बवाना एलिवेटेड कॉरिडोर: मंत्री रविंद्र इंद्राज सिंह ने PWD को दिए ग्रामीण कनेक्टिविटी के सुझाव
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली के बवाना विधानसभा क्षेत्र से विधायक और कैबिनेट मंत्री रविंद्र इंद्राज सिंह ने 24 अगस्त 2026 को दिल्ली सचिवालय में लोक निर्माण विभाग (PWD) के साथ हुई बैठक में क्षेत्र की प्रस्तावित सड़क एवं कनेक्टिविटी परियोजनाओं को लेकर महत्वपूर्ण सुझाव रखे। बैठक में मुख्य रूप से कंझावला-मंगोलपुरी एलिवेटेड कॉरिडोर और बवाना क्षेत्र में सहायक ड्रेनेज चैनल के ऊपर प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर पर चर्चा हुई।
परियोजना का विवरण
प्रस्तावित कंझावला-मंगोलपुरी एलिवेटेड कॉरिडोर की कुल लंबाई लगभग 11.70 किलोमीटर होगी। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य पश्चिमी और उत्तर-पश्चिमी दिल्ली की प्रमुख सड़कों पर यातायात का दबाव कम करना तथा परिवहन व्यवस्था को अधिक सुगम बनाना है। बैठक में दिल्ली के बाहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क अवसंरचना को सुदृढ़ करने पर विशेष जोर दिया गया।
मंत्री के मुख्य सुझाव
मंत्री रविंद्र इंद्राज सिंह ने PWD अधिकारियों के समक्ष स्पष्ट किया कि बवाना विधानसभा क्षेत्र में बड़ी संख्या में गाँव और ग्रामीण आबादी निवास करती है, इसलिए बड़ी अवसंरचना परियोजनाओं की योजना बनाते समय स्थानीय गाँवों की कनेक्टिविटी को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि प्रस्तावित कॉरिडोर में गाँवों और स्थानीय क्षेत्रों के लिए उचित एंट्री-एग्जिट व्यवस्था, पर्याप्त संपर्क मार्ग, यातायात सुरक्षा उपाय और पैदल यात्रियों के लिए सुविधाएँ सुनिश्चित की जाएँ।
मंत्री ने इस बात पर भी बल दिया कि परियोजना का लाभ केवल मुख्य कॉरिडोर से गुज़रने वाले यातायात तक सीमित न रहे, बल्कि आसपास के गाँवों और स्थानीय निवासियों की आवाजाही भी बेहतर हो। उन्होंने निर्माण कार्य के दौरान स्थानीय आवागमन पर न्यूनतम प्रतिकूल प्रभाव सुनिश्चित करने के लिए चरणबद्ध निर्माण योजना तैयार करने का भी सुझाव दिया।
भविष्य की ज़रूरतों का आकलन
रविंद्र इंद्राज सिंह ने भविष्य में यातायात बढ़ने की संभावना को ध्यान में रखते हुए कॉरिडोर की क्षमता और कनेक्टिविटी का समुचित आकलन करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि बवाना, कंझावला और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों को लंबे समय से बेहतर सड़क संपर्क की दरकार रही है, और इन परियोजनाओं का स्थानीय ज़रूरतों के अनुरूप विकास क्षेत्र के संतुलित विकास की दिशा में एक अहम कदम होगा।
PWD को निर्देश
मंत्री ने PWD अधिकारियों को निर्देश दिए कि विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) के आगामी क्रियान्वयन चरणों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सुझावों और क्षेत्र की वास्तविक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए परियोजना को अंतिम रूप दिया जाए। उन्होंने कहा कि ऐसा करने से यह परियोजना बवाना विधानसभा क्षेत्र के साथ-साथ समूची बाहरी दिल्ली के निवासियों को लाभ पहुँचाएगी।
आगे की राह
यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब दिल्ली सरकार बाहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढाँचे के विस्तार पर ध्यान केंद्रित कर रही है। गौरतलब है कि बवाना और कंझावला जैसे क्षेत्र औद्योगिक और आवासीय विस्तार के कारण बढ़ते यातायात दबाव का सामना कर रहे हैं। DPR के अगले चरण और क्रियान्वयन की समयसीमा अभी तय होनी बाकी है।