गडकरी ने संत तुकाराम पालखी मार्ग का निरीक्षण किया, ₹4,416 करोड़ का ग्रीन हाईवे दिसंबर तक होगा तैयार
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने 15 मई 2026 को इंदापुर में संत तुकाराम महाराज पालखी मार्ग (राष्ट्रीय राजमार्ग-965 जी) का स्थलीय निरीक्षण किया। महाराष्ट्र के कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे, विधायक राहुल कोल्हे, पूर्व विधायक हर्षवर्द्धन पाटिल और अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ उन्होंने बस से पूरे निर्माण खंड का जायजा लिया। गडकरी ने बताया कि ₹4,416 करोड़ की इस परियोजना का करीब 80 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है और शेष काम दिसंबर 2026 तक संपन्न होने की संभावना है।
परियोजना की संरचना और प्रगति
देहू से पंढरपुर तक फैला यह मार्ग 130 किलोमीटर लंबा है और पुणे तथा सोलापुर जिलों को जोड़ता है। परियोजना को तीन पैकेजों में बाँटा गया है। पटस-बारामती खंड पूरी तरह तैयार हो चुका है, बारामती-इंदापुर खंड 84 प्रतिशत और इंदापुर-टोंडाले खंड 96 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है। गडकरी ने कहा कि शेष कार्य तेज़ गति से जारी है।
यह मार्ग बारामती, भिगवन, अकलूज और शिरपुर जैसे क्षेत्रों को बाईपास करते हुए तीर्थयात्रियों को तेज़ और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करेगा। पैदल वारकरियों के लिए अलग पैदल मार्ग, आधुनिक पुल, अंडरपास और बाईपास की विशेष व्यवस्था की गई है।
आस्था और पर्यावरण का संगम
गडकरी ने इस राजमार्ग को 'ग्रीन हाईवे' की संज्ञा दी। उन्होंने कहा, 'भगवान विट्ठल हमारे महाराष्ट्र के आराध्य देव हैं। संत ज्ञानेश्वर महाराज और संत तुकाराम महाराज हमारी सांस्कृतिक प्रेरणा हैं। यह एक रोड नहीं, बल्कि आस्था का मार्ग है। इसीलिए हम इसे स्वाभाविक रूप से ग्रीन हाईवे बना रहे हैं ताकि यात्रियों को कोई तकलीफ न हो और वे आनंदपूर्वक पंढरपुर पहुँचें।'
पर्यावरण संरक्षण के तहत निर्माण के दौरान प्रभावित 400 से अधिक पेड़ों को सफलतापूर्वक ट्रांसप्लांट किया गया है। सड़क के दोनों ओर स्थानीय छायादार प्रजातियों के पेड़ लगाए गए हैं। इसके अलावा राजमार्ग के किनारे 25 तालाबों को गहरा किया गया है, जिससे आसपास के 25 गाँवों में जल संरक्षण को बल मिलेगा। हिंगनगांव और कनेरी क्षेत्र में वन्यजीवों की सुरक्षित आवाजाही के लिए विशेष अंडरपास बनाए गए हैं।
एक्स पर मंत्री की पोस्ट
गडकरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'संत तुकाराम महाराज पालखी मार्ग का निरीक्षण। हर साल विट्ठल भक्ति में लाखों वारकरी पंढरपुर यात्रा पर निकलते हैं। उनकी तीर्थयात्रा को आरामदायक बनाने के लिए यह पुनर्विकास किया जा रहा है।' यह पोस्ट निरीक्षण दौरे के तुरंत बाद साझा की गई।
आम जनता और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर असर
गडकरी ने बताया कि परियोजना में कुल खर्च का करीब 50 प्रतिशत रोज़गार सृजन पर हो रहा है। निर्माण पूरा होने के बाद होटल, ढाबा, परिवहन और पर्यटन से जुड़े अनेक छोटे उद्यम फलेंगे-फूलेंगे। संत ज्ञानेश्वर महाराज पालखी मार्ग (एनएच-965) के साथ मिलकर यह परियोजना लाखों श्रद्धालुओं की आषाढ़ी और कार्तिकी वारी को और अधिक सुगम बनाएगी।
स्थानीय किसान, व्यापारी और वारकरी समुदाय इस परियोजना को महाराष्ट्र के विकास का नया अध्याय मान रहे हैं। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में तीर्थ पर्यटन को बढ़ावा देने की व्यापक कोशिशें चल रही हैं। दिसंबर तक पूर्ण होने पर यह ग्रीन हाईवे आस्था, पर्यावरण और विकास का अनूठा प्रतीक बनेगा।