11 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

गडकरी ने तिरुवरूर बाईपास और 2 आरओबी के लिए ₹1,427.61 करोड़ मंजूर किए, NH-83 पर 14.9 किमी 4-लेन सड़क बनेगी

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
गडकरी ने तिरुवरूर बाईपास और 2 आरओबी के लिए ₹1,427.61 करोड़ मंजूर किए, NH-83 पर 14.9 किमी 4-लेन सड़क बनेगी

सारांश

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने तमिलनाडु के NH-83 पर 14.9 किमी लंबे 4-लेन तिरुवरूर बाईपास और 2 अतिरिक्त आरओबी के लिए ₹1,427.61 करोड़ की मंजूरी दी। यह परियोजना औद्योगिक केंद्रों को बंदरगाह शहरों से जोड़ेगी और यात्रा समय 15 मिनट तक घटाएगी।

मुख्य बातें

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने ₹1,427.61 करोड़ की तिरुवरूर बाईपास परियोजना को मंजूरी दी।
परियोजना एनएच-83 के नागपट्टिनम-तंजावुर खंड पर 14.9 किलोमीटर लंबी 4-लेन सड़क बनाएगी।
एनएच-129ए और एनएच-134ए पर 2 अतिरिक्त रोड ओवर ब्रिज (आरओबी) भी इसी परियोजना में शामिल हैं।
परियोजना तिरुचिरापल्ली और कोयंबटूर को कराईकल और नागपट्टिनम से जोड़ेगी, क्षेत्रीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।
यात्रा समय लगभग 15 मिनट तक घटने और तिरुवरूर शहर में भीड़भाड़ कम होने का अनुमान है।
पंजाब में 4,335 किमी और दिल्ली-हरियाणा में 3,332 किमी राजमार्ग परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई।

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने तमिलनाडु में एनएच-83 के नागपट्टिनम-तंजावुर खंड पर 14.9 किलोमीटर लंबे 4-लेन तिरुवरूर बाईपास के निर्माण के लिए ₹1,427.61 करोड़ की राशि स्वीकृत की है। 26 मई 2026 को सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, इस परियोजना में एनएच-129ए और एनएच-134ए पर 2 अतिरिक्त रोड ओवर ब्रिज (आरओबी) का निर्माण भी शामिल है।

परियोजना का विस्तृत मार्ग

मंत्रालय के बयान के अनुसार, यह बाईपास आदियाक्कमंगलम-तंडलाई से शुरू होकर अतिपुलियूर, अंडीपलायम, किदारमकोंडान, पल्लीवरमंगलम, पेरुम्पुगलुर, इलावंगारकुडी और अनाइवादपति कॉलोनी सहित प्रमुख स्थानों से होते हुए गुजरेगा। यह मार्ग एसएच-23, एसएच-65 और पूजनीय त्यागराज स्वामी मंदिर से बेहतर संपर्क स्थापित करने में भी सहायक होगा।

आर्थिक और यातायात लाभ

मंत्रालय के अनुसार, यह रणनीतिक परियोजना तिरुचिरापल्ली और कोयंबटूर जैसे प्रमुख औद्योगिक केंद्रों को कराईकल और नागपट्टिनम जैसे बंदरगाह शहरों से जोड़ेगी, जिससे क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को बल मिलेगा। परियोजना पूरी होने पर तिरुवरूर शहर में यातायात की भीड़भाड़ में उल्लेखनीय कमी आएगी और यात्रा समय लगभग 15 मिनट तक घटने का अनुमान है।

घनी आबादी वाले और वाणिज्यिक क्षेत्रों से यातायात को इस बाईपास की ओर मोड़ने से सड़क सुरक्षा में भी सुधार होने की उम्मीद है। गौरतलब है कि तिरुवरूर जिला तमिलनाडु के कावेरी डेल्टा क्षेत्र का हिस्सा है, जहाँ कृषि और धार्मिक पर्यटन दोनों की दृष्टि से यातायात दबाव लंबे समय से एक चुनौती रही है।

गडकरी का एक्स पर ऐलान

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि तमिलनाडु में एनएच-83 के नागपट्टिनम-तंजावुर खंड पर 14.9 किलोमीटर लंबे 4-लेन तिरुवरूर बाईपास के निर्माण के साथ ही एनएच-129ए और एनएच-134ए पर 2 अतिरिक्त आरओबी के निर्माण के लिए ₹1,427.61 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है।

