अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस: महिलाओं के लिए विशेष सरकारी योजनाएं, ब्याज दर 8.2%25 तक
सारांश
Key Takeaways
- सुकन्या समृद्धि योजना: 8.2%25 ब्याज, बेटियों के लिए शिक्षा और स्वास्थ्य को बढ़ावा।
- महिला सम्मान बचत पत्र योजना: 7.5%25 ब्याज, महिलाओं को बचत के लिए प्रेरित करती है।
- लखपति दीदी योजना: ग्रामीण महिलाओं के लिए आर्थिक सशक्तीकरण।
- प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना: स्वच्छ ईंधन के लिए मुफ्त एलपीजी कनेक्शन।
- महिलाओं की भागीदारी: सरकारी योजनाओं से बढ़ रही है।
नई दिल्ली, 8 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। केंद्र सरकार ने महिलाओं के लिए कई विशेष योजनाएं लागू की हैं, ताकि समाज में उनकी भागीदारी को बढ़ावा मिले। इसके साथ ही, यह योजनाएं उन्हें आर्थिक विकास में ज्यादा योगदान करने का अवसर देती हैं।
इस अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर हम उन सरकारी योजनाओं की जानकारी दे रहे हैं, जो विशेष रूप से महिलाओं और लड़कियों के लिए लाभकारी हैं।
सुकन्या समृद्धि योजना को 2015 में 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ मिशन' के तहत शुरू किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य केवल धन संचय करना नहीं है, बल्कि परिवारों को उनकी बेटियों की शिक्षा, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता के लिए समय रहते योजना बनाने के लिए प्रेरित करना है। इस योजना के अंतर्गत सरकार द्वारा 8.2 प्रतिशत का ब्याज दिया जा रहा है, जो सरकारी योजनाओं में सबसे ऊँचा है।
यह योजना खासकर बेटियों की पढ़ाई और विवाह के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने हेतु बनाई गई है। इसके माध्यम से लड़कियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में मदद मिलती है।
बेटी के माता-पिता या कानूनी अभिभावक किसी भी डाकघर या अधिकृत बैंक शाखा में सुकन्या समृद्धि खाता खोल सकते हैं। यह खाता लड़की के जन्म से लेकर 10 साल की उम्र तक खोला जा सकता है।
एक परिवार में अधिकतम दो खाते खोले जा सकते हैं, हालांकि जुड़वां या तीन बच्चों के मामले में छूट मिलती है। यह खाता पूरे भारत में ट्रांसफर किया जा सकता है। 18 साल की उम्र तक खाता अभिभावक द्वारा संचालित होता है, उसके बाद बेटी इसे स्वयं चला सकती है।
सुकन्या खाता खोलने के लिए खाता खोलने का फॉर्म, बेटी का जन्म प्रमाण पत्र, आधार नंबर और पैन कार्ड या फॉर्म 60 की आवश्यकता होती है।
महिला सम्मान बचत पत्र योजना केवल महिलाओं के लिए एक विशेष बचत योजना है। इसमें महिलाएं अधिकतम 2 लाख रुपए तक निवेश कर सकती हैं और इस पर लगभग 7.5 प्रतिशत की ब्याज दर प्राप्त होती है। यह एक सुरक्षित निवेश विकल्प है, जिसमें दो साल की अवधि के बाद पैसा और ब्याज दोनों मिल जाते हैं। इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को बचत के लिए प्रेरित करना है।
लखपति दीदी योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। इस योजना के तहत स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) से जुड़ी महिलाओं को प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और अन्य संसाधनों की मदद दी जाती है। इसका लक्ष्य महिलाओं को इतना सक्षम बनाना है कि वे सालाना एक लाख रुपए या उससे अधिक की आय अर्जित कर सकें। इससे ग्रामीण महिलाओं को रोजगार और आत्मनिर्भरता का अवसर मिलता है।
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का उद्देश्य गरीब परिवारों की महिलाओं को स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराना है। इस योजना के तहत योग्य महिलाओं को मुफ्त एलपीजी गैस कनेक्शन दिया जाता है। इससे महिलाओं को लकड़ी या कोयले के चूल्हे के धुएं से होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं से राहत मिलती है। साथ ही, इसका समय और श्रम भी बचता है। अब तक इस योजना के अंतर्गत 10 करोड़ से अधिक एलपीजी सिलेंडर वितरित किए जा चुके हैं।