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नोएडा में श्रमिकों के विरोध प्रदर्शनों का मदरसन समूह के परिचालन पर कोई प्रभाव नहीं

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नोएडा में श्रमिकों के विरोध प्रदर्शनों का मदरसन समूह के परिचालन पर कोई प्रभाव नहीं

सारांश

नोएडा में श्रमिकों के हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बावजूद, मदरसन ग्रुप ने कहा है कि उनके परिचालन पर कोई महत्वपूर्ण प्रभाव नहीं पड़ा है। कंपनी ने वेतन संशोधन से जुड़ी गलत सूचनाओं को इसका कारण बताया है। यह स्थिति श्रम मुद्दों की जटिलता को उजागर करती है।

मुख्य बातें

मदरसन ग्रुप का परिचालन सामान्य है।
वेतन संशोधन से जुड़ी गलत सूचनाएँ समस्या का मुख्य कारण हैं।
सरकार ने न्यूनतम मजदूरी में वृद्धि की है।
कंपनी ने कर्मचारियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी है।
अशांति के बावजूद कामकाज में कोई बाधा नहीं आई है।

नई दिल्ली, 14 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। ऑटो पार्ट्स निर्माण कंपनी समवर्धन मदरसन इंटरनेशनल लिमिटेड ने कहा है कि नोएडा में श्रमिकों के द्वारा वेतन से संबंधित मुद्दों पर किए गए हिंसक प्रदर्शन के बावजूद, उनके परिचालन पर कोई महत्वपूर्ण प्रभाव नहीं पड़ा है।

एक संयुक्त ब्यान में, मदरसन सुमी वायरिंग इंडिया लिमिटेड और समवर्धन मदरसन ऑटोमोटिव सिस्टम्स ग्रुप ने बताया कि व्यापारिक गतिविधियाँ सामान्य रूप से चल रही हैं, हालाँकि नोएडा के कुछ क्षेत्रों में अशांति के चलते कुछ आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएँ हुई हैं।

कंपनियों ने विरोध प्रदर्शनों का कारण वेतन संशोधन से जुड़ी गलत सूचनाओं को बताया और अपने कर्मचारियों को इस आंदोलन से दूर रहने के लिए प्रेरित किया।

कंपनी ने अपने नियामक दस्तावेज में कहा, "यह एक व्यापक श्रम समस्या है जो नोएडा और अन्य शहरों के विभिन्न उद्योगों को प्रभावित कर रही है, और यह वेतन संशोधन के संबंध में फैलाई जा रहीं गलत सूचनाओं के कारण उत्पन्न हुई है।"

कंपनी ने आगे कहा, "हमारी गतिविधियाँ सभी लागू कानूनों के अनुसार हैं और इसका कंपनी पर कोई महत्वपूर्ण प्रभाव नहीं पड़ा है।"

नोएडा के दो प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों, सेक्टर 62 और सेक्टर 84 में समूह की इकाइयों के पास विरोध प्रदर्शन की घटनाएँ दर्ज की गई हैं।

कंपनियों ने कहा कि कामकाज सामान्य रूप से चल रहा है, लेकिन सूत्रों के अनुसार, कुछ इकाइयाँ एहतियात के तौर पर एक-दो दिन के लिए बंद रह सकती हैं।

हालांकि, कंपनियों ने यह पुष्टि नहीं की कि उनके कर्मचारी सीधे तौर पर विरोध प्रदर्शनों में शामिल थे या नहीं।

बयान में कहा गया, "हमारा कामकाज सभी लागू कानूनों के अनुरूप है और इसका कंपनी पर कोई खास असर नहीं पड़ा है। हमारे कर्मचारियों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। अधिकारी उद्योग के साथ मिलकर काम कर रहे हैं ताकि स्थिति को जल्द से जल्द सामान्य किया जा सके।"

अशांति के बीच, उत्तर प्रदेश सरकार ने सभी श्रेणियों के श्रमिकों के लिए न्यूनतम मजदूरी में अंतरिम वृद्धि की घोषणा की।

1 अप्रैल, 2026 से लागू होने वाली संशोधित मजदूरी से अकुशल, अर्ध-कुशल और कुशल श्रमिकों को लाभ मिलेगा।

सरकार के अनुसार, नोएडा और गाजियाबाद के श्रमिकों को सबसे अधिक 21 प्रतिशत की वृद्धि मिलेगी, जबकि अन्य नगर निगम क्षेत्रों के श्रमिकों को लगभग 15 प्रतिशत की वृद्धि मिलेगी।

राज्य सरकार ने सोशल मीडिया पर चल रही उन अफवाहों को भी खारिज किया है जिनमें 20,000 रुपये के एक समान न्यूनतम वेतन की बात कही गई थी। सरकार ने इन अफवाहों को भ्रामक बताते हुए स्पष्ट किया कि राज्य स्तर पर ऐसा कोई वेतन निर्धारित नहीं किया गया है।

सरकार ने आगे कहा कि संशोधित अंतरिम वेतन में मूल वेतन और महंगाई भत्ता दोनों शामिल होंगे, जो विभिन्न जिलों में भिन्न-भिन्न होंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन कंपनी का यह आश्वासन कि उनके परिचालन पर कोई असर नहीं पड़ा, श्रमिकों के अधिकारों और वेतन व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता को भी उजागर करता है।
RashtraPress
18 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या नोएडा में श्रमिकों के प्रदर्शन का मदरसन ग्रुप पर कोई असर पड़ा?
मदरसन ग्रुप ने कहा है कि श्रमिकों के विरोध प्रदर्शनों का उनके परिचालन पर कोई महत्वपूर्ण प्रभाव नहीं पड़ा है।
सरकार ने न्यूनतम मजदूरी में कितनी वृद्धि की है?
सरकार ने न्यूनतम मजदूरी में अंतरिम वृद्धि की घोषणा की है, जिसमें नोएडा और गाजियाबाद के श्रमिकों को 21 प्रतिशत की वृद्धि मिलेगी।
मदरसन ग्रुप ने विरोध प्रदर्शनों के बारे में क्या कहा?
कंपनी ने कहा है कि विरोध प्रदर्शनों का कारण वेतन संशोधन से संबंधित गलत सूचनाएँ हैं।
क्या श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर कोई चिंता है?
कंपनी ने कहा है कि उनके कर्मचारियों की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
क्या कंपनी ने अपने कर्मचारियों की भागीदारी की पुष्टि की है?
कंपनी ने यह पुष्टि नहीं की कि उनके कर्मचारी विरोध प्रदर्शनों में शामिल थे या नहीं।
राष्ट्र प्रेस
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