राजमार्ग समीक्षा बैठक

इसके अतिरिक्त, मंत्री गडकरी ने नई दिल्ली में आयोजित एक समीक्षा बैठक में पंजाब में 4,335 किलोमीटर और दिल्ली एवं हरियाणा में 3,332 किलोमीटर की राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की गुणवत्ता और रखरखाव की प्रगति की समीक्षा की। इस बैठक में केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टम्टा और हर्ष मल्होत्रा, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के वरिष्ठ अधिकारी तथा परियोजना ठेकेदार शामिल हुए।

आगे की राह

यह परियोजना तमिलनाडु में केंद्र सरकार के राजमार्ग विस्तार अभियान की कड़ी में एक महत्वपूर्ण कदम है। स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण कार्य की समयसीमा और ठेकेदार चयन की प्रक्रिया जल्द शुरू होने की उम्मीद है, जिससे क्षेत्र के लाखों निवासियों और व्यापारियों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

427.61 करोड़ की यह स्वीकृति तमिलनाडु के लिए केंद्र के राजमार्ग निवेश की निरंतरता दर्शाती है, लेकिन असली परीक्षा क्रियान्वयन की गति होगी — कावेरी डेल्टा क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण और पर्यावरणीय मंजूरियाँ अक्सर परियोजनाओं में देरी का कारण बनती हैं। बंदरगाह शहरों और औद्योगिक केंद्रों के बीच संपर्क सुधारने का तर्क ठोस है, परंतु 'यात्रा समय 15 मिनट घटेगा' जैसे दावों का सत्यापन निर्माण पूरा होने के बाद ही संभव होगा। पंजाब, दिल्ली और हरियाणा की राजमार्ग परियोजनाओं की एकसाथ समीक्षा यह भी संकेत देती है कि मंत्रालय बहु-राज्यीय निगरानी को केंद्रीकृत कर रहा है — एक सकारात्मक कदम, बशर्ते जवाबदेही तंत्र पारदर्शी हो।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तिरुवरूर बाईपास परियोजना क्या है और इसकी लागत कितनी है?
तिरुवरूर बाईपास परियोजना तमिलनाडु में एनएच-83 के नागपट्टिनम-तंजावुर खंड पर 14.9 किलोमीटर लंबी 4-लेन सड़क के निर्माण की योजना है, जिसके लिए ₹1,427.61 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं। इसमें एनएच-129ए और एनएच-134ए पर 2 अतिरिक्त रोड ओवर ब्रिज भी शामिल हैं।
इस परियोजना से तिरुवरूर के लोगों को क्या फायदा होगा?
परियोजना पूरी होने पर तिरुवरूर शहर में यातायात की भीड़भाड़ काफी हद तक कम होगी और यात्रा समय लगभग 15 मिनट तक घटने का अनुमान है। घनी आबादी वाले और वाणिज्यिक क्षेत्रों से यातायात बाईपास की ओर मुड़ने से सड़क सुरक्षा में भी सुधार होगा।
यह बाईपास किन शहरों और स्थानों को जोड़ेगा?
यह बाईपास तिरुचिरापल्ली और कोयंबटूर जैसे प्रमुख औद्योगिक केंद्रों को कराईकल और नागपट्टिनम जैसे बंदरगाह शहरों से जोड़ेगा। मार्ग आदियाक्कमंगलम-तंडलाई से शुरू होकर अतिपुलियूर, अंडीपलायम, किदारमकोंडान, पल्लीवरमंगलम, पेरुम्पुगलुर, इलावंगारकुडी और अनाइवादपति कॉलोनी से होते हुए गुजरेगा।
समीक्षा बैठक में पंजाब, दिल्ली और हरियाणा की कितनी किलोमीटर परियोजनाओं की समीक्षा हुई?
नई दिल्ली में आयोजित समीक्षा बैठक में पंजाब की 4,335 किलोमीटर और दिल्ली एवं हरियाणा की 3,332 किलोमीटर की राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की गुणवत्ता और रखरखाव प्रगति की समीक्षा की गई। इस बैठक में राज्य मंत्री अजय टम्टा, हर्ष मल्होत्रा और NHAI के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
तिरुवरूर बाईपास का धार्मिक पर्यटन से क्या संबंध है?
मंत्रालय के बयान के अनुसार, यह बाईपास पूजनीय त्यागराज स्वामी मंदिर तक बेहतर पहुँच सुनिश्चित करेगा और एसएच-23 तथा एसएच-65 से भी संपर्क बेहतर होगा। इससे धार्मिक पर्यटन और स्थानीय इन्फ्रास्ट्रक्चर दोनों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 1 साल पहले