी या अन्य निवेश साधनों पर मैच्योरिटी के समय टैक्स देना होता है, लेकिन कुछ विकल्प ऐसे हैं जो ईईई (एक्जेम्प्ट-एक्जेम्प्ट-एक्जेम्प्ट) श्रेणी में आते हैं। इसका मतलब है कि निवेश, ब्याज और मैच्योरिटी तीनों स्तरों पर टैक्स से पूर्ण छूट प्राप्त होती है।

विशेषज्ञों के अनुसार, सबसे प्रचलित विकल्पों में सार्वजनिक भविष्य निधि (पीपीएफ), सुकन्या समृद्धि योजना, कुछ जीवन बीमा पॉलिसियाँ और इक्विटी लिंक्ड सेविंग्स स्कीम (ईएलएसएस) शामिल हैं, जो निवेशकों को टैक्स बचाने के साथ-साथ सुरक्षित रिटर्न का अवसर प्रदान करते हैं।

पीपीएफ को दीर्घकालिक निवेश के लिए सबसे विश्वसनीय विकल्प माना जाता है। इसमें वार्षिक न्यूनतम 500 रुपए और अधिकतम 1.5 लाख रुपए तक का निवेश किया जा सकता है। इस योजना में 15 साल का लॉक-इन पीरियड होता है, जिसे 5-5 साल के ब्लॉक में बढ़ाया जा सकता है।

पीपीएफ पर मिलने वाला ब्याज पूरी तरह से टैक्स-फ्री होता है और वर्तमान में यह 7.1 प्रतिशत वार्षिक ब्याज प्रदान करता है। खास बात यह है कि इसमें जमा राशि न्यायालय के आदेश से भी सुरक्षित रहती है।

सुकन्या समृद्धि योजना विशेष रूप से बेटियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए शुरू की गई है। इस योजना के तहत 10 साल तक की बच्ची के नाम पर खाता खोला जा सकता है। इसमें 250 रुपए से लेकर 1.5 लाख रुपए तक का वार्षिक निवेश किया जा सकता है।

इस पर वर्तमान में 8.2 प्रतिशत का वार्षिक ब्याज मिलता है। 18 साल की उम्र में उच्च शिक्षा के लिए 50 प्रतिशत तक निकासी की सुविधा मिलती है और 21 साल में खाता मैच्योर होता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि ईएलएसएस भी उन निवेशकों के लिए एक बेहतरीन विकल्प है, जो टैक्स बचाना चाहते हैं और इक्विटी में निवेश करना चाहते हैं। इसमें 3 साल का लॉक-इन पीरियड होता है, जो सबसे कम है। हालांकि इसमें मिलने वाला रिटर्न बाजार पर निर्भर करता है। 1.25 लाख रुपए तक का मुनाफा टैक्स-फ्री होता है, लेकिन इससे अधिक लाभ पर 12.5 प्रतिशत लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स लगता है।

जीवन बीमा पॉलिसियाँ भी टैक्स छूट के लिए एक अच्छा विकल्प हैं, लेकिन इनमें कुछ शर्तें लागू होती हैं। पॉलिसी पर मिलने वाला भुगतान तभी टैक्स-फ्री होता है, जब प्रीमियम और सम एश्योर्ड का अनुपात निर्धारित सीमा के भीतर हो। इसके अलावा, नई शर्तों के तहत प्रीमियम की कुल सीमा भी निर्धारित की गई है, जिसे ध्यान में रखना आवश्यक है।

इसके अलावा, ईपीएफ और ग्रेच्युटी से मिलने वाली रकम भी कुछ शर्तों के साथ टैक्स-फ्री होती है। गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम और कुछ सरकारी बॉन्ड्स पर मिलने वाला ब्याज भी टैक्स से मुक्त रहता है।

इस प्रकार, यदि आप सुरक्षित और टैक्स-फ्री रिटर्न की तलाश में हैं, तो ये निवेश विकल्प आपके लिए उत्कृष्ट साबित हो सकते हैं। सही समय पर सही योजना का चुनाव करके आप न केवल टैक्स बचा सकते हैं, बल्कि लंबी अवधि में मजबूत फंड भी बना सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

निवेशकों को टैक्स-फ्री योजनाओं का लाभ उठाना चाहिए। इन विकल्पों की सही जानकारी से एक मजबूत वित्तीय भविष्य बनाया जा सकता है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीपीएफ में न्यूनतम और अधिकतम कितना निवेश किया जा सकता है?
पीपीएफ में न्यूनतम 500 रुपए और अधिकतम 1.5 लाख रुपए सालाना निवेश किया जा सकता है।
सुकन्या समृद्धि योजना का लाभ किसलिए है?
यह योजना बेटियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए है और इसमें 10 साल तक की बच्ची के नाम पर खाता खोला जा सकता है।
ईएलएसएस में निवेश का लाभ क्या है?
ईएलएसएस में टैक्स बचाने के साथ-साथ इक्विटी में निवेश करने का मौका मिलता है।
जीवन बीमा पॉलिसियों पर टैक्स छूट कैसे मिलती है?
जीवन बीमा पॉलिसियों पर टैक्स छूट तब मिलती है, जब प्रीमियम और सम एश्योर्ड का अनुपात निर्धारित सीमा के भीतर हो।
गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम का लाभ क्या है?
गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम पर मिलने वाला ब्याज भी टैक्स से मुक्त रहता है।
राष्ट्र प्रेस
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